CG Crime News: रायगढ़ हिंसा अपडेट: महिला थानेदार से मारपीट करने वाले दो युवक गिरफ्तार, महिला थानेदार की फाड़ दी थी वर्दी...

CG Crime News: रायगढ़ हिंसा को लेकर पुलिस की सख्ती अब सामने आने लगी है। तमनार में महिला थानेदार की वर्दी फाड़ने और मारपीट करने वाले दो युवकाें को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हिंसा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो वायरल हुआ था जो आज भी अलग-अलग प्लेटफार्म पर देखे जा सकते हैं। वीडियो के आधार पर पुलिस हुड़दंगियों की पहचान कर रही है। टीआई के साथ मारपीट करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

Update: 2026-01-02 11:23 GMT

CG Crime News: रायगढ़। रायगढ़ हिंसा को लेकर पुलिस की सख्ती अब सामने आने लगी है। तमनार में महिला थानेदार की वर्दी फाड़ने और मारपीट करने वाले दो युवकाें को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हिंसा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो वायरल हुआ था जो आज भी अलग-अलग प्लेटफार्म पर देखे जा सकते हैं। वीडियो के आधार पर पुलिस हुड़दंगियों की पहचान कर रही है। टीआई के साथ मारपीट करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रभावित ग्रामों के ग्रामीण तमनार में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते दिनों धरना प्रदर्शन के दौरान महिला थानेदार के साथ भीड़ ने बदसुलूकी की थी। महिला थानेदार की वर्दी फाड़ने के साथ ही मारपीट की थी। इस घटना में थानेदार बुरी तरह घायल हो गई थी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर पुलिस थानेदार के साथ बदसुलूकी करने वालों की पतासाजी कर रही है। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इस घटना में शामिल दो अन्य लोग अभी भी फरार है। पुलिस दोनों युवकों की तलाश कर रही है।

आंदोलन करने वाले ग्रामीणों ने महिला थानेदार के साथ मारपीट की घटना से इनकार किया है। ग्रामीणों का कहना है कि, गांव के लोग इस घटना में शामिल नहीं थे। घटना से ग्रामीणों का कोई लेना देना नहीं है। ग्रामीणों ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा का भी बयान सामने आया है। मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि, घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि, कानून के रक्षक के साथ ऐसी कृत्य करना गलत है। किसी को कानून अपने हाथ में रखने का अधिकार नहीं है।

इसलिए भड़का था ग्रामीणों का आक्रोश

छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिले के तमनार गारे पेल्म कोल ब्लाॅक आवंटन को लेकर 14 गांव के ग्रामीणों की नाराजगी की असली वजह जिला प्रशासन द्वारा गुपचुप तरीके से की गई जनसुनवाई को माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण से पहले तमनार के जनसुनवाई का आयोजन किया था। ग्रामीणों के विरोध के कारण जनसुनवाई नहीं हो पाई है। इसके बाद जिला प्रशासन ने 8 दिसंबर को जनसुनवाई की औपचारिकता पूरी कर ली। यह बात ग्रामीणों को पता ही नहीं चलती,अगर विद्यावती सिदार ग्रामीणों को नहीं बताती। विधायक सिदार के इस खुलासे ने आग में घी का काम किया। ग्रामीणों की नाराजगी और गुस्सा का आलम ये कि प्रभावित 14 गांव के ग्रामीण घरों में ताला जड़कर तमनार के स्कूल कैम्पस को अस्थाई डेरा बना लिया है।

ये कोल ब्लॉकों जिसका चल रहा विरोध

तमनार में जिंदल पावर लिमिटेड JPL को गारे पेलमा सेक्टर-1 Gare Palma Sector-1 और गारे पाल्मा सेक्टर IV/2 और IV/3 कोल ब्लॉक काआवंटन किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित कोल माइंस से विस्थापन, पर्यावरणीय नुकसान और आजीविका पर संकट खड़ा होगा। तमनार और आसपास का पूरा क्षेत्र पहले से ही कंपनियों के कारण प्रदूषण की चपेट में है। चौबीस घंटे भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

भूमि अधिग्रहण से इन गांवों के ग्रामीण होंगे प्रभावित

झरना, आमगांव, कोसमपाली, पतरापाली, जांजगीर, गोढ़ी, कसडोल, महलोई, सरसमाल सहित 14 गांव सीधेतौर पर प्रभावित होगा। इन गांवों के ग्रामीणों को विस्थापन की पीड़ा झेलनी पड़ेगी।

बीते छह महीने से चल रहा विरोध

प्रभावित गांव के ग्रामीण जनसुनवाई का बीते छह महीने से विरोध कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण के संबंध में 5 दिसंबर को जनसुनवाई के लिए पंडाल और टेंट लगाने का काम शुरू हुआ था कि ग्रामीणों ने जमकर विराेध किया। विरोध के चलते जनसुनवाई नहीं हो पाई। तमनार में जनसुनवाई स्थगित होने के बाद ग्रामीणों की जानकारी के बिना ही जिला प्रशासन ने तमनार से अलग दूसरी जगज जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली। ग्रामीणों का विरोध इसी बात को लेकर है। धरना में बैठे ग्रामीणों का गुस्सा भी समय के साथ फूटने लगा है। शनिवार को यही गुस्सा हिंसक रूप से ले लिया।

पहले जिला प्रशासन और फिर जिंदल ने वापस ले ली है जनसुनवाई

तमनार में हिंसा व आगजनी की घटना के बाद कलेक्टर रायगढ़ ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव को पत्र लिखकर जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग की थी। कलेक्टर के बाद जिंदल पावर ने पत्र लिखकर जनसुनवाई को वापस ले लिया है।

जिंदल पावर ने पत्र में लिखा है कि गारे पेल्मा सेक्टर 1 कोयला खदान की 8 दिसंबर 2025 को हुई जनसुनवाई के संबंध में संबंधित ग्राम वासियों द्वारा 12 दिसंबर से धरना दिया गया था। 27 दिसंबर 2025 को यहाँ पर काफी हिंसा हुई। जिसमें पुलिस एवं कंपनी के लोगों पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमे लोगों को गंभीर चोटें आई। इसके अलावा कंपनी के कोल हैंडिलिंग प्लांट में आगजनी की गई जिससे कंपनी को भारी क्षति हुई। जिंदल ग्रुप जनभावनाओं का सदैव ही आदर करता रहा है एवं यहां पर परिस्थितियों को देखते हुए हम जनसुनवाई के आवेदन को वापस लेने का निर्णय लेते हैं। जिंदल ग्रुप ने लिखा है कि हम सबको यह आश्वस्त करना चाहते हैं की जब तक ग्रामवासियों का इस संदर्भ में समर्थन नहीं रहेगा तब तक हम इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं करेंगे। अगर भविष्य में जन भावनाएं इसके प्रति अनुकूल रहेगा तब हम जनसुनवाई के लिए पुनः आवेदन प्रस्तुत करेंगे।

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