मानवाधिकार संस्थाओं पर खतरा: छत्तीसगढ़ में मानवाधिकार के नाम से चल रही संस्थाओं पर गिरेगी गाज
CG News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर मानवाधिकार के नाम से चल रही संस्थाओं पर कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें।
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रायपुर।20 फरवरी 2026| छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में ऐसी संस्थाएं और समिति कार्यरत हैं, जिनके नाम पर मानवाधिकार शब्द जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानवाधिकार से मिलते- जुलते नामों के इस्तेमाल पर आपत्ति की है। इन संस्थाओं ने मानवाधिकार शब्द का उपयोग कर पंजीकरण भी करा लिया है। इसमें से ज्यादातर संस्थाएं मानवाधिकार के नाम पर राज्य और केंद्र सरकार से फंड भी हासिल कर रही हैं। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में जांच के दौरान इस तरह की संस्थाएं बड़ी संख्या में मिलेंगी और इन पर कार्रवाई कर रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेज दी जाएगी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का मुख्य उद्देश्य मानव अधिकार के मामलों की निगरानी करना है। इस दौरान देश के नागरिकों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा मानव अधिकार शब्द का इस्तेमाल कर दुरुपयोग करने के मामले भी आ रहे हैं। आयोग को शिकायत के साथ जानकारी भी मिली है कि कई गैरसरकारी संस्थाओं ने मानवाधिकार शब्द का उपयोग कर संस्था का नाम तय कर लिया है और इसका बाकायदा पंजीकरण भी कराकर कार्यालय खोल लिया गया है। जबकि ऐसी संस्थाओं को मानव अधिकार आयोग की ओर से किसी तरह का अधिकार नहीं दिया गया है। इन शिकायतों को मानव अधिकार आयोग ने गंभीरता से लेते हुए स्वत: संज्ञान लिया है।
दिल्ली में सामने आया मामला
आयोग के सामने ताजा मामला दिल्ली मं आया है। यहां जानकारी मिली कि दिल्ली सरकार में पंजीकृत करवा कर वर्ष 2022 से एक गैरसरकारी संस्था काम कर रही है। उस संस्था का कहना है कि उसे नीतिआयोग, कॉर्पोरेट मंत्रालय और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय से पंजीयन मिला है। साथ ही दावा किया गया है कि वह आंध्र प्रदेश मानवाधिकार परिषद से भी संबद्ध है। इस प्रकरण को आयोग ने बहुत ही गंभीरता से लिया है और इसके बाद पूरे देश में मानव अधिकार के नाम से चल रहे गैरसरकारी संगठनों की पड़ताल कर सभी राज्यों से रिपोर्ट मांगी गई है।
आयोग ने जताई चिंता
देशभर में मानव अधिकार के उल्लंघन के मामलों की शिकायत बढ़ रही है। ऐसे में मानव अधिकार आयोग से मिलते-जुलते संगठन इसका फायदा उठा रहे हैं। गैरकानूनी रूप से मानव अधिकार के उल्लंघन के मामलों में दखल दे रहे हैं। ऐसे में इस तरह की संस्थाओं के पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए पूर्व में ही अफसरों को दिशा- निर्देश दिए जा चुके थे।
सभी राज्यों में होगी कार्रवाई
आयोग ने मामले की गंभीरता का देखते हुए सभी प्रदेशों के मुख्य सचिव और डीजीपी को कहा है कि वह मानवाधिकार के नाम से चल रही संस्थाओं की जानकारी जुटाएं और गलत तरीके से काम कर रहे सभी संगठनों की रिपोर्ट दो सप्ताह में भेज दें। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसी संस्थाओं की जल्द पतासाजी की जाएगी और फिर इसकी पूरी रिपोर्ट बना कर मानवाधिकार आयोग को भेज दी जाएगी। संदिग्ध और गैरकानूनी तरीके से चल रही संस्थाओं के पंजीयन भी निरस्त करने की सिफारिश की जा सकती है।