128 में से 82 पीएम आवास का निर्माण ही नहीं हुआ शुरू, पंचायत सचिवों पर गिरी गाज

CG News: पीएम नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सर्वोच्च प्राथमिकता में है प्रधान मंत्री आवास योजना। इसके बाद भी प्रदेश के एक जिले में ऐसी लापरवाही की गई कि पैसा आने के बाद भी 128 में से 82 पीएम आवास की नींव तक नहीं रखी जा सकी है।

Update: 2026-03-13 14:33 GMT

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रायगढ़।13 मार्च 2026| प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। सरकारी पैसा आने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास का निर्माण शुरू नहीं किया जा सका है। ऐसी घोर लापरवाही बरतने के मामले में सीईओ जिला पंचायत के निर्देश पर जनपद पंचायत लैलूंगा के ग्राम पंचायत चिराईखार के पंचायत सचिव श्याम लाल सिदार और ग्राम पंचायत बैस्कीमुड़ा के पंचायत सचिव अशोक कुमार पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत वैस्कीमुड़ा में कुल 131 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 128 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक केवल 02 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं, जबकि 38 आवास प्लिंथ लेवल तक पहुंचे हैं और 82 आवासों का निर्माण अभी तक प्रारंभ भी नहीं कराया गया है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत चिराईखार में 113 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 107 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि मिल चुकी है। इसके बावजूद अब तक एक भी आवास पूर्ण नहीं हुआ है, 16 आवास प्लिंथ लेवल तक हैं और 87 आवासों का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं कराया गया है। अधूरे और अप्रारंभ आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए संबंधितों को कई बार निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। निरीक्षण के दौरान उच्चाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।

इस संबंध में पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के उपनियम (1) (एक), (दो) एवं (तीन) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर अपना लिखित एवं सप्रमाण स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव की होगी।

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