State Bar Council election: स्टेट बार काउंसिल चुनाव में धांधली का आरोप: बीसीआई चेयरमैन ने आज होने वाली सामान्य सभा की बैठक पर लगाई रोक...
State Bar Council election: छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल की आज होने वाली सामान्य सभा की बैठक पर बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने रोक लगा दी है। जारीर पत्र में चुनाव जीतने के लिए भ्रष्ट आचरण अपनाने और धांधली का आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर जज व दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं की कमेटी बनाई गई है।
State Bar Council election: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल की आज होने वाली सामान्य सभा की बैठक पर बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने रोक लगा दी है। जारीर पत्र में चुनाव जीतने के लिए भ्रष्ट आचरण अपनाने और धांधली का आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर जज व दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं की कमेटी बनाई गई है। कमेटी 10 दिनों के भीतर मामले की जांच करेगी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को रिपोर्ट सौंपेगी। बीसीआई ने कमेटी के सदस्यों की जानकारी महाधिवक्ता को दे दी है।
छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल का चुनाव विवादों में रहा है। इसके पहले टेंपरिंग का आरोप लगा था। बड़े पैमाने पर की गई गड़बड़ी को लेकर मामला पुलिस तक पहुंचा था, टेंपरिंग और भ्रष्ट तरीके अपनाए जाने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर किया था। विवाद के बाद लंबे समय तक चुनाव नहीं हो पाया था। अब जबकि चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली गई है,बीसीआई के समक्ष एक बार फिर चुनाव में भ्रष्ट तरीके अपनाने, चुनाव जीतने के लिए मतदाता वकीलों को प्रलोभन देने व प्रैक्टिस ना करने वाले अधिवक्ताओं के चुनाव जीतने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीसीआई के चेयरमैन ने आज होने वाली सामान्य सभा की बैठक को स्थगित कर दिया है। बीसीआई के चेयरमैन ने शिकायतों की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं काे कमेटी में शामिल किया गया है। कमेटी 10 दिनों के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट बीसीआई चेयरमैन को सौंपेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये है बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन द्वारा जारी आदेश
छत्तीसगढ़ बार काउंसिल के पदाधिकारियों के चुनाव 9 जनवरी, 2026 को होने वाले हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने 4 जनवरी, 2026 की शाम को राज्य बार काउंसिल के नव निर्वाचित सदस्यों के साथ लंबी, विस्तृत और गहन बातचीत की।
उक्त बातचीत के बाद और कई स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर विचार करने के बाद, विश्वसनीय सूचनाओं द्वारा समर्थित एक प्रबल अफवाह सामने आई है कि कुछ सदस्य भ्रष्टाचार में बुरी तरह लिप्त हैं। ऐसी खबरें हैं और विश्वसनीय जानकारी से संकेत मिलता है कि भारतीय बार परिषद के सदस्य और राज्य बार परिषद के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में समर्थन हासिल करने के लिए चार पहिया वाहन और भारी मात्रा में नकदी के रूप में प्रलोभन दिए जा रहे हैं।
यह भी पता चला है कि कुछ सदस्यों ने पैरवी करने वाले मतदाताओं के बीच भारी मात्रा में धन खर्च करके और वितरित करके सदस्यता का चुनाव जीता है। इन तथ्यों, रिपोर्टों और प्राप्त सूचनाओं को देखते हुए, इस बात की पूरी संभावना है, और वास्तव में एक वास्तविक और आसन्न आशंका है, कि ऐसे व्यक्ति भ्रष्ट, अवैध और अनैतिक तरीकों को अपनाकर पदाधिकारी चुने जा सकते हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पवित्रता खतरे में पड़ जाएगी।
बार चुनाव में पहले भी लगे थे धांधली के आरोप
यह भी सामने आया है कि कुछ गैर-अभ्यास करने वाले अधिवक्ताओं ने भी कुप्रथाओं का सहारा लेकर चुनाव जीत लिया है। यदि यह सिद्ध हो जाता है, तो ऐसा आचरण विधि पेशे को नियंत्रित करने वाले वैधानिक ढांचे के विपरीत होगा और बार के स्व-नियमन के मूलभूत सिद्धांतों पर प्रहार करेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ बार काउंसिल के पिछले चुनावों में धांधली के गंभीर आरोप लगे थे, जो वर्तमान चुनावों में गहन जांच और संस्थागत सतर्कता की आवश्यकता को बल देते हैं।
BCI चेयरमैन ने कहा: मामला बेहद गंभीर, निष्पक्ष जांच की आश्वयकता
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन ने जारी पत्र में लिखा है, यह मामला बेहद गंभीर है और बार काउंसिल की विश्वसनीयता, निष्ठा और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली पर गहरा असर डालता है। इसलिए इसकी गहन, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पदाधिकारियों का चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए। भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वालों को चुनाव लड़ने या कोई पद धारण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
वकालत ना करे वाले अधिवक्ताओं को पद और कार्यालय से दूर रखना होगा
चेयरमैन से साफ कहा है, वकालत न करने वाले अधिवक्ताओं को बार काउंसिल के किसी भी पद या कार्यालय से दूर रखा जाना चाहिए। अतः, अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के अंतर्गत भारतीय बार काउंसिल के अध्यक्ष को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और चुनावी प्रक्रिया की पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्ठा को बनाए रखने के लिए, यह निर्देश, आदेश जारी किया जाता है।
हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज व दो वरिष्ट अधिवक्ताओं की कमेटी करेगी जांच
आरोपों की गंभीरता, विश्वसनीय सूचनाओं द्वारा समर्थित अफवाहों और सत्य का पता लगाने की आवश्यकता को देखते हुए, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में और दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति इन तथ्यों की जांच करेगी, उपलब्ध सामग्री का विश्लेषण करेगी और सत्य का पता लगाएगी। समिति 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट बार काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष प्रस्तुत करेगी। पदाधिकारियों के चुनाव की तिथि निर्धारण सहित कोई भी आगे का निर्णय रिपोर्ट प्राप्त होने और उस पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा।
स्टेट बार काउंसिल के सचिव ने दी जानकारी
बीसीआई चेयरमैन द्वारा जारी आदेश का हवाला देते हुए स्टेट बार काउंसिल के सचिव अमित कुमार वर्मा ने निर्वाचित सदस्यों को पत्र लिखकर आज होने वाली सामान्य सभा की बैठक को स्थगित करने की जानकारी दी है। सचिव ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन द्वारा जारी निर्देश का हवाला दिया है।