CG सरकार की प्रमुख योजनाएं: छत्तीसगढ़ सरकार की 25 से भी अधिक कल्याणकारी योजनाएं! महिला, बुजुर्ग, श्रमिक, छात्र हर वर्ग के लिए है कुछ खास, पढ़िए पूरी डिटेल!

CG ki Pramukh sarkari yojanaen: आज हम छत्तीसगढ़ सरकार की उन योजनाओं के बारे में जानेंगे जो यहां रहने वाले महिलाओं, किसानों, छात्रों, मजदूरों और बुजुर्गों के लिए काफी लाभदायक हैं।

Update: 2026-02-20 06:50 GMT

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Chhattisgarh ki Pramukh sarkari yojanaen 2026: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बनाई जाने वाली सरकारी योजनाएं हमेशा से यहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण रही है। दिसंबर 2023 में गठित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सरकार ने छत्तीसगढ़ में रहने वाले महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और यहां तक की छात्रों के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाएं बनाई है। (छत्तीसगढ़ सरकारी योजनाएं 2026) इन योजनाओं के मदद से छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, बुजुर्गों को अच्छी हेल्थ सुविधा, किसानों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण की उपलब्धता साथ ही बालिकाओं के लिए भी कई विशेष प्रावधान किए गए हैं। आज हम छत्तीसगढ़ सरकार की उन योजनाओं के बारे में जानेंगे जो यहां रहने वाले महिलाओं, किसानों, छात्रों, मजदूरों और बुजुर्गों के लिए काफी लाभदायक हैं।

महिलाओं के लिए बनाए गए प्रमुख योजनाएं

1. महतारी वंदन योजना

छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना लॉन्च किया। इस योजना के तहत सभी महिलाओं को हर महीने ₹1000 और सालाना 12000रु.की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत सरकार का उद्देश्य है कि राज्य की महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो और समाज में बराबरी का अधिकार प्राप्त हो। योजना का लाभ लेने के लिए–

  • महिला की उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • उनकी वार्षिक आय ढाई लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • महिला छत्तीसगढ़ की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • इस योजना का लाभ हर महिला को मिलेगा चाहे वह विधवा, तलाकशुदा, या परित्यक्ता ही क्यों न हो।
  • महिला के परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में ना हो।
  • आवेदन करने व अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए महतारी वंदन योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं। mahtarivandan.cgstate.gov.in

फरवरी 2026 की स्थिति में इस योजना की 24वीं किस्त 30 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा नारायणपुर से जारी किया गया है। जिसके तहत राज्य की 68,39,592 महिलाओं के खाते में 641.34 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इस योजना की शुरुआत से अब तक ₹15,595.77 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की जा चुकी है।

2. लाडली लक्ष्मी योजना

बालिकाओं की शिक्षा और उनके लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना का आरंभ 2 मई 2007 को मध्य प्रदेश सरकार ने किया था। वर्तमान में यह योजना दिल्ली, बिहार, छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों में संचालित है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 1 जनवरी 2006 या इसके बाद पैदा हुई बच्चियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बच्ची का स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र में रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। योजना के तहत मिलने वाले लाभ–

इस योजना में यह आश्वासन दिया जाता है कि बालिका को जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक 1,18,000 रु. प्रदान किए जाएंगे। जिसे पांच किस्तों में पूरा किया जाता है।

  • पहली किस्त– 6वीं कक्षा में भर्ती होने पर ₹2000
  • दूसरी किस्त– 9वी कक्षा में भर्ती होने पर ₹4000
  • तीसरी किस्त– 11वीं कक्षा में भर्ती होने पर ₹6000
  • चौथी किस्त– 12वीं कक्षा के लिए ₹6000
  • पांचवी किस्त– 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर ₹100000

पांचवी किस्त इस शर्त पर जारी की जाएगी की छात्रा द्वारा कक्षा 12वीं की पढ़ाई की गई हो और 18 वर्ष से पहले शादी ना किया गया हो। लाड़ली लक्ष्मी योजना की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है साथ ही ऑफलाइन आवेदन के लिए आंगनबाड़ी केंद्र या फिर ग्राम पंचायत से योजना का फॉर्म भरकर सबमिट कर सकते हैं।

3. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना

राज्य के गरीब परिवारों में बेटियों की शादी पर होने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए प्रदेश की सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना लागू किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है विवाह में आने वाली आर्थिक समस्याओं को दूर करना साथ ही विवाह प्रोत्साहन और दहेज के लेनदेन पर रोक लगाना। इस योजना का लाभ बीपीएल(BPL) परिवार के 18 वर्ष से अधिकतम दो कन्याओं को दिया जाएगा।

  • कन्याओं को यह लाभ सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • इस योजना के अंतर्गत विवाह हेतु कन्याओं को ₹50000 की राशि प्रदान की जाती है।
  • इस पूरे राशि का ₹7000 आर्थिक सहायता सामग्री के रूप में व्यय और 35000 रुपए कन्याओं के बैंक में जमा किए जाते हैं साथ ही बचे हुए ₹8000 सामूहिक विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते है।
  • इस योजना में उन महिलाओं को भी शामिल किया गया है जो विधवा, अनाथ और निराश्रित है।

4. नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना

सन 2022 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू किया गया यह योजना श्रमिक और कामगार परिवारों की बेटियों कौशल विकास, उचित शिक्षा और रोजगार प्राप्त करने के अवसर प्रदान करता है। श्रमिक परिवारों के पहले दो बेटियों को ही ₹20000 की आर्थिक सहायता एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए पत्रताएं –

  • कन्या के माता-पिता में कम से कम किसी एक के पास वैध श्रमिक कार्ड होना अनिवार्य है।
  • कन्याओं की उम्र 18 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • कन्याओं का रजिस्ट्रेशन श्रम विभाग में नहीं होना चाहिए।
  • कन्या अविवाहित होनी चाहिए साथ ही दसवीं तक की शिक्षा भी अनिवार्य है।
  • कन्या का स्वयं एक चालू बैंक खाता भी होना चाहिए।
  • कन्या के माता-पिता को आवेदन की तारीख से कम से कम 90 दिनों के लिए निर्माण श्रमिक के रूप में काम करना आवश्यक है।

5. मिनीमाता महतारी जतन योजना

राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना में हर पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता और पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है और साथ ही महिला के पहले दो बच्चे के जन्म पर ₹20000 की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ उन महिलाओं को ही प्राप्त होगा जो सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत हैं और यह पंजीकरण आवेदन की तिथि से 90 दिन पहले का होना अनिवार्य है।

किसानों के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाएँ

1. राजीव गांधी किसान न्याय योजना

छत्तीसगढ़ सरकार की योजना 21 मई 2020 को लागू की गई थी। इस योजना को किसानों के उपज का सही दाम दिलाने और फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और इनपुट सहायता यानी सब्सिडी प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया था। इस योजना के अंतर्गत किसानों को धान और मक्के की खेती पर प्रति एकड़ ₹10000 की अधिकतम राशि किस्तों में सीधे किसानों के बैंक अकाउंट पर अंतरित की जाती है। इसके साथ ही गन्ने की फसल पर 355 रुपए प्रति क्विंटल की दर से डीबीटी (DBT, direct benefit transfer) के माध्यम से भुगतान किया जाता है। इस योजना में अब कोदो कुटकी, अरहर, सोयाबीन, दाल, तिलहन, केला पपीता आदि को शामिल किया गया है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को छत्तीसगढ़ का निवासी होना अनिवार्य है साथ ही आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और ऐसे किसान जो राजस्व विभाग में पंजीकृत हो व उनके पास खसरा और बुवाई का रिकॉर्ड भी होना अनिवार्य है।

2. गोधन न्याय योजना

21 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किया गया यह योजना पशुपालकों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना के अंतर्गत सरकार पशुपालकों से ₹2 प्रति किलोग्राम की दर से गोबर की खरीदी करती है और इसी गोबर से वर्मी कंपोस्ट और खाद आदि बनाकर सस्ते दामों पर किसानों को प्रदान किया जाता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को अपने सभी पशुओं की संख्या का पंजीकरण कराना आवश्यक है। पूरे भारत में छत्तीसगढ़ ही एक मात्र राज्य है जिसने किसानों से गोबर खरीदने के लिए सरकारी योजना बनाई है।

2. सौर सुजला योजना

सौर सुजला योजना हर उस किसान के लिए एक वरदान है जो अपने खेतों की सिंचाई व्यवस्था के लिए परेशान होते हैं। 1 नवंबर 2016 को शुरू यह योजना राज्य में किसानों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और उन्हें सशक्त करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। इसमें किसानों को बहुत ही कम कीमत पर 3HP और 5HP की क्षमता के सौर पंप प्रदान किए जाते हैं। यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य नवीनीकरण ऊर्जा विकास एजेंसी (CREDA) द्वारा संचालित की जाती है। सौर पंप की स्थापना के लिए लाभार्थियों को कुछ धन राशि भी देनी होती है।

  • 3HP पंप के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति को 7000रु अन्य पिछड़े वर्ग को 12000रु और सामान्य वर्ग को 18000 रुपए देने होते हैं।
  • 5HP सौर पंप के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति को ₹10000, अन्य पिछड़े वर्ग को ₹15000 और सामान्य लाभार्थियों को ₹20000 देने होते हैं।

3. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (छत्तीसगढ़)

यह योजना मुख्य रूप से केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू किया गया है। यह योजना छत्तीसगढ़ में भी संचालित हो रही है और यहां के किसानों को भी इससे लाभ हो रहा है। इस योजना में किसानों को हर वर्ष ₹6000 की आर्थिक धनराशि तीन किस्तों में सीधे बैंक अकाउंट पर क्रेडिट की जाती है।

4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (छत्तीसगढ़)

केंद्र सरकार की यह योजना (13 फरवरी 2016 से शुरू) किसानों के फसल पर प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, रोग, चक्रवात आदि से से होने वाले नुकसान की भरपाई करता है। यह फसल बीमा योजना किसानों को वित्तीय सहायता और एडवांस खेती करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। इस योजना में खरीफ और रबी दोनों फसलों का बीमा किया जाता है साथ ही खरीफ फसल के बीमित राशि का 2%, रबी फसल का 1.5% और बागवानी फसल का 5% प्रीमियम किसानों द्वारा सरकार को दिया जाता है।

5. कृषक जीवन ज्योति योजना

किसानों को सिंचाई सुविधाओं के लिए मुफ्त बिजली प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2009 को शुरू की गई यह योजना किसानों की आय को कम लागत में बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसमें यह लाभ प्रदान किया जाता है कि 3 एचपी तक के पंपों पर 6000 यूनिट और 3 से 5 एचपी तक के पंपों पर 7500 यूनिट बिजली प्रतिवर्ष मुफ्त में प्रदान की जाती है।

छात्रों और युवाओं के लिए योजनाएँ

1. मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन योजना

सरकार द्वारा राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना बनाया गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल(CGBSE) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में मेरिट स्थान पाने वाले ST/SC छात्रों को ₹15000 की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है। ऑफिशल वेबसाइट https://tribal.cg.gov.in

2. छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल (CG Scholarship portal)

राज्य सरकार का यह ऑनलाइन पोर्टल छात्रों को कई प्रकार की सरकारी छात्रवृत्ति प्रदान करता है। राज्य के ऐसे निवासी छात्र जो एससी, एसटी या ओबीसी है और प्री मैट्रिक या पोस्ट मैट्रिक में अध्यनरत है तो वे छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट schoolscholarship.cg.nic.in पर जाना होगा। यहां रजिस्ट्रेशन और अपने सभी दस्तावेज अपलोड करने के बाद ही सीधे आपके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

3. राजीव युवा उत्थान योजना

राज्य सरकार की यह योजना उन छात्रों के लिए लाभदायक है जो प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत एसटी, एससी वर्ग के छात्रों को UPSC, SSC, NEET, BANKING, CGPSC और IIT की कोचिंग प्रदान की जाती है। लाभान्वित छात्रों को दिल्ली जैसे बड़े शहरों का अथवा राज्य के उच्च कोचिंग संस्थानों में अध्ययन और रहने खाने का पूरा खर्चा आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्रदान किया जाता है।

4. पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल

शिक्षा के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस पोर्टल को तैयार किया गया है। यह मुख्यतः कोविड-19 के समय छात्रों तक शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया था। इस पोर्टल में शुरुआती कक्षाओं से लेकर कक्षा दसवीं तक की वीडियो सामग्री, लेक्चर साथ ही स्टडी मैटेरियल भी मुफ्त में उपलब्ध है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पेंशन योजनाएँ

1. वृद्धावस्था पेंशन योजना

यह योजना भारत के हर कमजोर व बुजुर्ग व्यक्ति को एक निश्चित मासिक धनराशि प्रदान करने का आश्वासन प्रदान करती है। इस योजना का संचालन मिनिस्ट्री ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट के द्वारा किया जाता है। इस योजना में उम्र के हिसाब से पेंशन की राशि प्रदान की जाती है। बीपीएल परिवार के किसी भी व्यक्ति को जो भारत का नागरिक है और 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है उसे इस योजना का लाभ (200 से ₹300 मासिक) जरूर प्राप्त होगा। यदि आपकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक है तो आपको ₹500 प्रति महीना प्रदान किया जाएगा।

2. विधवा पेंशन योजना

केंद्र सरकार की यह योजना विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। इस योजना के लिए पात्र महिलाओं को बीपीएल(BPL) परिवार से होना चाहिए साथ ही उनकी उम्र 40 से 79 वर्ष के बीच होनी चाहिए और महिला के पास किसी प्रकार का आय का साधन न हो। पात्र महिलाओं को इस योजना की राशि ₹300 प्रति माह तक प्रदान की जाती है। इस योजना का संचालन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।

3. विकलांग पेंशन योजना

छत्तीसगढ़ में यह योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत 18 से 79 वर्ष की आयु के 80% या उससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना में लाभार्थी को ₹500 मासिक पेंशन प्रदान किया जाता है जिसमें केंद्र सरकार का ₹300 और राज्य का ₹200 अंशदान होता है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको विकलांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) प्रदान करना अनिवार्य है।

उपरोक्त तीनों पेंशन योजनाओं के अधिक जानकारी और ऑनलाइन स्टेटस चेक करने के लिए जिला समाज कल्याण कार्यालय या जनपद पंचायत में संपर्क किया जा सकता है।

श्रमिकों के लिए योजनाएँ

1. ई-श्रम कार्ड (e-Shram)

केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस योजना में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का एक स्थाई डाटा सरकार के पास स्टोर किया जाता है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से तात्पर्य है कि ऐसे श्रमिक जो बिना किसी कॉन्ट्रैक्ट के कार्य करते हैं, इनका कोई भी तय मासिक वेतन नहीं होता साथ ही इन्हें किसी प्रकार की बीमा व सरकारी सुविधा प्राप्त नहीं होती। इन्हीं सब समस्याओं से श्रमिकों को बचाने के लिए e-Shram डेटाबेस परियोजना शुरू किया गया।

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों को आई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है और इन्हीं कार्ड धारक श्रमिकों को ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाता है साथ ही सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक अकाउंट में क्रेडिट किए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए eshram.gov.in ऑफिशल पोर्टल पर विजिट जरूर करें।

2. छत्तीसगढ़ श्रमिक कार्ड

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा जारी किया गया यह कार्ड असंगठित क्षेत्र के मजदूर को वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है। इस योजना के लिए लाभार्थी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और 90 दिन तक काम करने वाले श्रमिक ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के प्रमुख लाभ में प्रसूति सहायता (लगभग ₹20000), विवाह सहायता (लगभग 51000 रुपए) और बच्चों की शिक्षा के साथ ही औजार आदि की भी व्यवस्था की जाती है।

3. मुख्यमंत्री श्रमिक मृत्यु/दिव्यांग सहायता योजना

इस योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों को किसी दुर्घटनावश या सामान्य मृत्यु होने पर वित्तीय सहायता राशि प्रदान करना है। योजना के पात्रता के लिए लाभार्थी को 18 से 60 वर्ष की आयु के साथ ही पंजीकृत श्रमिक भी होना चाहिए।

  • इस योजना के तहत कार्य स्थल पर दुर्घटनावश पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर ₹5 लाख प्रदान किए जाते हैं।
  • श्रमिक की सामान्य मृत्यु होने पर ₹1 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
  • अपंजीकृत श्रमिकों को भी कार्यस्थल पर मृत्यु के पश्चात इनके परिवारों को 1 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं।
  • दुर्घटनावश श्रमिक की स्थायी अपंगता होने पर 2.5 लाख रुपए की राशि एक मुश्त प्रदान की जाती है।

स्वास्थ्य योजनाएँ

1. आयुष्मान भारत योजना (CG)

भारत सरकार की इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत 2018 में हुई थी। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक सालाना स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। यह योजना गरीब परिवारों को बिना पैसों के अच्छे अस्पतालों में इलाज की सुविधा प्रदान करता है। कई बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट और हृदय के रोगों का इलाज काफी महंगा होता है, अतः इस योजना का फायदा भारतीय गरीब परिवारों को जरूर होगा। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर CSC या फिर सरकारी अस्पताल में जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जाता है।

2. डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना

2023 में शुरू की गई छत्तीसगढ़ सरकार की यह स्वास्थ्य योजना लोगों को उचित उपचार व स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने में मदद करती है। यह योजना आयुष्मान भारत योजना की तुलना में चार गुना अधिक कवरेज प्रदान करती है साथ ही प्राथमिक और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को ₹5 लाख तक का नगद स्वास्थ्य उपचार और अन्य कार्ड धारिकों को ₹50 हजार तक का कैशलेस उपचार की सुविधा देता है।

3. मुख्यमंत्री हाट-बाज़ार क्लीनिक योजना

राज्य सरकार की यह योजना पिछड़े आदिवासी इलाकों और ग्रामीण दूरस्थ क्षेत्रो में जहां चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त नहीं होती वहां के साप्ताहिक बाजारों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से फ्री में दवाइयां और इलाज प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत फ्री में फूल मेडिकल चेकअप, ब्लड टेस्ट, मलेरिया, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों का इलाज भी किया जाता है। गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और नवजात बच्चों को कुपोषण से बचाना भी इस योजना का उद्देश्य है।

4. मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान

कुपोषण और एनीमिया जैसी बड़ी समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर 2019 को की थी। यह योजना से 0 से 5 वर्ष के बच्चों और गर्भवती माता को आंगनबाड़ियों की सहायता से भोजन, राशन व मालनूट्रिशन से भरपूर लड्डू व मूंगफली-गुड़ की चिक्की प्रदान किए जाते हैं।

आवास और खाद्य सुरक्षा योजनाएँ

1. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (CG)

भारत सरकार द्वारा 2016 में प्रारंभ किया गया यह आवास योजना लोगों को अपने सपनों का आशियाना प्रदान करता है अर्थात गरीब परिवारों को स्वयं का पक्का घर बनाने के लिए वित्तीय राशि उपलब्ध कराता है। इस योजना के अंतर्गत मैदानी क्षेत्र के बीपीएल परिवारों को 1.20 लाख रुपए और पहाड़ी इलाकों के BPL परिवारों को 1.30 लाख रुपए प्रदान किए जाते है। इस राशि को केंद्र व राज्य सरकार मिलकर क्रमशः 60:40 के अनुपात में प्रदान करती हैं। इसमें मनरेगा के तहत कार्य, घर में एलपीजी कनेक्शन और शौचालय निर्माण के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है। यदि आपने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया है तो उसकी स्थिति आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर चेक कर सकते हैं।

2. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (CG)

यह योजना मुख्यतः उन लोगों के लिए बनाई गई है जो शहरों में तो जरूर रहते हैं पर उनके अपने घर अभी तक नहीं है अर्थात शहरी इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का मकान दिलाने के उद्देश्य से इस योजना का निर्माण किया गया है। इस योजना में ऐसे परिवार पात्र होंगे जो शहरी क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर EWS, निम्न आय वर्ग LIG और मध्यम आय वर्ग MIG के हो। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://pmaymis.gov.in है।

3. मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना

राज्य में निवासियों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह योजना लागू किया गया है। इस योजना के तहत जरूरतमंद व निराश्रित परिवारों को कम दरों पर (कुछ स्थिति में मुफ्त) फोर्टीफाइड चावल या अन्य राशन प्रदान किया जाता है जिसमें चना, नमक, शक्कर, गुड़ आदि शामिल है। सबसे कमजोर वर्ग (अंत्योदय) और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को ₹1 प्रति किलो की दर से चावल प्रदान किया जाता है।

4. उज्ज्वला योजना (CG)

भारत सरकार द्वारा 2016 में शुरू किया गया यह योजना लोगों के लिए काफी मददगार सिद्ध हुआ है। इस योजना के तहत गरीब व BPL परिवार की महिलाओं को फ्री में घरेलू रसोई गैस यानी LPG कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है वातावरण में कार्बन की मात्रा को कम करना और लोगों तक स्वच्छ ईंधन की सप्लाई करना। पूरे साल में 12 रिफिल और ₹300 तक की सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।

इसके साथ ही जो परिवार इस योजना के पहले चरण में लाभ नहीं ले पाया था उन्हें उज्ज्वला योजना 2.0 के तहत सुविधा प्रदान की जा रही हैं। इस योजना के दूसरे चरण में गैस स्टोव और पहला रिफिल मुफ्त में प्रदान किया जाता है। इस योजना के लिए ST/SC, गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवार व प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त कर चुके परिवार ही पात्र होंगे।

सुशासन और डिजिटल सेवाएँ

1. मुख्यमंत्री मितान योजना

नागरिकों तक 27 से भी अधिक मूलभूत ऑनलाइन सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए 1 मई 2022 को मुख्यमंत्री मितान योजना की शुरूआत किया गया है। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है राज्य के हर नागरिकों तक बिना ऑफिस के चक्कर काटे ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराना जिसमें शामिल है जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन आवेदन, आधार मोबाइल लिंक आदि। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधिकारिक टोल फ्री नंबर 14545 पर कॉल किया जाता है फिर मितान यानी ऑनलाइन सहायक आपके घर पर आकर दस्तावेज ले जाते हैं फिर कार्य पूरा होने पर प्रमाण पत्र आपको प्रदान कर दिया जाता है। इस योजना का संचालन मुख्यत: शहरी क्षेत्र में किया जा रहा है।

2. CG e-District पोर्टल

यह पोर्टल भी छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस पोर्टल की सहायता से बिना कागजी कार्यवाही किए व बिना अत्यधिक समय गंवाए जाति, निवास, आय, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त किए जा सकते हैं। इन दस्तावेजों में किसी भी अधिकारी के फिजिकल साइन नहीं लगते बल्कि इनमें डिजिटल साइन पहले से डला होता है जो हर जगह मान्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs

FAQ 1: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए सबसे बड़ी योजना कौन सी है?

उत्तर- छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए सबसे बड़ी योजना है महतारी वंदन योजना। इसके तहत महिलाओं को सालाना 12000 की आर्थिक धनराशि उनके बैंकों में सीधे क्रेडिट की जाती है।

FAQ 2: CG में किसानों को कौन-कौन सी योजनाएँ मिलती हैं?

  • राजीव गांधी किसान न्याय योजना– प्रति एकड़ सब्सिडी।
  • गोधन न्याय योजना– ₹2 प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी।
  • सौर सुजला योजना– कम दरों पर सोलर पंप।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना– आपदाओं से फसल की सुरक्षा।
  • कृषक जीवन ज्योति योजना– सिंचाई पंपों के लिए मुफ्त बिजली सुविधा।

FAQ 3: CG में बुजुर्गों को कितनी पेंशन मिलती है?

उत्तर- छत्तीसगढ़ में 60 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को 200 से लेकर 500 तक की राशि प्रदान की जाती है। इसके लिए आवेदन जनपद पंचायत या समाज कल्याण कार्यालय में किया जा सकता है।

FAQ 4: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएँ?

उत्तर- आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर pmjay.gov.in अपनी पात्रता चेक करें फिर राशन कार्ड साथ लेकर किसी आधिकारिक CSC केंद्र या अस्पताल में जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जा सकता है।

FAQ 5: CG सरकारी योजनाओं की शिकायत कहाँ करें?

उत्तर- सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की समस्याएं होने पर राज्य सरकार की प्रमुख वेबसाइट cgstate.gov.in और CM मितान योजना हेल्पलाइन 14545 पर शिकायत किया जा सकता है।

FAQ 6: CG में सरकारी योजना का आवेदन कहाँ करें?

उत्तर- योजनाओं का लाभ प्राप्त करने व ऑनलाइन आवेदन के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर CSC काफी आसान होता है। इसके साथ ही मितान योजना का हेल्पलाइन, जिला कार्यालय और योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवेदन कर सकते हैं।

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