CG School Education News: कुत्ते पर बवाल, DEO जिम्मेदार: पढ़िए जेडी की रिपोर्ट, जेडी ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, पढ़िये क्या लिखा

CG School Education News: कक्षा चौथी की परीक्षा में कुत्ते के नाम के लिए दिए गए विकल्प को लेकर बवाल मच गया है। मीडिया में प्रकाशित खबर के बाद डीपीआई ने जेडी रायपुर संभाग को जांच करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। पढ़िए जेडी के सवालों का डीईओ ने किस अंदाज में जवाब दिया है। सवाल-जवाब में कुछ इस तरह की बातें हैं।

Update: 2026-01-09 05:36 GMT

CG School Education News: रायपुर। कक्षा चौथी की परीक्षा में कुत्ते के नाम के लिए दिए गए विकल्प को लेकर बवाल मच गया है। मीडिया में प्रकाशित खबर के बाद डीपीआई ने जेडी रायपुर संभाग को जांच करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। पढ़िए जेडी के सवालों का डीईओ ने किस अंदाज में जवाब दिया है। सवाल-जवाब में कुछ इस तरह की बातें हैं।

डीपीआई को सौंपे रिपोर्ट में जेडी रायपुर संभाग ने लिखा है कि 08.जनवरी 2026 को मीडिया में प्रकाशित खबर "चौथी की परीक्षा में सवाल पर बवाल कुत्ते का नाम शेरू या राम ?" पर संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छ.ग. से दूरभाष पर मिले निर्देश के परिपालन में मेरे द्वारा कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद में उपस्थित होकर प्रकरण पर जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद को बिन्दुवार प्रश्नावली तैयार कर समक्ष में प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा परीक्षा प्रक्रियाओं पर प्रेषित प्रश्नावली पर अधोउल्लेखित अनुरूप प्रतिउत्तर प्रस्तुत किये गये हैं-

प्रश्न- क्या कक्षा 1 से 5, 6 से 8 एवं 9 से 12 के अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025-26 हेतु प्रश्नप्रत्र निर्माण एवं इनके मुद्रण आपके कार्यालय के स्तर से कराये जाने के निर्देश थे ? यदि हां तो निर्देश की प्रति संलग्न करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब - छग शासन स्कूल शिक्षा विभाग का पत्र कं0GENCOR-35/5192/2025/20-2 नवा रायपुर 04 नवंबर 2025 संलग्न है ।

अभिमत :- जवाब, प्रश्न का उत्तर नहीं है।

प्रश्न :- प्रश्नपत्र निर्माण एवं मुद्रण कार्य कराने हेतु प्रक्रिया क्या संचालक, लोक शिक्षण छ.ग. द्वारा निर्धारित की गई थी या जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निधर्धारित की गई थी स्पष्ट करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब: कमांक 01 के उत्तर अनुसार किया गया है। संचालक द्वारा नहीं दी गई है। किंतु प्रश्न

अभिमत :- जवाब, प्रश्न का उत्तर नहीं है।

प्रश्न: परीक्षा संचालन की प्रक्रिया प्रारंभ करने के संबंध में कार्यालय स्तर से नस्ती किस-किस अधिकारी एवं कक्ष लिपिक द्वारा आपके समक्ष प्रस्तुत की गई है ? नस्ती के नोटशीट की सत्यापित छायाप्रति संलग्न करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब पत्र संलग्न है।

अभिमत :- जवाब, प्रश्न का उत्तर नहीं है।

प्रश्न :- क्या आपके द्वारा प्रश्नपत्रों के निर्माण हेतु कोई कार्यालयीन आदेश / निर्देश जारी किये गये है? यदि हां तो निर्देशों की प्रति संलग्न करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब संलग्न है ।

अभिमत :- जवाब, प्रश्न का उत्तर नहीं है।

प्रश्न :- प्राप्त प्रश्नपत्रों में से अंतिम रूप से विषयवार चयनित मुद्रण हेतु प्रश्नपत्रों के चयन हेतु क्या आपके द्वारा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की समिति/अन्य किसी भी तरह की समिति का गठन किया गया है? यदि हां तो समिति गठन का आदेश प्रस्तुत करें एवं समिति की बैठक यदि आयोजित हुई है तो कार्यवाही विवरण संलग्न करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब: समिति गठन किया गया है तथा 07 नवंबर .2025 को बैठक आयोजित हुई।

अभिमत :- केवल जिला स्तरीय परीक्षा समिति का गठन किया गया है किन्तु समिति की बैठक का कार्यवाही विवरण संलग्न नहीं है इससे यह प्रतीत होता है कि समिति का गठन केवल औपचारिकता के लिए किया गया है।

प्रश्नः- क्या प्रश्नपत्रों का निर्माण कक्षावार विषय आधारित ब्लूप्रिंट को दृष्टिगत रखते करवाया गया है ? यदि हां तो ब्लूप्रिंट की सत्यापित छायाप्रति प्रस्तुत करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब: ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न पत्र तैयार कर मुद्रक को भेजे जाने वाले प्रश्न पत्र की प्रति संलग्न है। ब्लू प्रिंट सभी स्कूलों में उपलब्ध है ।

अभिमत :- जवाब से यह स्पष्ट होता है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रश्नपत्रों के मुद्रण हेतु प्रेषण से पूर्व स्वयं ब्लूप्रिंट का अवलोकन नहीं किया गया है।

प्रश्नः- क्या अंतिम चयनित प्रश्नपत्रों हेतु कार्यादेश जारी करने के साथ मुद्रण कार्य हेतु चयनित फर्म को आपके द्वारा मुद्रण हेतु प्रश्नपत्रों की आपके या प्रश्नपत्र निर्माणकर्ता के हस्ताक्षरयुक्त या निर्माण एवं परीक्षण समिति के सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त प्रश्नपत्र की प्रति संलग्न कर सेवा प्रदाता फर्म को दी गई थी? यदि हां तो प्रश्नपत्रों की सत्यापित छायाप्रति संलग्न करें, साथ ही नस्ती के नोटशीट की सत्यापित छायाप्रति प्रस्तुत करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब: कार्यवाही की जानी है।

उक्त जवाब से स्पष्ट होता है कि आज दिनांक तक प्रश्न में उल्लेखित अभिमत कार्यवाही / प्रक्रिया संपादित ही नहीं हुई है

प्रश्न :- क्या मुद्रण हेतु चयनित फर्म ने आपके द्वारा प्रदत्त प्रश्नपत्रों की नमुनार्थ प्रति के आधार पर टंकण कर अंतिम अवलोकन पश्चात् जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अधिकृत / जिला शिक्षा अधिकारी के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया है? यदि हां, तो पूरी प्रक्रिया की नस्ती के नोटशीट की सत्यापित छायाप्रति प्रस्तुत करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब: स्कीनशॉट संलग्न है। साफ्टकॉपी में पीडीएफ. भेजा गया है.

अभिमत: जवाब, प्रश्न का उत्तर नहीं है।

प्रश्न :- क्या सेवा प्रदाता फर्म द्वारा मुद्रण किये गये प्रश्नपत्रों का परीक्षण, परीक्षा से पूर्व अथवा विद्यार्थियों को वितरण से पूर्व विषय शिक्षकों से परीक्षण कराया गया है यदि हां तो विवरण प्रस्तुत करें।

डीईओ महासमुन्द का जवाब: सेवा प्रदाता फर्म द्वारा मुद्रण किये गये प्रश्नपत्रों का परीक्षण हेतु नहीं भेजा गया है।

अभिमत: उत्तर से स्पष्ट होता है कि मुद्रण फर्म द्वारा अंतिम नमूनार्थ प्रति अवलोकन हेतु प्रेषित नहीं करने के बावजूद भी जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर से प्रश्नपत्रों का परीक्षण नहीं कराया गया जिससे परीक्षा जैसे संवेदनशील जैसे विषयों पर उदासीनता परिलक्षित होती है।

प्रश्न : यदि आपके द्वारा सेवा प्रदाता फर्म को प्रश्नपत्रों की सॉफ्ट कॉपी प्रेषित की गई है तो ई-मेल या अन्य किसी माध्यम से उन्हे उपलब्ध कराया गया है, तब उसका विस्तृत विवरण उल्लेखित करें।

डीईओ का महासमुन्द का जवाब:

गोपनीय होने के कारण मेल से नहीं भेजकर सेवा प्रदाता को व्यक्तिगत वाट्सएप में पीडीएफ. भेजा गया है, स्कीनशॉट संलग्न है ।

अभिमत :- संलग्न स्क्रीनशॉट के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि प्रश्नपत्रों की सॉफ्ट कॉपी सेवा प्रदाता फर्म को ही भेजा जाना प्रमाणित नहीं है।

प्रश्न: क्या कक्षा 4 के विषय अंग्रेजी के प्रश्नपत्र के पूर्व हुए कक्षा 4 के अन्य विषय के प्रश्नपत्रों से यह ज्ञात नहीं हुआ था कि प्रश्नपत्र आपके द्वारा दिये गये प्रश्नपत्र की प्रति के अनुरूप मुद्रित नहीं है ?

डीईओ महासमुन्द का जवाब: हॉ । किंतु 2 बार परीक्षा तिथियों में संशोधन किया जा चुका था, अतः मुद्रक द्वारा प्राप्त सीलबंद पैकेट के प्रश्न पत्र से ही परीक्षा आयोजित की गई।

अभिमत : जवाब से यह स्पष्ट होता है कि जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द इस तथ्य से अवगत थे कि प्रश्नपत्र उनके द्वारा प्रेषित प्रश्न पत्र उनके द्वारा दिये गये प्रश्न पत्र की प्रति के अनुरूप मुद्रित नहीं थे, फिर भी उनके द्वारा कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के परीक्षा दिनांक से पूर्व सुधार हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई।

जेडी ने अपनी रिपोर्ट में डीईओ का ठहराया दोषी

जेडी रायपुर संभाग संजीव श्रीवास्तव ने डीपीआई को सौंपे जांच रिपोर्ट में डीईओ महासमुंद को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा है कि

उपरोक्त सभी अभिमत एवं प्रश्नावली के उत्तर के अतिरिक्त जानकारी वाले कॉलम के बिन्दु क्रमांक 2 में विजय कुमार लहरे, जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द ने स्वीकार किया है कि उक्त प्रश्न पत्र मेरे द्वारा मुद्रण हेतु प्रेषित नहीं किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी पूरी प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण थी क्योंकि उनके द्वारा प्रश्नपत्र सही मुद्रित हों इसके लिये कोई प्रक्रिया तय नहीं की गई थी जिसके लिए वह पूर्णतः दोषी हैं।



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