CG PM Awas: साकार हो रहा पक्के मकान का सपना, साय सरकार के प्रयासों से पीएम आवास के हितग्राहियों को मिल रही नए घर के साथ खुशियों की चॉबी
CG PM Awas: इस अभियान का उद्देश्य आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आजीविका और संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। पीएम जनमन योजना आज केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों के लिए न्याय, समानता और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है
CG PM Awas: किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक महत्व तभी सिद्ध होता है, जब उसका लाभ जमीनी स्तर पर आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाए। ऐसी ही एक सशक्त योजना है प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान, जिसका प्रभाव रायगढ़ जिले में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। जब शासन की योजनाएँ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचती हैं, तब वे केवल किसी एक परिवार नहीं बल्कि पूरे समाज में परिवर्तन लाती हैं। पीएम-जनमन योजना, जिसकी शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में की गई, विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्त्वाकांक्षी मिशन है।
इस अभियान का उद्देश्य आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आजीविका और संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। पीएम जनमन योजना आज केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों के लिए न्याय, समानता और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है। ग्राम कुर्रा के रतिराम की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं सही ढंग से लागू होती हैं, तो वे लोगों की तस्वीर ही नहीं, तकदीर भी बदल देती हैं। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहीमूलक योजनाओं की बदौलत अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।
बदल गई तस्वीर और तकदीर
लैलूंगा विकासखंड के सुदूर ग्राम कुर्रा के निवासी रतिराम बिरहोर को उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना-पक्का और सुरक्षित आवास-साकार हुआ। वर्षों तक कच्चे मकान में रहकर बरसात, ठंड और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच जीवन-यापन करने वाले रतिराम और उनका परिवार जब पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत आवास में प्रवेश किया, तो वह क्षण उनके लिए अविस्मरणीय बन गया। आवास स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और निर्धारित समय में पूर्ण भी हुआ। नया पक्का घर न केवल उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और सम्मान भी लेकर आया है।
रतिराम का कहना है कि पहले जिस घर में रहना मजबूरी था, वहीं अब पक्के मकान में रहना गर्व की अनुभूति देता है। इसी तरह ग्राम झाल निवासी कुंती बाई के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने नई उम्मीदों का संचार किया है। वर्षों तक जर्जर खपरैल वाले कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों के साथ जीवनयापन करने वाली कुंती बाई आज एक पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रह रही हैं। आर्थिक-सामाजिक जनगणना 2011 के आधार पर उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल था। लंबे इंतजार के उपरांत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनपद पंचायत बेमेतरा द्वारा उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। आज उनके घर का निर्माण पूर्ण हो चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ कुंती बाई को केंद्र एवं राज्य सरकार की कई अन्य योजनाओं का लाभ भी प्राप्त हुआ।
1073 हितग्राहियों को नये आवास की चाबी सौंपी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में आयोजित कार्यक्रम में 195.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 1073 हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत तीन हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना अंतर्गत पाँच हजार किसानों को अधिकार अभिलेख तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ध्येय है कि हर घर में पक्का मकान, शौचालय, शुद्ध पेयजल और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए हमारी सरकार जनता के हित में वचनबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बने 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी में जो वादे किए गए थे, उन्हें हम एक-एक कर पूरा कर रहे हैं।
आवास मेला में 188 करोड़ रूपये की 879 आवासों की बुकिंग
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 नागरिकों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम साबित नहीं हुआ। हाउसिंग बोर्ड द्वारा राज्यभर के विभिन्न आवासीय विकल्पों को एक छत के नीचे उपलब्ध कराना ऐतिहासिक कदम साबित हुए। तीन दिवसीय मेले में 188 करोड़ रुपये के 879 आवासों की ऑन-द-स्पॉट बुकिंग हुई, जो हाउसिंग बोर्ड की अब तक की सबसे सफल उपलब्धियों में से एक है। रायगढ़, जशपुर, कोरबा, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जगदलपुर जैसी जगहों के प्रोजेक्ट्स में भारी बुकिंग दर्ज की गई। रायपुर और नवा रायपुर के प्रमुख प्रोजेक्टकृकबीर नगर, भुरकोनी, बोरियाकला, पिरदा, सेजबहार, नरदहा और अटल नगर सेक्टर-12 फेस-2 सहित मुख्यमंत्रीदृप्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों में भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली।
संपत्ति बेचकर रचा इतिहास
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि शासन के नीतिगत निर्णयों के कारण हाउसिंग बोर्ड ने केवल एक वर्ष में 700 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर इतिहास रच दिया है, जो पिछले पाँच वर्षों के मुकाबले कई गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत प्रोजेक्ट तभी शुरू होंगे जब तीन माह में 10 प्रतिशत बुकिंग या एकमुश्त 60 प्रतिशत बुकिंग प्राप्त होगी। मेला परिसर पहले दिन से ही हजारों लोगों की भीड़ से गुलजार रहा। विभिन्न जिलों के किफायती और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और ऑन-द-स्पॉट बुकिंग कराने लोगों का उत्साह लगातार बना रहा। मेले की सबसे बड़ी आकर्षण रही केवल 1þ राशि पर बुकिंग करने की सुविधा, तत्काल बैंक लोन उपलब्धता और प्रतिदिन आयोजित होने वाले लकी ड्रॉ। इन आकर्षक ऑफर्स ने न सिर्फ खरीदारों में उत्साह बढ़ाया बल्कि बुकिंग के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए।
अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।