एक्शन में सिस्टम: दो जिलों में अवैध ईंट कारोबारियों पर गिरी गाज, सीएम के इलाके में जंगल में खोदाई कर रहा था जेसीबी

CG News: सख्त प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के दो जिलों में अवैध ईंट निर्माण करने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसा है। भारी मात्रा में ईंट बरामद की गई हैं। जबकि सीएम विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में जंगल के भीतर जेसीबी से अवैध खोदाई करता जेसीबी मिला है।

Update: 2026-03-18 12:54 GMT

इमेज सोर्स- NPG News

जशपुरनगर/बलरामपुर।18 मार्च 2026| मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विधानसभा में अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के बयान के बाद सक्रिय प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। जशपुर और बलरामपुर जिलों में प्रशासन ने अवैध ईंट कारोबारियों पर गाज गिरा दी है। अकेले जशपुर में एक ही जगह से दो लाख 10 हजार ईंट बरामद की गई है। सतना का व्यक्ति जशपुर में आकर ईंट का अवैध व्यवसाय करता मिला है। जबकि बलरामपुर में भी कार्रवाई कर 80 हजार ईंट जब्त की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि जशपुर जिले की तहसील फरसाबहार अंतर्गत ग्राम पमशाला में अवैध रूप से ईंट निर्माण एवं उसके कारोबार की शिकायत मिलने पर खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में ईंटें जब्त की हैं। जांच के दौरान प्रीतमलाल प्रजापति ग्राम बिहरा, थाना रामपुरबाघेलान, जिला सतना हाल मुकाम पमशाला, तहसील फरसाबहार के पास से 2 लाख 10 हजार नग ईंटें जब्त की गई हैं। प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से संबंधित मामलों में नियमित जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध ईंट भट्ठों पर प्रशासन की कार्रवाई

80 हजार अवैध ईंट के साथ 3 टन कोयला जब्त बलरामपुर जिले में अवैध संचालित ईंट भट्टों पर प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। तहसीलदार सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में नगरपालिका बलरामपुर के वार्ड क्रमांक-13 में संचालित अवैध ईंट भट्टे पर कार्रवाई की गई। मौके पर लगभग 40,000 पकी हुई ईंटें, 15,000 कच्ची ईंटें तथा करीब 03 टन कोयला पाया गया, जिसे जब्त किया गया। इसी प्रकार ग्राम डूमरखी में भी अवैध ईंट भट्टे पर कार्रवाई करते हुए लगभग 25,000 ईंटों का अवैध निर्माण पाया गया, जिसे जब्त कर आवश्यक कार्यवाही की गई है।

जंगल में मिला जेसीबी, निजी कंपनी के हौसले बुलंद

दूसरी ओर वनमण्डल जशपुर में एक निजी कंपनी के हौसले बुलंद दिखे हैं। यहां पर जंगल के भीतर जेसीबी ले जाकर खोदाई की जा रही थी। ग्रामीणों के जरिए वन विभाग को ग्राम सरबकोम्बो के समीप अवैध उत्खनन की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध उत्खनन कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराया तथा एक जे.सी.बी. मशीन जप्त की गई है। वन परिक्षेत्र बगीचा अंतर्गत बगीचा-चराईडांड मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम सरबकोम्बो के समीप कक्ष क्रमांक 1373, मुसघुटरी वनखण्ड में बिना किसी सक्षम अनुमति के जे.सी.बी. मशीन के माध्यम से अवैध उत्खनन किया जा रहा था। मौके पर वन परिक्षेत्राधिकारी बगीचा प्रशिक्षु भा.व.से. सुश्री यशस्वी मौर्य अपने दल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं एवं अवैध उत्खनन कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवाया। वहां एक बिना पंजीयन क्रमांक की जे.सी. बी. मशीन पाई गई, जिसका चेचिस नम्बर इउएउऌ10इउउ2200235 एवं इंजन नम्बर 4ऌ3103/2220065 है द्वारा अवैध उत्खनन होना पाया गया। स्थल पर उपस्थित जे.सी.बी. चालक ओम प्रकाश दुबे आ. जनेश्वर दुबे, निवासी ग्राम कुमोरंगा, तहसील रामचन्द्रपुर, जिला बलरामपुर से आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया, किन्तु चालक द्वारा कोई भी वैध अनुमति अथवा अभिलेख प्रस्तुत नहीं गया। पूछताछ के दौरान चालक द्वारा बताया गया कि वह विजय प्रजापति आ. विष्णु प्रसाद प्रजापति, निवासी सोहागपुर, जिला शहडोल (म.प्र.) के निर्देश पर एयरटेल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदाई कर रहा था।

चालक के अनुसार लगभग 67 मीटर लंबाई, 1.70 मीटर गहराई एवं 2 मीटर चौड़ाई में खुदाई कार्य किया गया था, तथापि, स्थल पर किसी भी प्रकार की सक्षम अनुमति या वैधानिक स्वीकृति उपलब्ध नहीं पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कार्य पूर्णत: अवैध रूप से किया जा रहा था। जांच के दौरान जे.सी.बी. मशीन के मालिक विकास जायसवाल आ. भगवानदीन जायसवाल, निवासी अम्बिकापुर, जिला सरगुजा का होना पाया गया। वन विभाग द्वारा जे.सी.बी. मशीन को जब्त कर बगीचा निस्तार डिपो में सुरक्षित रखा गया है। साथ ही अवैध उत्खनन एवं इससे वनभूमि एवं जैव विविधता को हुई क्षति को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

वनमण्डलाधिकारी जशपुर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वनभूमि में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, उत्खनन अथवा अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। ऐसे प्रकरणों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी एवं दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। वन विभाग द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वन क्षेत्रों में होने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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