Teacher News, Online Attendence, VSK App: VSK App का कड़वा सच‌‌!‌‌ 71% शिक्षकों ने डाउनलोड किया विद्या समीक्षा एप, अटेंडेंस लगा रहे सिर्फ 24%

Teacher News, Online Attendence, VSK App: विद्या समीक्षा केंद्र एप VSK App का कड़वा सच सामने आ गया है। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन अटेंडेंस की स्थिति बेहद खराब है। ऑनलाइन अटेंडेंस को लकर स्कूल शिक्षा विभाग और शिक्षक अब आमने-सामने आ गए हैं। अब तो राज्य सरकार ने सैलेरी ब्रेक करने का फरमान भी जारी कर दिया है। राज्य सराकर द्वारा जारी डेडलाइन भी खत्म होने को है। चार्ट में देखिए ऑनलाइन अटेंडेंस का सच।

Update: 2026-01-22 08:54 GMT

Vidya Samiksha App: रायपुर। राज्य सरकार के निर्देश पर गौर करें, वीएसके एप डाउनलोड करना अनिवार्य है। जितना एप डाउनलोड करना उतना ही जरुरी ऑनलाइन अटेंडेंस को भी कर दिया है। अब तो राज्य सरकार ने फरमान जारी कर दिया है कि ऑनलाइन अटेंडेंस से ही शिक्षक व कर्मचारियों की सैलेरी बनेगी। ऑनलाइन अटेंडेंस में जितनी हाजिरी होगी, उसी के अनुसार वेतन बनेगा। एप और अटेंडेंस को लेकर अब शिक्षक व सरकार आमने-सामने है। प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन अटेंडेंस का आंकड़ा देखें तो बेहद चाैंकाना वाला है। एक दर्जन ऐसे जिले हैं जहां स्थिति बेहद खराब है। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में और भी निराशाजनक। यहां सिर्फ दो फीसदी शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेस लगा रहे हैं।

आंकड़ों से साफ है कि ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। 71 फीसदी शिक्षकों ने एप डाउनलोड कर लिया है। अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षकों की संख्या मात्र 24 प्रतिशत ही है। प्रदेश के 1,77611 शिक्षकों में 71 % ने विद्या समीक्षा एप डॉउनलोड कर लिया है लेकिन 24 % ही ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। न्यायधानी बिलासपुर पर नजर डालें तो एप में 47% शिक्षकों का पंजीयन है, रजिस्ट्रेशन के मुकाबले मात्र 6% शिक्षक ही ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। जिले के 8, 686 शिक्षकों में 4,550 ने पंजीयन से अब तक दूरी बनाकर रखा है। मुंगेली जिले की स्थिति तो और भी बदतर है। यहांसबसे कम 2% शिक्षक ही ऑन लाइन हाजिरी लगा रहे हैं।

इन जिलों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब

जिलेलवार जारी रिपोर्ट में मुंगेली, सक्ती, गरियाबंद, बिलासपुर, दुर्ग,कोरबा, कवर्धा, बेमेतरा, बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में 10% से भी कम शिक्षक विद्या समीक्षा ऐप के माध्यम से हाजिरी लगा रहे हैं। इन जिलों की स्थिति बेहद ही निराशाजनक है।

डेडलाइन हो रहा खत्म

DPI लोक शिक्षण संचनालय द्वारा जारी आदेश में सभी संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर समस्त शिक्षकों का पंजीयन कराते हुए बीएसके एप्लिकेशन के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करने कहा गया है। अब तो डेडलाइन भी समाप्त होने को है।

 इन निर्देशों का नहीं हो रहा पालन

मालूम हो छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 हेतु आयोजित बैठक 28 नवंबर 2025 व

सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय समीक्षा बैठक 05 जनवरी 2026 में दिए गए निर्देश के अनुसार

राज्य के समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का ऑनलाइन उपस्थिति, विभागीय बीएसके एप्लिकेशन के माध्यम से ली जानी है। इस हेतु सभी शिक्षकों का पंजीयन बीएसके एप्लिकेशन में 15 जनवरी 2026 के पूर्व करने के निर्देश दिए गए थे, परंतु प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार उक्त समय तक पूर्ण नहीं हो पाया है।

अब भी बना हुआ है गतिरोध

शिक्षकों और स्टूडेंट्स के ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर गतिरोध बना हुआ हैं। एक जनवरी से शिक्षकों को विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस लगाना था। स्टूडेंट्स का भी ऑनलाइन हाजिरी लेनी होगी। दोनों ही निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए गए थे। शिक्षकों में विभाग के इस निर्देश को लेकर खलबली मच गई थी। जारी निर्देश में शिक्षकों को हिदायत भी दी गई है कि ऑनलाइन अटेंडेंस के जरिए ही सैलेरी बनेगी। मतलब साफ है, ऑनलाइन अटेंडेंस में गैरहाजिर का मतलब सैलेरी भी पूरी नहीं बनेगी।

 शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों का ये कहना

शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों का साफ कहना है कि मोबाइल शिक्षकों का स्वयं का है, जिसमें उपस्थिति आपत्तिजनक एवं निजता का हनन है। इसमें किसी भी प्रकार से डेटा बाहर जाने या गलत उपयोग की जिम्मेदारी विभाग को लेना होगा। शासन द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति लेना ही है तो मशीन उपलब्ध कराए तथा मशीन से उपस्थिति लिया जाए, नेटवर्क के लिए स्कूल में व्यवस्था आवश्यक है।




 


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