1 मई से जनगणना: 53 हजार शिक्षकों की लगेगी ड्यूटी, 30 हजार स्कूल के शिक्षक जानकारी के लिए जाएंगे डोर-टू डोर
CG Census: एक मई से देश के साथ ही छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो रही है। इसमें 30 हजार से अधिक प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। बता दे, जनगणना का पहला चरण एक मई से नतंबर 2026 तक चलेगा। दूसरा चरण करवरी 2027 से शुरू होगा।
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बिलासपुर।12 अप्रैल 2026| एक मई से देश के साथ ही छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो रही है। इसमें 30 हजार से अधिक प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। बता दे, जनगणना का पहला चरण एक मई से नतंबर 2026 तक चलेगा। दूसरा चरण करवरी 2027 से शुरू होगा।
जनगणना निदेशालय ने बोर्ड और उच्च कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुते प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों को फील्ड वर्क के लिए चुना है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है, पालकों को बच्चों की पढ़ाई पर अतिरिक्त ध्यान देना होगा। घर पर नियमित अभ्यास, होमवर्क की निगरानी और बुनियादी वित्षयों- हिंदी, अंग्रेजी और गणित की पढ़ाई कराने के अलावा रिवीजन पर भी ध्यान देना होगा।
शिक्षा विभाग इस स्तर पर यह संभावना देख रहा है, जहां शिक्षक संख्या बेहद कम है, वहां क्लस्टर मॉडल, अतिथि शिक्षक या डिजिटल कंटेंट के जरिए पढ़ाई को जारी ऱखा जाए।
जनगणना कार्य मे लगेगी 10 हजार आब्जर्वर की ड्यूटी
जनगणना कार्य मे 10 हजार आब्जर्वर लगेंगे। इसकी ट्रेनिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ के दो नेशनल ट्रेनर 60 मास्टर ट्रेनर्स को ट्रेनिंग देंगे। 60 मास्टर ट्रेनर्स में से 13 जनगणना निदेशालय के अधिकारी होंगे, जबकि 47 राज्य सरकार (एसडीएम, तहसीलदार) के होंगे। यह 60 मास्टर ट्रेनर 1100 फील्ड ट्रेनरों को ट्रेनिंग देंगे। ये सभी राज्य सरकार के आला अधिकारी होंगे। इसके साथ ही 100 फील्ड ट्रेनर 53000 प्रगणकों (प्राइमरी टीचर्स) और 10000 पर्यवेक्षकों (सरकारी कर्मचारी) को ट्रेनिंग देंगे। प्रगणक मुख्य रूप से प्राइमरी टीचर्स ही होंगे।