CG School News: स्कूल में स्टंटबाजी पर बैन: कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल का करना होगा पालन, फेयरवेल से पहले देनी होगी सूचना

CG School News: फेयरवेल पार्टी के दौरान स्कूली छात्राें के स्टंटबाजी की लगातार आ रही खबरों के लिए डीईओ ने स्कूल कैंपस में स्टंटबाजी पर बैन लगा दिया है। फेयरवेल पार्टी या कार्यक्रम की पहले से सूचना देनी होगी। आयोजन के दौरान प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

Update: 2026-02-15 10:40 GMT

15 February 2026|बिलासपुर। फेयरवेल पार्टी के दौरान स्कूली छात्राें के स्टंटबाजी की लगातार आ रही खबरों के लिए डीईओ ने स्कूल कैंपस में स्टंटबाजी पर बैन लगा दिया है। फेयरवेल पार्टी या कार्यक्रम की पहले से सूचना देनी होगी। आयोजन के दौरान प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। डीईओ ने सभी बीईओ को प्राचार्य को पत्र लिखकर गंभीरता के साथ पालन करने का निर्देश दिया है।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सकर्रा हायर सेकेंडरी स्कूल में फेयरवेल पार्टी के दौरान दो छात्रों का कार और ट्रैक्टर के साथ स्टंट करते वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था। स्टंटबाजी के दौरान ट्रैक्टर चला रहे छात्र ने कार को जाेरदार टक्कर मार दी थी। शिक्षकों के लिए राहत वाली बात ये कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं घटी। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने बीईओ और प्रिंसिपल को पत्र लिखकर इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया है। डीईओ ने फेयरवेल पार्टी व अन्य कार्यक्रमों के दौरान स्कूल कैंपस में स्टंटबाजी पर रोक लगा दी है।

बिलासपुर डीईओ के साथ ही सूरजपुर डीईओ ने स्कूल परिसर में स्टंटबाजी पर बैन लगा दिया है। डीईओ ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य को सख्त निर्देश जारी किए हैं। फेेयरवेल पार्टी या अन्य कार्यक्रमों के दौरान स्टूडेंट्स द्वारा किए जा रहे जोखिम भरे कार्य पर प्रभावी रोक लगाना है।

जारी आदेश में लिखा है, हाल के दिनों में मीडिया के जरिए यह जानकारी सामने आई है कि कुछ विद्यालयों में विदाई समारोह अथवा अन्य आयोजनों के अवसर पर छात्र-छात्राएं चलती वाहनों से बाहर निकलकर स्टंट करना, दोपहिया वाहनों को तेज गति से चलाना तथा अन्य खतरनाक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने इन गतिविधियों को अत्यंत चिंताजनक मानते हुए इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। डीईओ ने पत्र में लिखा है, किशोरावस्था में उत्साह, रोमांच और आकर्षण की भावना स्वाभाविक है, लेकिन इस प्रकार के जोखिमपूर्ण कृत्य किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ऐसी घटनाएं न केवल विद्यार्थियों के जीवन को खतरे में डालती हैं, बल्कि उनके भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

विद्यार्थियों के जीवन एवं सुरक्षा की रक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13 (1) के तहत जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि यदि किसी विद्यालय में विदाई समारोह या अन्य कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तो उसकी पूर्व सूचना विद्यालय प्रबंधन को देना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाने का निर्देश दिया है।

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