गजब की कमीशनखोरी, बैंकों से छोटे नोट कलेक्ट कर MP में सप्लाई, बदले में मिलता है मोटा कमीशन, 17.90 लाख के साथ पकड़ाया कारोबारी
CG Crime News: छत्तीसगढ़ में गजब का खेल चल रहा है। कमीशनखोरी कहें या फिर गैरकानूनी धंधा, इस धंधे में बैंक अफसरों का भी कारोबारी को बराबर का सहयोग मिल रहा है। बैंकों के जरिए छोटे नोट जुटाकर, मध्यप्रदेश में सप्लाई करता है। इसके एवज में कारोबारी को अच्छा खासा कमीशन भी मिलता है। पुलिस ने कारोबारी को 17.90 से भरे दो ब्रीफकेस और पिट्ठू बैग के साथ पकड़ा है।
CG Crime News Hindi: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गजब का खेल चल रहा है। कमीशनखोरी कहें या फिर गैरकानूनी धंधा, इस धंधे में बैंक अफसरों का भी कारोबारी को बराबर का सहयोग मिल रहा है। बैंकों के जरिए छोटे नोट जुटाकर, मध्यप्रदेश में सप्लाई करता है। इसके एवज में कारोबारी को अच्छा खासा कमीशन भी मिलता है। पुलिस ने कारोबारी को 17.90 से भरे दो ब्रीफकेस और पिट्ठू बैग के साथ पकड़ा है।
छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश में कमीशन के लिए बैंकाें के जरिए इकट्ठे किए गए छोटे नोट की सप्लाई हो रही है। छत्तीसगढ़ बिलासपुर में बेलगहना पुलिस और ACCU टीम ने एक कारोबारी को 17.90 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया है। 10, 20 और 50 रुपए के नए नोटों की 81 गड्डियां बैग में मिली है। मामला बेलगहना थाना क्षेत्र का है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पवन बजाज (35) छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के कश्यप कॉलोनी के रूप में हुई है। युवक तांबा-पीतल स्क्रेब का कारोबार भी करता है। जिसके चलते उसका बैकों में आना जाना लगा रहता है। उसने बैंक अफसरों से परिचय बढ़ाकर करेंसी नोट खपाने का अवैध धंधा करने लगा।
हर बंडल में 200 से 1000 रुपये मिलता है कमीशन
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया, छोटे नोटों की गड्डियों को कमीशन पर सप्लाई करता था। हर बंडल पर उसे 200 से 1000 रुपए तक का कमीशन मिलता था। वह शहर के साथ-साथ जिले के बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर नोट जुटाता था।
सूटकेस और पिट्ठू बैग में कैश लेकर घूम रहा था
बुधवार रात को बेलगहना पुलिस और ACCU टीम इलाके में पेट्रोलिंग और जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि टेगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति दो सूटकेस और एक पिट्ठू बैग के साथ संदिग्ध हालत में घूम रहा है।
कारोबारी के पास से 17.90 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया है। युवक ने पुलिस को बताया, वह बैंकों से करेंसी नोटों को इकठ्ठा कर MP के कटनी, शहडोल और आसपास के व्यापारियों के यहां खपाता था।