CG School News: MD विहीन समग्र शिक्षाः स्कूल शिक्षा को संचालित करने वाले सबसे बड़े बोर्ड में एमडी नहीं, 2000 करोड़ का है बजट, पापुनि भी खाली
CG School News: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग का समग्र शिक्षा बिना प्रबंध निदेशक का हो गया है। इस बोर्ड का 2000 करोड़ का बजट है। इस बोर्ड में दो महीने के भीतर दो एमडी बदल गए।
CG School News: रायपुर। समग्र शिक्षा की प्रबंध निदेशक डॉ0 प्रियंका शुक्ला को भारत सरकार में मेरा युवा भारत के सीईओ पद पर पोस्टिंग मिल गई है। आदेश आने के बाद वे यहां से रिलीव होकर दिल्ली रवाना हो गई हैं। मगर उनकी जगह पर अभी किसी आईएएस अधिकारी को पोस्टिंग नहीं मिली है। याने समग्र शिक्षा में एमडी का पद खाली हो गया है।
प्रियंका शुक्ला के पास समग्र शिक्षा एमडी के साथ पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार था। उनके जाने के बाद समग्र शिक्षा के साथ पापुनि भी खाली हो गया है। ये दोनों स्कूल शिक्षा विभाग के बड़े महत्वपूर्ण बोर्ड और निगम है।
समग्र शिक्षा का बजट 2000 करोड़ से अधिक का है। मोटे तौर पर कह सकते हैं कि स्कूलों में शिक्षकों के वेतन के अलावे जितनी सप्लाई या समय-समय पर मोटिवेशनल कार्यक्रम, एक्स्ट्रा एक्टिविटी जैसे सारे कार्य समग्र शिक्षा द्वारा किया जाता है। उसी तरह सरकारी स्कूलों के बच्चों को पुस्तकें प्रकाशित कर उसे बच्चों तक पहुंचाने का काम पाठ्य पुस्तक निगम करता है।
पाठ्य पुस्तक निगम का ये हाल है कि आधा जनवरी निकल गया मगर अभी पुस्तकों के लिए पेपर सप्लाई का टेंडर नहीं हुआ है। जबकि, पिछले साल से पहले सितंबर में पेपर के आर्डर जारी कर दिए जाते थे। पिछले बार घपले-घोटालों की जांच की वजह से मार्च में पेपर का आर्डर हुआ। इसका नतीजा यह हुआ कि पिछले महीने दिसंबर तक सभी स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच पाए थे।
स्कूलों में अगर टाईम पर पुस्तकें पहुंचानी हो तो सितंबर तक पेपर का आर्डर हो जाना चाहिए। इसके बाद नवंबर में प्रकाशन का और फरवरी से स्कूलों में उसे पहुंचाए जाने का काम प्रारंभ कर देना चाहिए। तभी अप्रैल में स्कूल खुलने पर बच्चों के हाथ में पुस्तकें पहुंच सकती है।
मगर जब पाठ्य पुस्तक निगम में एमडी ही नहीं तो फिर क्या कहा जा सकता है। प्रियंका की केंद्र में पोस्टिंग 15 दिन पहले हो गई थी। इस चक्कर में पापुनि में इस दौरान कोई काम हुआ नहीं। 15 दिन बाद वे रिलीव हुई। याने 15 दिन ऐसे ही खराब हो गया। अब नियुक्ति होगी, वह काम समझेगा, तब तक महीना भर और निकल जाएगा।