अफीम की खेती: ड्रोन सर्वे- रायगढ़ जिले में पकड़ में आई अफीम की खेती, NPG से बोले कलेक्टर व एसपी...

CG News: सीएम साय की सख्ती के बाद रायगढ़ जिले के कलेक्टर व एसपी ने सीमावर्ती इलाकों में अफीम व गांजे की खेती को पकड़ने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करना शुरू किया है। ड्रोन के जरिए खेतों और आसपास के इलाकों में निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन सर्वे के चलते ही लैलूंगा में अफीम की खेती पकड़ में आई है।

Update: 2026-03-23 07:41 GMT

इमेज सोर्स- NPG News

रायगढ़।23 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर के कलेक्टर व एसपी को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती बरतने और सीधी कार्रवाई का निर्देश दिया था। सीएम साय की सख्ती के बादरायगढ़ जिले के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी  व एसपी शशि मोहन सिंह ने सीमावर्ती इलाकों में अफीम व गांजे की खेती को पकड़ने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करना शुरू किया है। ड्रोन के जरिए खेतों और आसपास के इलाकों में निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन सर्वे के चलते ही लैलूंगा में अफीम की खेती पकड़ में आई है।

ड्रोन सर्वे के दौरान लैलूंगा विकासखंड के ग्राम नवीन घटगांव में अवैध अफ़ीम की खेती का भांडाफोड प्रशासन ने किया है। पुलिस ने अफीम की खेती करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दें, जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में नवीन घटगांव क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के दौरान एक खेत में अफ़ीम की अवैध खेती होने की पुष्टि हुई।

सूचना मिलते ही प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान किसान साध राम नाथ के खेत में लगभग 11×22 वर्ग फीट क्षेत्र में अफ़ीम की खेती पाई गई, जिसे जब्त कर लिया गया। इसके अलावा गांव के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर में अफ़ीम की सूखी फसल रखे होने की जानकारी मिली। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते रोकते हुए फसल को जब्त किया गया। दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए ड्रोन सर्वे अभियान निरंतर जारी रहेगा।

दूरस्थ इलाकों में ड्रोन की पैनी नजर

तमनार के आमाघाट में अफीम की खेती पकड़ में आने के बाद जिला प्रशासन ने अब उन क्षेत्रों पर फोकस करना शुरू कर दिया है, जहां भौगोलिक विषमताओं के कारण सामान्य गश्त चुनौतीपूर्ण होती है। ड्रोन के जरिए केलो नदी के तटवर्ती खेतों की बारीकी से डिजिटल मैपिंग की गई, जिससे पहुंचविहीन क्षेत्रों तक भी प्रशासन की पैनी नजर सुनिश्चित हुई है।

ड्रोन निगरानी के कारण ही पकड़ में आई खेती

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा, रायगढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के अलावा भौगोलिक रूप से जिन क्षेत्रों में सामान्य रूप से आवाजाही और निगरानी संभव नहीं हो पा रही है उन इलाकों में ड्रोन के जरिए सतत निगरानी की जा रही है। ड्रोन से निगरानी के कारण ही लैलूंगा क्षेत्र में की जा रही अफीम की खेती पकड़ में आई है।

छोटे-छोटे टुकड़ों में कर रहे खेती

सीएम की सख्ती और जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी के चलते अफीम की खेती करने वालों ने पैटर्न बदल दिया है। बड़े पैमाने पर खेती करने के बजाय अब टुकड़ों में खेती कर रहे हैं, ताकि किसी की नजर ना पड़े और फसल भी हो जाए। ड्रोन के जरिए ही यह संभव हो पाया है, लैलूंगा में एक डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही थी। ड्रोन सर्वे के दौरान ही यह अफीम की खेती करने का भांडा फूटा है। ड्रोन सर्वे के साथ राजस्व विभाग के पटवारी और कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मौके पर गांवों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं।

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