CG Lecturer Promotion: व्याख्याता प्रमोशन: ई संवर्ग के नियमित शिक्षकों को डीपीसी से रखा अलग, छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ का फूटा गुस्सा, 29 दिसंबर को संचालनालय का करेंगे घेराव...
CG Teacher News: व्याख्याता प्रमोशन को लेकर डीपीआई के अफसरों ने जिस तरह का मापदंड तय किया है उसे लेकर अब शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों का गुस्सा फूटने लगा है। ई संवर्ग के नियमित शिक्षकों को अलग रखकर शिक्षक एलबी को लेक्चरर के पद पर पदोन्नति देने ने डीपीआई ने डीपीसी करा दिया है। इसे लेकर छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ सामने आ गया है। संघ ने 29 दिसंबर को संचालनालय का घेराव करने और डीपीआई के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे। जाहिरतौर पर मामला अब गरमाने लगा है। शिक्षक संगठनों से जुड़े नेताओं का कहना है कि इसके बाद भी अफसरों का रवैया अड़ियल बना रहा तो अदालत का रूख करेंगे।
CG Teacher News: रायपुर। व्याख्याता प्रमोशन को लेकर डीपीआई के अफसरों ने जिस तरह का मापदंड तय किया है उसे लेकर अब शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों का गुस्सा फूटने लगा है। ई संवर्ग के नियमित शिक्षकों को अलग रखकर शिक्षक एलबी को लेक्चरर के पद पर पदोन्नति देने ने डीपीआई ने डीपीसी करा दिया है। इसे लेकर छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ सामने आ गया है। संघ ने 29 दिसंबर को संचालनालय का घेराव करने और डीपीआई के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे। जाहिरतौर पर मामला अब गरमाने लगा है। शिक्षक संगठनों से जुड़े नेताओं का कहना है कि इसके बाद भी अफसरों का रवैया अड़ियल बना रहा तो अदालत का रूख करेंगे।
छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने शिक्षा विभाग के आला अफसरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पदोन्नति के विषय पर शिक्षा विभाग ने 8 दिसंबर 2025, को महाधिवक्ता कार्यालय को झूठी जानकारी दी है। संघ के प्रांताध्यक्ष ने कहा कि महाधिवक्ता कार्यालय व हाई कोर्ट को झूठी जानकारी देने वाले डीपीसी के अध्यक्ष एवं जिला शिक्षा अधिकारी एवं ओआईसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करेंगे।
संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने बताया कि प्रधान पाठकों के पदोन्नति के संबंध में 8 दिसंबर को ओआईसी एवं बलौदा बाजार जिला शिक्षा अधिकारी ने महाधिवक्ता कार्यालय में शपथ पत्र देते हुए जानकारी दी कि सभी प्रधान पाठकों को पदोन्नति दी जा चुकी है। इस आधार पूरा मामला अब निष्प्रभावी हो चुका है। शिक्षा विभाग के अफसरों द्वारा महाधिवक्ता कार्यालय सहित उच्च न्यायालय को प्रधान पाठकों की पदोन्नति देने की झूठी जानकारी दी जा रही है। 22 दिसंबर को गठित डीपीसी में इनके नामों पर भी विचार नहीं किया जा रहा है। संघ के प्रांत सचिव रोहित साहू ,प्रकाश साहू ने बताया कि प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी शपथ पत्र के साथ विभाग का भंडाफोड़ करेंगे। प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि राज्य शासन 22 दिसंबर को आयोजित डीपीसी को रिव्यू कर ई संवर्ग के शिक्षकों के साथ न्याय कर सकता है। उन्होंने बताया कि जिन सैकड़ों प्रधान पाठकों की पदोन्नति हो जाने की फर्जी झूठी जानकारी महाधिवक्ता कार्यालय को दी गई है उनको लेकर 29 दिसंबर को संचालनालय में धरना प्रदर्शन करेंगे व डीपीआई के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
क्या है मामला, क्यों फंस रहा है पेंच
स्कूल शिक्षा विभाग ई संवर्ग के नियमित शिक्षकों को छोड़कर शिक्षक एलबी को व्याख्याता पद पर प्रमोशन देने डीपीसी कर लिया है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि विभाग के अफसरों को नियमों और राज्य शासन के दिशा निर्देशों व मापदंडों की जानकारी देने के बाद भी वे अपने जिद पर अड़े हैं। अगर विभाग के अफसर अपनी जिद पर अड़े रहकर डीपीसी कराते हैं तो मामला एक बार फिर अदालत की राह पकड़ लेगा। नियमों में साफ लिखा है कि नियमित शिक्षक और शिक्षक एलबी का साथ-साथ डीपीसी करानी होगी और पदोन्नति देना होगा। नियमों में साझा डीपीसी और पदोन्नति का प्रावधान है। इस प्रावधान के विपरीत शिक्षक एलबी को पदोन्नति देने के लिए डीपीसी कराने की स्थिति में मामला एक बार फिर हाई कोर्ट पहुंचेगा। जैसा कि प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति के दौरान देखने को मिला था।
शिक्षक एलबी का लेक्चरर के पद पर प्रमोशन की है तैयारी, यहीं से शुरू हुआ विवाद
दरअसल डीपीआई के सूत्रों से यह खबर निकलकर सामने आई कि शिक्षक एलबी का व्याख्याता पद पर प्रमोशन होने जा रहा है और इसके लिए विभाग डीपीसी कर चुका है , इसके साथ ही शिक्षक एलबी संगठन के कई संगठनों ने यह दावा किया कि उनकी वजह से यह प्रक्रिया हुई है और अब शिक्षक एलबी व्याख्याता बन जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जहां अड़चन थी उस भाग को याने नियमित शिक्षकों को डीपीसी से फिलहाल बाहर रखा गया है और जब उनका मामला निपटा जाएगा तब विभाग उनका प्रमोशन करेगा । जैसे ही यह खबरें बाहर हुई वैसे ही नियमित शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हर स्तर पर इसका विरोध शुरू कर दिया है ।
इससे वरिष्ठता का आएगा संकट, जूनियर शिक्षक एलबी हो जाएंगे सीनियर
दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग में ई और टी दो कैडर प्रभावशील हैं, जिसके अंतर्गत नियमित और शिक्षक एलबी कार्य करते हैं। शिक्षक एलबी वह कर्मचारी है जो पहले शिक्षाकर्मी के नाम से जाने जाते थे और बाद में संविलियन के तौर पर वह स्कूल शिक्षा विभाग में आ चुके हैं। अब यदि जैसा दावा किया जा रहा है, उस तरीके से शिक्षक एलबी को व्याख्याता बना दिया जाए और नियमित शिक्षकों को छोड़ दिया जाए और उनका बाद में प्रमोशन किया जाए तो स्वाभाविक रूप से नियमित शिक्षक जो अभी सीनियर है वह व्याख्याता के पद पर शिक्षक एलबी से जूनियर हो जाएंगे। साथ ही उनकी मनचाही जगह भी उनके हाथ से निकल जाएगी । नियमित शिक्षकों की तरफ से कुछ शिक्षकों ने वरिष्ठता के मुद्दे को लेकर न्यायालय में केस दायर कर रखा है। उस मुद्दे को सुलझाए बिना शासन पदोन्नति करने की स्थिति में नहीं है।