छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग: शिक्षक को तीन साल की सजा, फर्जी अंकसूची से नौकरी करने वाले शिक्षक को कोर्ट ने सुनाई सजा, पढ़िए क्या है मामला
CG Court News: फर्जी खेलूकद प्रमाण पत्र और अंकसूची में कूचरचना कर शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल करने वालों को कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में तीन साल, दो साल और एक-एक साल की सश्रम कारावास के साथ ही जुर्माना भी ठोका है।
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जांजगीर 19 फरवरी 2026, फर्जी खेलूकद प्रमाण पत्र और अंकसूची में कूचरचना का शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक चितरंजन प्रसाद कश्यप को कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में तीन साल, दो साल और एक-एक साल सश्रम कारावास की सजा के साथ ही जुर्माना भी ठोका है।
मामले की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर राजेश खलखो की अदालत में हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने फैसले में कूटरचित अंकसूची और फर्जी खेल प्रमाण पत्र का उपयोग कर शिक्षाकर्मी की नौकरी पाने के आरोपी चितरंजन प्रसाद कश्यप को अलग-अलग धाराओं में तीन एवं एक - एक वर्ष सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
क्या है मामला?
चितरंजन प्रसाद कश्यप पिता धोबीलाल निवासी ग्राम मरघट्टी थाना हसौद द्वारा वर्ष 2007 में माल्दा स्थित पीतांबर हायर सेकेंडरी स्कूल से हायर सेकेंडरी विज्ञान विषय का परीक्षा दिया था, जिसमें उसका वास्तविक परीक्षाफल भौतिकी विषय पर सप्लीमेंट्री होकर पूर्णांक कुल 500 में प्राप्तांक 257 था। आरोपी द्वारा उसी वर्ष शिक्षाकर्मी पद हेतु आवेदन फॉर्म पर हायर सेकेंडरी की परीक्षाफल आवेदन विवरण में पूर्णांक कुल 500 में 405 अंक प्राप्त होना उल्लेख करते हुए आवेदन के साथ भौतिकी विषय में सप्लीमेंट्री की जगह डिक्टेंशन सहित अन्य विषयों के प्राप्तांक को बढ़ाते हुए फर्जी अंकसूची पेश कर दी। इसी अंकसूची के आधार पर उसे शिक्षाकर्मी की नौकरी मिल गई।
पोथीराम की शिकायत पर खुला मामला
वर्ष 2018 में ग्राम सेमरिया थाना जैजैपुर निवासी पोथीराम कश्यप ने आरोपी चितरंजन कश्यप द्वारा फर्जी अंक सूची एवं खेलकूद के कूटरचित प्रमाण पत्र का उपयोग कर शिक्षाकर्मी की नौकरी प्राप्त करने की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक जांजगीर से की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने जांच का निर्देश दिया था।
जांच में शिकायत सही पाए जाने पर थाना हसौद ने आरोपी के विरुद्ध धारा 420,467,468,471,474 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। विवेचना पूरी करने के बाद 2019 में वर्ष 2019 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर के समक्ष अभियोग पत्र पेश किया था। विचारण दौरान गवाह के प्रतिपरीक्षण के बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर राजेश खलखो ने आरोपी चितरंजन कश्यप को
हायर सेकेंडरी की फर्जी अंकसूची और खेलकूद का फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल करने का दोषी पाते हुए आरोपी चितरंजन कश्यप को धारा 420 भादवि में 02 वर्ष,धारा 467/471 भादवि में 03 वर्ष,धारा 468 में 01 वर्ष एवं धारा 474 में 01 वर्ष सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि अदा न करने पर अलग से कारावास का आदेश दिया है।