कोर ग्रुप की बैठक समाप्त : दो टूक निर्देश-हर मोर्चा हो सक्रिय.. मुद्दों को आक्रामक तरीक़े से उठाया जाए..
रायपुर,18 जुलाई 2011। दो दिन की मैराथन बैठक का समापन उस कोर ग्रुप की बैठक से हुआ जिस कोर ग्रुप की अंतिम रुप से हर अहम फ़ैसले के लिए सहमति और निर्णय अंतिम माना जाता है। इस कोर ग्रुप को किसी सूरत अभिभावक मंडल के उस व्यंग्यात्मक अंदाज में देखने की भुल नही होनी चाहिए।
कोर ग्रुप की यह बैठक राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश संगठन प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और सह संगठन प्रभारी नितिन नबीन की उपस्थिति में शुरु हुई। 11 सदस्यीय यह कोर ग्रुप अपनी पूरी संख्या के साथ उपस्थित था।
कोर ग्रुप को यह दायित्व दिया गया है कि भाजपा के अनुषांगिक और प्रत्यक्ष मोर्चो और प्रकोष्ठों को सरकार की विफल नीतियों का अध्ययन कर पूरी आक्रामकता के साथ सक्रिय रखें।
किसानों के मुद्दे पर सत्ता हासिल करने वाली कांग्रेस की नीतियों में वह चुक और वायदों के पूरा होने में ज़मीनी स्तर पर हो रही गफलतों को फ़ोकस में रखा जाए,और हर मुमकिन अवसर को आंदोलन में बदलने की क़वायद हो,महिलाओं के साथ बढते अपराध और युवाओं में रोज़गार के मसले को लेकर पनपता आक्रोश यह सब मुद्दों में बदले जाएँ इसके दिशा निर्देश दिए गए हैं।धर्मांतरण को लेकर भाजपा जल्द ही आदिवासी अंचल में बेहद तेज़ी से आक्रामक तेवर के साथ सामने आ सकती है।
ज़ाहिर है ये सारे मुद्दे क्रियान्वयन में लाने के लिए किसान मोर्चा युवा मोर्चा अनुसूचित जाति मोर्चा और अनुसूचित जनजाति मोर्चा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ये सब पुरज़ोर तरीक़े से सक्रिय होंगे।