रामकृष्ण अस्पताल में 3 की मौत पर एक्शन: ठेकेदार पर FIR, बिना सुरक्षा उपकरण के सेप्टिक टैंक में उतरे थे मजदूर
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन मजदूरों की मौत मामले में पुलिस ने ठेकेदार किशन सोनी पर FIR दर्ज किया है।
रायपुर 19 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका में स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन मजदूरों की मौत मामले में पुलिस ने ठेकेदार किशन सोनी पर FIR दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों को सेप्टिक टैंक में उतारा गया था, जिसके कारण उनकी जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि टिकरापारा थाना क्षेत्र के पचपेड़ी नाका में स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में 17 मार्च की रात एक बड़ा हादसा हुआ था। भाठागांव के BSUP कॉलोनी में रहने वाली तीन मजदूर प्रशांत कुमार (32), अनमोल मचकन (25) और गोविंद सेंद्रे बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के सेप्टिक टैंक में सफाई के लिए उतरे थे। सेप्टिक टैंक में उतरते ही तीनों जहरीली गैस की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए।
अस्पताल प्रबंधन पर परिजनों ने क्या आरोप लगाए ?
आनन फानन में तीनों को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और मृतकों के परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर रात तीन बजे तक जमकर हंगामा किया।
जांच में क्या सामने आया ?
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी थी। वहीं अब जांच में सामने आया कि ठेकेदार ने अस्पताल प्रबंधन से सफाई का ठेका तो लिया मगर मजदूरों को ऑक्सीजन मास्क, बेल्ट या सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराया और बिना सुरक्षा उपकरणों के उन्हें सेप्टिक टैंक में उतार दिया। फिर जहरीली गैस की चपेट में आकर तीनों की मौत हो गई।
ठेकेदार पर कौन सी धारा लगी ?
जांच के बाद लापवाही सामने आने पर टिकरापारा थाना पुलिस ने ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
CM विष्णुदेव साय ने घटना पर जताया दुख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताते हुए सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि रायपुर स्थित निजी अस्पताल में मंगलवार रात सेप्टिक टैंक की सफ़ाई के दौरान हुई घटना अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें व शोकाकुल परिवारों को यह कठिन समय सहने की शक्ति दें। यह घटना बेहद संवेदनशील और चिंताजनक है।अधिकारियों को पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक में हुई चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आगे लिखा कि इस संदर्भ में विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक में इस विषय सहित "हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013" के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
CM साय ने दिए सख्त निर्देश
वहीं उन्होंने निर्देश देते हुए लिखा कि सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई जैसे कार्यों में मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य में किसी भी व्यक्ति से जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग का कार्य करवाने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सीवरेज सफाई का कार्य केवल नगर निगम अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो।