खल्लारी रोपवे हादसा: किसान ने तोड़ा दम, हादसे में दूसरी मौत, पत्नी व बेटी की हालत गंभीर, केबल टूटने से हुआ था जानलेवा हादसा
CG News: छत्तीसगढ़ महासमुंद जिले में खल्लारी मंदिर में हुए रोप-वे हादसे में अस्पताल में भर्ती किसान की मौत हो गई है। गंभीर हालत में किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, वे वेंटिलेटर पर थे। हादसे में यह दूसरी मौत है।
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महासमुंद।25 मार्च 2026| रोपवे हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल किसान गोविंद स्वामी (47) का अस्पताल में इलाज चल रहा था, वे वेंटिलेटर पर थे, उन्होंने मंगलवार रात तकरीबन 9 बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले हादसे में महिला शिक्षिका आयुषी की मौत हो गई थी। अब तक दो लोगों की जान चली गई है।
मंदिर परिसर में लगे रोपवे हादसा रविवार (22 मार्च) की सुबह हुआ था। रायपुर के राजातालाब क्षेत्र से मंदिर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु माता के दर्शन कर रोप-वे ट्रॉली से नीचे लौट रहे थे। ट्रॉली में ऋषभ धावरे (29), छायांश धावरे (16), आयुषी धावरे (28), मानसी गोडरिया (12), नमिता स्वामी (45), अंशुमिता स्वामी (10) और गोविंद स्वामी सवार थे। अचानक रोपवे का केबल टूट गया, जिससे एक ट्रॉली अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। दूसरी ट्रॉली स्टेशन से टकरा गई। हादसे में 16 श्रद्धालु घायल हुए थे।
आयुषी पाटन के आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका थी और रायपुर के राजातालाब इलाके में रहती थी। उनकी शादी 4 महीने पहले हुई थी। हादसे में जान गंवाने वाले महासमुंद निवासी गोविंद स्वामी की पत्नी नमिता स्वामी और बेटी अंशमिता की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इनका इलाज निजी अपस्ताल में चल रहा है। घटना में आयुषी के पति ऋषभ धावरे, देवर छायांश धावरे और ननद सुभी का इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से इलाज के बाद और बेहतर स्थिति के चलते अस्पताल प्रबंधन ने 8 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया है।
रोप वे संचालक कंपनी और कर्मचारियों पर FIR दर्ज
जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के बाद लापरवाही सामने आने पर मां खल्लारी देवी ट्रस्ट को FIR दर्ज कराने निर्देश दिए। ट्रस्ट ने रोप-वे संचालक कंपनी ‘रोप वे एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता’ और रोपवे संचालन में लगे स्थानीय कर्मचारी बीरबल जंघेल, रामेश्वर यादव के खिलाफ खल्लारी थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 173 के अंतर्गत सेक्शन 289 एवं 125 (a) के तहत प्रकरण कायम किया है। दोष सिद्ध होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।