CG में रेप पीड़िता से क्रूरता की पराकाष्ठा: रेप पीड़िता को गांव वालों का पैर धोकर उस पानी से नहाना और बकरा -भात खिलाना होगा, पंचायत का क्रूर फरमान

CG News: छत्तीसगढ़ बलरामपुर के एक गांव में रेप पीड़िता और परिवार पर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि,सरपंच और ग्रामीणों ने गजब का सितम ढाया है। संवेदना व्यक्त करने और कानूनी सहायता दिलाने के बाद पीड़िता और परिवार पर सरपंच ने अजीबो-गरीब शर्तें लाद दी है।

Update: 2026-03-07 10:48 GMT

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बलरामपुर। 07 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ बलरामपुर के एक गांव में रेप पीड़िता और परिवार पर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि,सरपंच और ग्रामीणों ने गजब का सितम ढाया है। संवेदना व्यक्त करने और कानूनी सहायता दिलाने के बाद पीड़िता और परिवार पर सरपंच ने अजीबो-गरीब शर्तें लाद दी है। पीड़िता से कहा, गांव वालों का पैर धोना पड़ेगा और उसी पानी से नहाना पड़ेगा। ऐसे कई उटपटांग शर्तें लाद दी है, जिसे पूरा करना पीड़िता और परिवार के लिए किसी अमानवीय सजा से कम नहीं है। अमानवीय शर्तों के साथ ही पंचायत ने परिवार को पूरे 12 साल के लिए समाज से बहिष्कृत करने की सजा सुना दी 

पंचायत ने समाज से बहिष्कार की सजा सुनाने के साथ ही शर्तें भी लाद दी है। ग्राम पंचायत के सरपंच जवाहिर लाल का फरमान पढ़िए, अगर पीड़िता का परिवार अपनी गलती स्वीकार करता है और समाज में वापसी चाहता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोने होंगे। उस पानी से परिवार को नहलाया जाएगा। इसके अलावा दंड के रूप में पूरे समाज को बकरा-भात और शराब खिलाना पिलाना होगा।

क्या है मामला

दरअसल गांव के युवक और युवती का प्रेम प्रसंग चल रहा था। पीड़िता का आरोप है कि शादी का झांसा देकर युवक ने सबंध बनाए, गर्भवती होने के बाद वह शादी करने से मुकर गया। जिसके बाद पीड़िता ने थाने में FIR दर्ज कराई। अब गांव वालों ने झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए पीड़िता और उसके परिवार का बहिष्कार कर दिया है।

पढ़िए पूरी कहानी

युवक-युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं। एक साल से दोनों के बीच प्रेम संबंध चल रहा था। युवक ने शादी का वादा कर कई बार युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस बीच युवती प्रेग्नेंट हो गई। उसने यह बात युवक को बताई और शादी का दबाव बनाया। युवती जब भी शादी की बात करती, युवक उसे टालता रहा। उसने दोबारा शादी करने की बात कही, तो युवक ने शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद युवती ने मामले की जानकारी परिजनों दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने का फरमान

पंचायत के फैसले के बाद परिवार को गांव के सामाजिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन, सामुदायिक गतिविधियों से दूरी कहा गया है। दोनों परिवारों के किसी भी कार्यक्रम में गांव के लोग शामिल नहीं होंगे।


पढ़िए इनकी बातें

पीड़िता का कहना है, एफआईआर दर्ज कराने के बाद गांव में पंचायत बैठी। मुझे युवक पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया गया। पंचायत ने हमारे परिवार को 12 साल के लिए समाज से बहिष्कृत कर दिया है। चेतावनी भी दी है कि समाज के किसी भी काम में आने की जरुरत नहीं है।

सरपंच जवाहिर लाल का कहना है, लड़की को सच-सच बताना होगाा कि बच्चा किसका है। परिवार को अपनी गलती स्वीकार करनी होगी। समाज में वापस आने के लिए जो शर्तें बताई गई है उसे पूरा करना होगा।

दंड के रूप में पूरे समाज को बकरा-भात खिलाना होगा।

SDM, वाड्रफनगर नीरनिधि नंदेहा का कहना है, मामला प्रशासन के संज्ञान में है। दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की जाएगी। पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

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