कोरोना- बड़ी खबर: भारत में कोरोना से 47 लाख लोगों की हुई मौत, WHO की रिपोर्ट में खुलासा...

Update: 2022-05-05 15:49 GMT

नईदिल्ली 5 मई 2022। विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO) दावा किया है कि भारत मे कोरोना से 47 लाख मौतें हुई हैं। डब्ल्यूएचओ का आकलन है कि कोरोना महामारी के कारण अभी तक दुनिया में क़रीब डेढ़ करोड़ लोगों की मौत हुई है। ये आँकड़ा दो साल में कोविड के कारण हुई मौतों की तुलना में 13 प्रतिशत ज़्यादा है। WHO ने जो आंकड़ा जारी किया है उसमें और स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में जमीन आसमान का फर्क है। WHO का कहना है कि 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2021 के बीच 47 लाख लोगों की मौत हो गई।

WHO के अनुमान पर भारत सरकार ने गुरुवार को अपना विरोध जताया है। WHO को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने कहा है कि अधिक मृत्यु दर अनुमानों को पेश करने के लिए गणितीय मॉडल के इस्तेमाल पर भारत की कड़ी आपत्ति जताए जाने के बावजूद WHO ने अतिरिक्त मृत्यु दर का अनुमान जारी किया है। साथ ही सरकार ने कहा कि WHO ने इन अनुमानों को जारी करते वक्त सरकार की चिंताओं पर काम नहीं किया।

भारत के मुताबिक जिस तकनीक या मॉडल के जरिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये आंकड़े इकट्ठा किए हैं, वो ठीक नहीं है। जारी बयान में कहा गया कि भारत की आपत्तियों के बावजूद भी WHO ने पुरानी तकनील और मॉडल के जरिए मौत के आंकड़े जारी कर दिए हैं, भारत की चिंताओं पर सही तरीके से गौर नहीं किया गया। सरकार ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) का ये डेटा पूरी तरह से वास्तविकता से परे है।उनका डेटा संकलन न तो किसी सांख्यिकी मॉडल और न ही किसी वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है।

सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि WHO द्वारा जो आंकड़े जारी किए गए हैं वो सिर्फ 17 राज्यों को लेकर है. केंद्र के मुताबिक वो कौन से राज्य हैं, WHO द्वारा लंबे समय तक वो भी स्पष्ट नहीं किया गया था। अभी ये भी नहीं पता है कि कब ये आंकड़े इकट्ठा किए गए थे। इसके अलावा सरकार ने इस बात पर भी आपत्ति दर्ज करवाई कि WHO ने मैथमेटिकल मॉडल का इस्तेमाल कर आंकड़े जुटाए, जबकि भारत द्वारा हाल ही में विश्वनीय CSR रिपोर्ट जारी की गई।

डब्लूएचओ का कहना है कि दुनियाभर में होने वाली मौतों की सही गिनती नहीं की गई है। भारत में जो गिनती की गई है उससे लगभग 10 गुना ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

बताते चलें कि डब्लूएचओ ने यह आकलन जिस मेथड से दिया है उसे एक्सेस डेथ कहा जाता है। इस मेथड में महामारी से जूझने वाले क्षेत्र की मृत्यु दर के आधार पर आकलन किया जाता है कि कितने लोगों की मौत हुई होगी।

WHO के डायरेक्टर जनरल ने कहा, यह आंकड़ा न केवल महामारी के प्रभाव के बारे में बताता है बल्कि देशों को इससे सीख लेनी चाहिए कि वे अपने स्वास्थ्य तंत्र को बेहतर करें। संकट के समय में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं ही मानवता की रक्षा कर सकती हैं। जिस अवधि में WHO ने 47 लाख मौतों का आकलन किया है उसमें सरकारी आंकड़े केवल 5.2 लाख मौत का दावा करते हैं। 

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