CG विधानसभा बजट सत्र 2026: खास रहेगा मौजूदा सत्र, लाया जाएगा दो महत्वपूर्ण विधेयक, सदन से लेकर सड़क तक छिड़ेगी सियासी बहस....

CG Vidhansabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मौजूदा बजट कई मायने में खास रहने वाला है। सत्र में दो महत्वपूर्ण विधेयक लाए जाने की सूचना है। छत्तीसगढ़ में ईसाई मिशनरियों की बढ़ती दखंलदाजी और तेजी के साथ हो रहे धर्मांतरण पर सरकार ने नकेल कसने की तैयारी पूरी कर ली।

Update: 2026-02-23 08:10 GMT

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रायपुर। 23 फरवरी 2026| छत्तीसगढ़ विधानसभा का मौजूदा बजट कई मायने में खास रहने वाला है। सत्र में दो महत्वपूर्ण विधेयक लाए जाने की सूचना है। छत्तीसगढ़ में ईसाई मिशनरियों की बढ़ती दखंलदाजी और तेजी के साथ हो रहे धर्मांतरण पर सरकार ने नकेल कसने की तैयारी पूरी कर ली। मौजूदा सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026 लाया जाएगा। जाहिर सी बात है, राज्य सरकार की ओर से लाए जाने वाले इन विधेयकों के चलते सदन से लेकर सड़क तक सियासी बहस की संभावना जताई जा रही है।

सोमवार 23 फरवरी से छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष डाॅ रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक विधानसभा के समिति कक्ष में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत डिप्टी सीएम अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर सहित समिति के सदस्य और अफसर उपस्थित थे। 25 फरवरी को इस अभिभाषण पर चर्चा होगी। इस बीच वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। मंगलवार 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।

धर्मांतरण पर नकेल कसने की तैयारी

छत्तीसगढ़ के वनांचल से लेकर मैदानी इलाके में धर्मांतरण का जोर दिखाई दे रहा है। सेवा, शिक्षा और मदद के नाम पर आर्थिक रूप से कमजोर तबके पर मिशनरी निशाना साधते हैं। मौजूदा बजट सत्र में धर्मांतरण पर सख्ती से रोक लगाने विधेयक लाए जाने की चर्चा है। राज्य सरकार ने विधेयक को लेकर खाका तैयार कर लिया है। सरकार की ओर से लाए जाने वाले दो विधायक के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल भी दिखाई देगी। सदन से लेकर सड़क तक सियासत गरमाने की संभावना भी जताई जा रही है।

कवासी लखमा पर रहेगी नजर

मौजूदा बजट सत्र में कोंटा के विधायक कवासी लखमा पर खास नजर रहेगी। लखमा को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए सशर्त अनुमति मिली है। शराब घोटाला से जुड़े प्रकरण में सार्वजनिक रूप से बोलने की मनाही की गई है।

विधायक लखमा के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त 'नो स्पीच' से जुड़ी है। उन्हें अपने ऊपर चल रहे मामले के संबंध में किसी भी प्रकार का बयान देने या चर्चा करने की अनुमति नहीं होगी। वे बजट या अन्य सामान्य विषयों पर चर्चा में भाग ले सकते हैं, लेकिन अपने केस से जुड़े किसी भी मुद्दे पर न तो बोलेंगे और न ही टिप्पणी करेंगे। इन शर्तों का लखमा द्वारा उल्लंघन किए जाने की स्थिति में अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।

सवालों और प्रस्तावों की भरमार

बजट सत्र के लिए अब तक 2,813 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 1376 तारांकित प्रश्न शामिल है। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, नियम 139 के तहत एक अविलंबनीय चर्चा, 13 अशासकीय संकल्प, शून्यकाल की 9 सूचनाएं और 112 याचिकाएं भी प्राप्त हुई है।

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