ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला में सांप्रदायिक हिंसा, दो समुदायों में झड़प, घर-गाड़ियां जलीं, लाठीचार्ज, 6 जवान घायल, भारी पुलिस बल तैनात, जानिए क्यों भड़की हिंसा?

Chhattisgarh Gariaband Violence: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार देर रत को सांप्रदायिक तनाव अचानक हिंसा में बदल गया। फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के दुधकैयां गांव में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद आगजनी, पथराव और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं।

Update: 2026-02-01 20:12 GMT

रायपुर 1 फरवरी 2026: गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में मंदिर तोड़ने की घटना ने भीषण संघर्ष को जन्म दे दिया है। नाराज ग्रामीणों व हमलावरों ने पुलिस कर्मियों पर जमकर पथराव किया, इसमें पुलिस कर्मी घायल हो गए हैं। इतने से भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो वाहनों को आगे के हवाले कर दिया व घर को फूंक दिया। भयावह घटना के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुराने विवाद को लेकर दो समुदाय के बीच हिंसक संघर्ष छिड़ गया था।

हिंसक घटना गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना के ग्राम बकली का बताया जा रहा है। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस प्रशासन ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। हिंसक घटना का आलम ये कि ग्रामीणों की नाराजगी दो समुदाय के बीच से निकलकर पुलिस पर फट पड़ी, ग्रामीणों ने पुलिस पर भी जमकर हमला बोला। पथराव में पुलिस कर्मी घायल हो गए हैं। हमले में एक जवान बेहोश हो गया था, उसी बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम को तैनात कर दिया गया है। बहरहाल पूरी स्थिति नियंत्रण पर बेहद डरावना बनी हुई है।

सिलसिलेवार जानिए विवाद का क्या है कारण

बीते चार महीने पहले हथखोज गांव की घटना को लेकर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अपराधियों की हरकतों को दिखाया गया था। अपराधी राहगीरों से लूटपाट और मारपीट करते दिख रहे थे। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद फिंगेश्वर पुलिस सक्रिय हुई और अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जेल से छूटने के बाद रविवार को सुबह तकरीबन 11 बजे आरोपियों ने बकली गांव में शिकायतकर्ता को देखा और मारपीट शुरू कर दी। इस घटना ने बड़ा रुप ले लिया। संघर्ष दो समुदाय के बीच पहुंच गया और मारपीट की घटना ने हिंसक रूप ले लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने सामने खड़े वाहनों में भी आग लगा दी।

इस तरह की मिल रही शिकायतें

जितेंद्र का कहना है, घटना सुबह तकरीबन 11 बजे की है। गोपी ने जितेंद्र को बताया कि सड़क से आवाज आई कि एक समुदाय के लोग उनके लड़के को रास्ते में पत्थर से मार रहे हैं। घायल को इलाज के लिए डॉक्टर के पास लेकर गए। इलाज के दौरान यह भी पता चला कि हमलावरों ने बासिन गांव में रेखराम पर हमला कर दिया है। जितेंद्र के अनुसार जब वे बकली से घर लौट रहे थे, तभी जानकारी मिली कि नरेंद्र साहू को बकली गांव के बीच चौक में जानलेवा हमला कर दिया है। जितेंद्र के अनुसार हमलावरों ने 4 से 5 लोगों पर हमला किया है।

 

जितेंद्र ने यह भी खुलासा किया कि हमलावरों ने ही डेढ़ साल पहले गांव के शिव मंदिर को तोड़ दिया था, जिसका मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। आरोपी हाल के दिनों में जमानत पर छूटे हुए हैं। उनका आरोप है कि इसी विवाद को लेकर गांव के लोगों पर हमला किया जा रहा है।

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