आरोपी को बचा रही यूपी पुलिस: न्यूज एंकर की फरारी पर बोले सीएम- भाजपा अपने हिसाब से एजेंडा चलाना चाह रही
रायपुर। न्यूज एंकर की फरारी के मामले में सीएम भूपेश बघेल ने यूपी पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया है। मीडिया से चर्चा में सीएम ने कहा कि उन्हें सहयोग करना था, लेकिन यहां आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। न्यायालय के किसी भी आदेश को भाजपा नहीं मानती है। अभी जिस प्रकार से दिल्ली पुलिस पकड़ने गई थी, उसमें बाधा उत्पन्न किए। नुपुर शर्मा केस में जिस प्रकार सुप्रीम कोर्ट का बयान आया है, उसमें भाजपा समर्थित लोग किस प्रकार निर्णय को ट्रोल किए हैं। ये न्यायालय को नहीं मानते हैं। संविधान को कमजोर करना चाहते हैं। ये अपने हिसाब से एजेंडा चलाना चाहते हैं।
भेंट मुलाकात के लिए तीन दिन के दौरे से लौटे सीएम बघेल ने रसोई गैस के दाम बढ़ने पर कहा कि यह तो जनता को समझना होगा कि ये (भाजपा) वोट किसी और मुद्दे पर मांगते हैं और काम कुछ और करते हैं। जनता को इस बात को समझना होगा कि ये सरकार जो बैठी है केंद्र में, उसे सरकार चलाना नहीं आता। ट्रेन चला नहीं पा रहे हैं। एयरपोर्ट संचालित नहीं कर पा रहे हैं। सार्वजनिक उपक्रम संचालित नहीं कर पा रहे हैं। पॉवर प्लांट को कोयला उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। नौजवानों को रोजगार उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। अग्निवीर लाना इसका जीता जागता उदाहरण है। केंद्र सरकार पूरी तरह से आम जनता की कसौटी में असफल रही है।
सीएम ने कहा कि सरगुजा, बिलासपुर और बस्तर संभाग में बारिश अच्छी हुई है, लेकिन रायपुर और दुर्ग संभाग में बारिश कम हुई है। यह चिंता का विषय है। इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
गोधन न्याय योजना में अभी और काम करने की आवश्यकता है। गौठान हम लोग बनाए हैं। अभी सक्रिय गौठान की संख्या बढ़ी है। गोबर विक्रेताओं की संख्या बढ़ी है। वर्मी कम्पोस्ट की मात्रा में वृद्धि हुई है। इसे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में हम लोग विकसित कर रहे हैं, ताकि लोगों को हर प्रकार से रोजगार मिल सके। दाल मिल भी है, तेल मिल भी लगा रहे हैं। बकरीपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन भी कर रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके। एक तरफ कांग्रेस की सरकार है, जो लोगों की आय में वृद्धि कर रही है, दूसरी ओर भाजपा की सरकार है, जो गैस के दाम बढ़ा रही है, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा रही है। खाद की कीमतें बढ़ा रही है। कोयला संकट पैदा कर रहे हैं। हम पैसा डालने का काम कर रहे हैं। वे जेब से पैसा निकालने का काम कर रहे हैं।