फर्जी दूल्हा: वकील, शिक्षक, डॉक्टर सहित 14 महिलाओं से की शादी, फिर उन्हीं से करता रहा था ठगी... जानिए क्या है पूरा मामला

Update: 2022-02-15 07:45 GMT

भुवनेश्वर 15 फरवरी 2022 I  समाज में कई ऐसे लोग भी हैं जो शादी के नाम पर ठगी करते हैं. अब ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने 14 महिलाओं से पहले शादी की और बाद में उन्हें अपनी ठगी का शिकार बनाया. मामला ओडिशा का है. जहां एक 54 वर्षीय शख्स को देश भर में कई महिलाओं से शादी करने के बाद उन्हें ठगने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया गया. व्यक्ति की पहचान रमेश चंद्र स्वैन उर्फ बिधू प्रकाश स्वैन उर्फ रमानी रंजन स्वैन के रूप में हुई है. यह शख्स ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले का निवासी है.

भुवनेश्वर के डीसीपी उमाशंकर दास ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि पिछले साल जुलाई में महिला थाने में नई दिल्ली की एक महिला स्कूल शिक्षक द्वारा दायर की गई शिकायत के आधार पर अब शख्स को भुवनेश्वर में किराये के आवास से गिरफ्तार किया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में 'डिप्टी डायरेक्टर जनरल' रैंक का अधिकारी बनकर स्वैन ने महिला को धोखा दिया. जिसके बाद 2018 में दिल्ली आर्य समाज में महिला से शादी की थी. इसके बाद जब शिक्षक को पता चला कि आरोपी ने उसे धोखा दिया है तो उसने अपनी शिकायत दर्ज की.इस मामले की जांच की गई तो कई हैरान करने वाला खुलासे हुए. पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि स्वैन ने 'डिप्टी डायरेक्टर जनरल' के तौर पर फर्जी पहचान देकर कम से कम 14 महिलाओं से शादी की थी. मामले में सामने आया है कि शख्स मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के जरिए पीड़ितों से संपर्क स्थापित करता था और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाता था.

स्वैन अधेड़ उम्र की अविवाहित महिलाओं को अपना निशाना बनाता था, जो साथी की तलाश में रहती थी. पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़ितों में वकील, शिक्षक, डॉक्टर और उच्च शिक्षित महिलाएं, जिनमें से ज्यादातर ओडिशा से बाहर की हैं. डीसीपी उमाशंकर दास ने कहा, 'उनका एकमात्र इरादा पैसे को इकट्ठा करना और महिलाओं से शादी करने के बाद उनकी संपत्ति हासिल करना था.' स्वैन पांच बच्चों का पिता है. उसने पहली शादी 1982 में की और दूसरी शादी 2002 में की. जांच के दौरान, पुलिस ने यह भी पाया कि स्वैन ने पंजाब में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक महिला अधिकारी से शादी की थी और उससे 10 लाख रुपये वसूले थे. डीसीपी ने कहा कि उसने गुरुद्वारे से 11 लाख रुपये की ठगी की, जहां सीएपीएफ अधिकारी के साथ विवाह समारोह आयोजित किया गया था.

इससे पहले, स्वैन को केरल पुलिस ने 2006 में 13 बैंकों से करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश देने का वादा करके कई छात्रों को धोखा देने के बाद उसे हैदराबाद पुलिस की एक टास्क फोर्स ने भी गिरफ्तार किया था. उसने हैदराबाद के एक नर्सिंग होम के मालिक समेत छात्रों से करीब 2 करोड़ रुपये वसूल किए थे. पुलिस पहले ही स्वैन द्वारा ठगे गए 14 पीड़ितों में से नौ से संपर्क कर चुकी है और उन्हें संदेह है कि कई अन्य महिलाएं भी उसकी शिकार हो सकती हैं और वे अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और स्थिति में बाधा डालने के डर से बाहर नहीं आ सकती हैं. उसके खिलाफ महिला थाने में आईपीसी की धारा 498 (ए), 419, 468, 471 और 494 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस उसे रिमांड पर लाकर धोखाधड़ी के पैसे के लेन-देन की भी जांच करेगी.

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