CG विधानसभा बजट सत्र 2026: अवैध प्लाटिंग, कॉलोनी निर्माण पर सदन में जमकर हंगामा, दो बड़े मुद्दाें पर विपक्ष का लगातार दो बार बर्हिगमन

CG Vidhansabha Budget Session 2026: कॉलोइनाइजर बिल्डर्स और अवैध प्लाटिंग करने वालों को संरक्षण को लेकर सदन में आज विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों के सवालों का राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा जवाब नहीं दे पाए।

Update: 2026-03-17 06:54 GMT

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रायपुर। 15 मार्च 2026| कॉलोइनाइजर बिल्डर्स और अवैध प्लाटिंग करने वालों को संरक्षण को लेकर सदन में आज विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों के सवालों का राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा जवाब नहीं दे पाए। विपक्ष के दबदबे का आलम ये, मंत्री के जवाब के तत्काल बाद लगातार सवाल दागते रहे। नाराज विपक्ष ने बिल्डर्स और कॉलोनाइजर को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए व मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन का बर्हिगमन कर दिया।

प्रश्नकाल की शुरुआत छत्तीसगढ़ के कांकेर और धमतरी जिले मेंं हो रहे अवैध प्लाटिंग और इसके बाद कॉलोनाइजरों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण से शुरू हुआ। विधायक अंबिका मरकाम ने अवैध प्लाटिंग व कॉलोनियों को लेकर पूछा, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 31 जनवरी, 2026 तक धमतरी में व कांकेर जिले में अवैध प्लाटिंग

और कॉलोनियो की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? कुल कितने खसरों की शिकायत प्राप्त हुई है, उसमें से कितने खसरों की जांच हो चुकी है? अगर जांच नहीं हुई है तो किस स्तर पर लंबित है और क्यों लंबित है? (ख) जिले में अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करने हेतु सक्षम अधिकारी कौन है एवं उनके द्वारा अभी तक क्या कार्रवाई की गई है? कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तो कब से प्रक्रियाधीन है और किस अधिकारी के पास प्रक्रियाधीन है? (ग) अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी के लिए कौन-कौन से अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार हैं? क्या इनके विरूद्ध कोई शिकायत प्राप्त हुई है? अगर हां, तो क्या कार्रवाई की गई है? (घ) क्या कोई रेरा से

स्वीकृत कॉलोनी में बाह्य एवं आंतरिक निर्माण बिना पूर्ण किए नगर पालिका या नगर निगम द्वारा ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट दे दिया गया है? अगर हां, तो किस आधार पर दिया गया? ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट देने वाले अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई है?

मंत्री टंकराम वर्मा में लिखित जवाब में बताया,प्रश्नावधि में धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग की कुल 03 शिकायत प्राप्त हुई है। जो 03 खसरों से संबंधित है। जिसमें से 02 खसरों की जांच अनुविभागीय अधिकारी (रा.) द्वारा किया गया है तथा 01 खसरें की जांच नगर पालिका निगम धमतरी के अधिकारी द्वारा किया गया है। जिला उत्तर बस्तर कांकेर में अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कॉलोनी के संबंध में कुल 05 शिकायतें प्राप्त हुई है। जो 175 खसरों से संबंधित है। इनमें से 08 खसरों की जांच हो चुकी है तथा 167 खसरों की जांच प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही करने हेतु नगरीय क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 अंतर्गत मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्ते) नियम, 2013 अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी (रा.) सक्षम प्राधिकारी है। जिला धमतरी में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 प्रकरणों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 39 प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए निर्मित अवैध मुरूम रोड हटाया गया एवं मार्ग विच्छेन किया गया, तथा कुछ स्थानों पर अवैध प्लाटिंग हेतु गाड़े गये खुटों एवं बाउंड्रीवाल को हटाया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-व अनुसार है। जिला कांकेर में कुल 14 खसरों के क्रय विक्रय पर रोक लगाई गई है। (ग) जिला धमतरी में अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कॉलोनी के लिये जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी की जानकारी निरंक है। जिला कांकर की जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जिला धमतरी एवं जिला कांकेर में रेरा से स्वीकृत कॉलोनी में बाह्य एवं आतंरिक निर्माण बिना पूर्ण किये नगर पालिका या नगर निगम द्वारा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है।

लिखित जवाब को लेकर सदन में इस तरह उठे सवाल

विधायक के सवाल पर मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में जानकारी देते हुए बताया, धमतरी और कांकेर जिले में अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में धमतरी जिले में तीन खसरों की शिकायत मिली थी, एसडीएम ने जांच के बाद अवैध प्लाटिंग के काम को बंद कराया है। उत्तर बस्तर कांकेर में पांच शिकायतें प्राप्त हुई है जो 175 खसरा से संंबंधित है। 8 खसरा की जांच हो गई है। तीन पटवारी का इंक्रीमेंट व तीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, तहसीलदार व उप पंजीयक को भी नोटिस जारी किया गया है।

पढ़िए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने क्या कहा

यह सवाल प्रत्येक सत्र में आता है। इतना कहने के साथ ही पूर्व सीएम ने राजस्व मंत्री के सामने सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कुछ इस तरह सवाल किए। प्रदेश में कितनी अवैध कॉलोनी बनी, कितने के खिलाफ कार्रवाई की है। पटवारी को निलंबित करने के बाद आरोप पत्र जारी किया है या नहीं, कितने दिन पहले नोटिस जारी किया गया है। जब पांच डिसमिल का रजिस्ट्री पर बैन है तो इतना खसरा कैसे बढ़ गया है। पटवारी ही कैसे दोषी हो सकते हैं। पूरा अमला इसमें लगा हुआ है। पटवारी का इंक्रीमेंट रोकने से क्या होगा।

नाराज विपक्ष ने किया बर्हिगमन

पूर्व सीएम के सवाल पर जब राजस्व मंत्री ने जवाब दिया तब उनसे चूक हो गई। उन्होंने चूक को लेकर सफाई दी, इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, हम धमतरी का पूछ रहे हैं तो मंत्री कांकेर का उत्तर दे रहे हैं। इस बीच पूर्व सीएम ने राजस्व मंत्री से पूछा, विधानसभा की समिति से जांच कराएंगे क्या है, मामला दो साल से लंबित है, लीपापोती हो रही है। आप से हो नहीं पा रहा है, समिति से जांच करा दीजिए। मंत्री ने कहा, राजस्व विभाग जांच और कार्रवाई के लिए सक्षम है। इस पर पूर्व सीएम ने कहा, अवैध कॉलोनी और कॉलोनाइजर्स को बढ़ावा देने का पूरा काम राजस्व विभाग से हो रहा है, उत्तर से असंतुष्ट है, मंत्री पर संरक्षण का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने बर्हिगमन कर दिया।

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