SDM Karun Dahariya: एसडीएम सस्पेंडः ग्रामीण की मौत मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, एसडीएम करूण डहरिया निलंबित
SDM Karun Dahariya:छत्तीसगढ़ सरकार ने बलरामपुर में एसडीएम की पिटाई से ग्रामीण की मौत मामले में बड़ा एक्शन लिया है। राज्य सरकार ने एसडीएम करूण डहरिया को निलंबित कर दिया है।
SDM Karun Dahariya: रायपुर। बलरामपुर जिले के कुसमी एसडीएम करूण डहरिया को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। करूण डहरिया ने अवैध बाॅक्साइट खनन जांच के दौरान ग्रामीणों से मारपीट की थी। एसडीएम ने तीन ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला किया था। मारपीट की घटना में 62 वर्षीय रामनरेश की मौत हो गई थी।
ग्रामीण की मौत के बाद जिले में जमकर तनाव फैला था। एसडीएम के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोला और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के कारण एसडीएम समेत चार के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था।
अब सरकार ने मामले में में बड़ी कार्रवाई करते हुये एसडीएम को निलंबित कर दिया है। नीचे पढ़ें आदेश
जानिए पूरा मामला
बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक के हंसपुर में बाक्साइट खनन इलाके में कल रात एक बड़ी वारदात हो गई। कुसमी के एसडीएम करूण डहरिया की स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ गए प्रायवेट लोग रॉड से ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इसमें एक आदिवासी की मौत हो गई। एसडीएम और उनके गुर्गों के हमले में घायला लोगों ने बताया कि वे गेंहू के खेत में पानी की सिंचाई कर लौट रहे थे। मामला कुसमी थाना क्षेत्र का है।
सवाल उठता है कि एसडीएम अगर अवैध माईनिंग की जांच करने गए थे तो वे सरकारी गाड़ी में क्यों नहीं गए? थार गाड़ी किसकी थी? उन्हें प्रायवेट गाड़ी में जाने की क्या जरूरत थी? राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी की बजाए उनके साथ प्रायवेट लोग क्यों गए थे? सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने फोन कर नायब तहलीदार को बुलाया ताकि बताया जा सके कि उनके साथ पूरा राजस्व अमला था।
कुसमी एसडीएम करूण डहरिया प्रायवेट गुर्गो के साथ थार गाड़ी से देर शाम हंसपुर पहुंचे। रात में हंसपुर के तीन ग्रामीण सरना के पास टीम को मिले। आरोप है कि एसडीएम और उनके गुर्गो ने आदिवासियों की रॉड से पिटाई कर दी।
एक की मौत, दो अन्य घायल
मारपीट में एक ग्रामीण के बेहोश हो जाने पर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुंचाया गया। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक ग्रामीण राम नरेश राम (60 वर्ष) की मौत हो गई। दो अन्य ग्रामीण अजीत उरांव (60 वर्ष) एवं आकाश अगरिया (20 वर्ष) घायल हैं। घायल आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेंहू में पानी सिंचपई करने गए थे। रात करीब 8 बजे लौट रहे थे। वहां एसडीएम की गाड़ी एवं एक अन्य वाहन में सवार करीब 6 से 7 लोगों ने सरना के पास उन्हें रोका एवं पूछा कि कहां से आ रहे हो। इसके बाद रॉड, डंडे एवं लात से उनकी बेदम पिटाई कर दी।
बता दें कि कुसमी एसडीएम करूण डहरिया शुरू से ही विवादित रहे हैं। डहरिया 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। चांपा-जांजगीर जिले में पोस्टिंग के दौरान छात्रों के साथ उनका गंभीर विवाद हो गया था। छात्रों ने उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें हटाकर गरियाबंद जनपद पंचायत का सीईओ बनाया था।
रिश्वत लेते गिरफ्तार
गरियाबंद के जनपद पंचायत सीईओ रहने के दौरान नलकूप बोरवेल खनन के लिए तीन लाख रुपए का बिल पास करने उन्होंने 40 हजार रुपए मांगा था। पहली किश्त के तौर पर 20 हजार रुपए लेते वे रंगे हाथ पकड़े गए थे। इस केस में एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। नवंबर 2022 का यह वाकया है। उस दौरान कांग्रेस की सरकार थी। और ठेकेदार भी सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा था। इसके बाद भी सीईओ ने बिना रिश्वत लिए बिल पास करने से इंकार कर दिया था।