CG News: कोल माइंस में ब्लास्टिंग, किसान की मौत: ब्लास्टिंग से फुटबाल की तरह उछला पत्थर और सीधे सिर पर आ गिरा, ग्रामीण शव रखकर करते रहे प्रदर्शन
Coal Mine Blasting Me Kisan Ki Maut: कोल माइंस में ब्लास्टिंग के दौरान एक पत्थर फुटबाल की तरह तेजी के साथ उछला और पैदल जा रहे किसान के सिर पर आ गिरा।इससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद देर रात तक ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते रहे।
Coal Mine Blasting Me Kisan Ki Maut: कोरबा। कोल माइंस में ब्लास्टिंग के दौरान एक पत्थर फुटबाल की तरह तेजी के साथ उछला और पैदल जा रहे किसान के सिर पर आ गिरा।इससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद देर रात तक ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते रहे।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL की दीपका खदान में जानलेवा हादसा हो गया। ब्लास्टिंग के दौरान उछला पत्थर एक किसान के सिर पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने घटनास्थल पर शव रखकर देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। मौके पर पुलिस बल और CISF के जवानों को तैनात किया गया था।
जब ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ने लगा तक एसईसीएल के स्थानीय अधिकारियों ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की। तब कहीं ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ,और शव को लेकर घरों की ओर लौटे। मृतक किसान की पहचान रेकी गांव निवासी लखन लाल पटेल (60) के रूप में हुई है। बेटे अनिल कुमार ने बताया कि पिता हरदीबाजार में अपने साढू भाई के यहां गए थे। वहां से पैदल लौटते समय यह हादसा हुआ।
लखन लाल पटेल पेशे से किसान थे। वह बुधवार सुबह अपने साढू भाई के यहां गए थे। दोपहर तकरीबन 3 बजे वह वापस अपने गांव रेकी लौट रहे थे। इस दौरान दीपका खदान में हैवी ब्लास्टिंग से उछला पत्थर उनके सिर पर आ गिरा, जिससे वे नीचे गिर पड़े। आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मुआवजा और रोजगार मिलने के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म
मुआवजा और नौकरी मिलने के आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया है। सरपंच लोकेश्वर कंवर ने बताया कि 5 जनवरी को हरदीबाजार, सराई सिंगार और रेकी के ग्रामीणों की SECL महाप्रबंधक कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में हैवी ब्लास्टिंग नहीं करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ब्लास्टिंग जारी रही और अब यह हादसा हो गया।
SECL के पीआरओ शनिष चंद्र ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह अत्यंत ही दुखद है। उन्होंने बताया कि ब्लास्टिंग से पूर्व सायरन बजाना और आसपास के क्षेत्र को सतर्क करना स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा है, बावजूद इसके एरिया प्रबंधन की ओर से घटना का विश्लेषण किया जा रहा है।