CG में ऑनलाइन गेमिंग ऐप का फूटा भांडा: दो खाली गिरफ्तार, कैश समेत 45 लाख जब्त, राजधानी के होटल से ऑपरेट कर रहा था ऑनलाइन सट्टा

CG Crime News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर में ऑनलाइन गेमिंग ऐप का भांडाफोड़ पुलिस ने किया है। खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज और उसके साथी प्रदीप खत्री को रायपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी होटल से रिक्की पैनल के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था।

Update: 2026-03-21 07:31 GMT

इमेज सोर्स- NPG News

बिलासपुर। 21 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर में ऑनलाइन गेमिंग ऐप का भांडाफोड़ पुलिस ने किया है। खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज और उसके साथी प्रदीप खत्री को रायपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी होटल से रिक्की पैनल के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों से 6.90 लाख रुपए नकद,तीन लग्जरी कार, महंगे मोबाइल, लैपटॉप और बैंक दस्तावेज समेत करीब 45 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। इसके अलावा 10 से ज्यादा बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने अब इनकी संपत्ति कुर्क करने का निर्णय लिया है।

पढ़िए क्या है पूरा मामला

एंटी साइबर एंड क्राइम यूनिट ACCU और सिविल लाइन पुलिस की टीम लंबे समय से रिक्की पैनल के मास्टरमाइंड और 5 हजार रुपए के इनामी खाईवाल राजा बजाज की तलाश कर रही थी। पुलिस को जानकारी मिली, राजा बजाज फरारी में अपना ठिकाना बदल-बदल कर ऑनलाइन सट्‌टा ऑपरेट कर रहा है।

महिला के नाम पर रूम बुक करा, ऑपरेट कर रहा था ऑनलाइन सट्टा

पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम रायपुर पहुंची। जहां राजा बजाज होटल के कमरे में ठहरा था। पुलिस ने होटल के रजिस्टर की जांच की, तब पता चला कि रूम महिला के नाम पर बुक है। रूम में दबिश देने पर राजा बजाज और प्रदीप खत्री मिले। होटल के कमरे की तलाशी लेने पर कैश, लैपटॉप, मोबाइल और सट्टे का हिसाब-किताब और रजिस्टर बरामद मिला।

टेलीग्राम के जरिए कस्टमर जोड़ना और वाट्सएप से देते थे लिंक

पुलिस जांच में सनसनीखेज जानकारी सामने आई है, आरोपी रिक्की पैनल के जरिए से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। इस पैनल के जरिए कस्टमर को एविएटर, विन्गो, कैसिनो, हॉर्स राइडिंग सहित अन्य ऑनलाइन गेम्स उपलब्ध कराए जाते थे, जिन पर हार-जीत का दांव लगाया जाता था। यह पूरा नेटवर्क पैन देशभर में फैला हुआ था। आरोपी टेलीग्राम के जरिए कस्टमर जोड़ते थे, व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर उन्हें लिंक उपलब्ध कराया जाता था, जिसके माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खेला जाता था।

हिस्सा पहले से तय

आरोपियों ने पुलिस को बताया, गिरोह के एजेंट ग्राहकों को जोड़ने के बाद हार-जीत का दांव लगाते थे। सट्टे के इस कारोबार में मुनाफे का बंटवारा भी तय था, जिसमें 65 प्रतिशत हिस्सा हेड ऑफिस और 35 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय ऑपरेटरों को मिलता था।

लगातार बदल रहा था ठिकाना

पुलिस ने सरकंडा के मोपका स्थित गार्डन सिटी निवासी खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज (34) पिता किशन चंद्र बजाज पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस की टीम भी लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसके साथ ही टीम मंगला के आदित्यनाथ परिसर निवासी प्रदीप खत्री पिता रामचंद खत्री की भी तलाश में थी। दोनों लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। इस दौरान दोनों घूम-घूमकर ऑनलाइन सट्‌टा ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस को उनके रायपुर में छिपकर रहने की जानकारी मिली, तब योजना बनाकर रेड कार्रवाई की गई।

ऐसा करते थे फ्रॉड, दूसरों के बैंक अकाउंट से लेनदेन, लाखों का ट्रांजेक्शन

पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग करते थे। कमीशन का लालच देकर लोगों से उनके बैंक खाते हासिल कर लेते थे और उन्हीं खातों के जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों में लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है।

तीन लग्जरी कार और महंगे मोबाइल जब्त

सटोरियों से पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, कार और रजिस्टर समेत 45 लाख की जब्ती की। जिनमें लैपटॉप, मंहगे मोबाइल, 5 बैंक पासबुक और 5 चेकबुक, होंडा सिटी कार (सीजी 10 एएल 6300), मारुति ब्रेजा कार (सीजी 10 बीएस 2111), मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (सीजी 10 ए क्यू 3352), होंडा एक्टिवा, 6 लाख 90 हजार कैश, 2 रजिस्टर (जिनमें ऑनलाइन सट्टा के लाखों रुपए का विस्तृत हिसाब-किताब दर्ज है) शामिल हैं।

SSP रजनेश सिंह ने कहा, संपत्ति करेंगे जब्त

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि, पहली बार किसी सटोरिए के खिलाफ वित्तीय जांच पड़ताल शुरू की गई है। फिलहाल, आरोपी के नाम पर करीब 50 लाख रुपए कीमत का एक मकान मिलने की जानकारी मिली है। अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है, जिन्हें जल्द कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि, इस तरह से सट्‌टे का अवैध कारोबार से लोगों के मेहनत की गाढ़ी कमाई लूटने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस अब आर्थिक प्रहार करने की तैयारी में है। इनकी संपत्ति की जांच के बाद आय-व्यय की जानकारी जुटाकर एंड टू एंड कार्रवाई की जाएगी। ताकि, अवैध कारोबारियों को समूल नष्ट किया जा सके।

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