लगेगी अदालत,मंत्री अधिकारी देंगे दलील,प्रवासी मज़दूर होंगे जज : विभिन्न योजनाओं की करेंगे सुनवाई.. बताएंगे कहाँ और क्यों फेल होती है योजनाएं, मंत्री अधिकारी करेंगे योजनाओं की पैरवी
रायपुर,11 जुलाई 2021।राजधानी तीन दिवसीय एक अनूठे आयोजन की साक्षी होने जा रही है, यह भारत में पहली बार प्रयोग के तौर पर आयोजन है जबकि, सरकार बाज़ार,उद्योग और सिविल सोसायटी के सदस्य सरकार की उन विभिन्न नीतियों का प्रस्तुतीकरण करेंगे जिन योजनाओं को प्रवासी मज़दूरों के हित में लाया गया और प्रभावी किया गया, इन सभी योजनाओं की सुनवाई प्रवासी मज़दूर करेंगे, याने ज्यूरी की भूमिका में होंगे। इस आयोजन को नीति आयोग के सदस्य भी देखेंगे, ज़ाहिर है इस आयोजन में होने वाले विमर्श के दूरगामी असर हो सकते हैं।
प्रवासी श्रमिकों के लिए राज्य केंद्र कई क़ानून बनाते रहे हैं जिससे कि उन्हें सुविधा मिले लेकिन कोरोना काल में यह स्थापित हुआ कि सबसे ज़्यादा तकलीफ़ें प्रवासी श्रमिकों ने भुगती और भुगत रहे हैं, इस दौरान इनके बतौर श्रमिक रहाईश औ कार्यस्थल में काम सुरक्षा राशन-पानी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठे।
इस कार्यक्रम जिसे ‘जनता का फ़ैसला’ नाम दिया गया है, तीन दिवसीय इस सुनवाई कार्यक्रम में यह विमर्श करेगा कि बुनियादी सुविधाओं की क्या व्यवस्था की जा सकती है,क्या उनके लिए सामाजिक सुरक्षा आवासीय योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सकता है, क्या उनकी राजनैतिक भागीदारी एक राजनैतिक बल ( फ़ोर्स ) के रुप में सुनिश्चित की जा सकती है ?
यह स्थापित सत्य है कि नीति निर्माता और जनता अलग अलग होते हैं जिन्होंने नीतियाँ बनाई या बनाते हैं वे उसके प्रभाव से बेहद दूर होते हैं और जिनके लिए बनती है वे इससे प्रभावित होते हैं।
इस आयोजन के पीछे क़वायद यही बताई गई है कि नीति निर्माता और जनता के बीच जो दूरी है वह कम हो। बताया गया है कि इस आयोजन में सरकार के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे और ज्यूरी जो प्रवासी श्रमिकों की है उसके सामने पक्ष रखेंगे। ज्यूरी यह बताएगी कि योजनाएं कहाँ ध्वस्त हो गई या कि कहाँ उनका पालन नहीं हुआ। आयोजन पॉस्टौरल सेंटर बैरन बाज़ार में 11 बजे से आयोजित है।
राज्य/सरकार की ओर से स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, लेबर कमिश्नर एलेक्स पॉल मेनन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास के सचिव आर प्रसन्ना उन प्रतिनिधियों में शामिल होंगे जो योजनाओं और क्रियान्वयन को लेकर पक्ष रखेंगे।वहीं नीति आयोग की प्रवासी श्रमिकों के नीति बनाने के लिए बनी समिति के सदस्य राजीव खंडेलवाल और राजेश श्रीवास्तव मौजुद होंगे जो पूरे आयोजन को देखेंगे।