CG Crime News: कांग्रेस नेता व तीन पर FIR: 64 लाख की ठगी का है आरोपी, पढ़िए और किस मामले में दर्ज है एफआईआर

CG Crime News: मस्तूरी गोलीकांड में फरार चल रहे कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और साथी टाकेश्वर पाटले सहित तीन व्यक्तियों पर 64 लाख रुपए धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है।

Update: 2026-01-16 06:15 GMT

CG Crime News: बिलासपुर। मस्तूरी में हुए गोलीकांड में फरारी काट रहे कांग्रेस नेता, उसके साथी तथा एक और अन्य व्यक्ति के ऊपर पुलिस ने 64 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। मामला जमीन के धंधे से जुड़ा हुआ है।

कांग्रेस नेता और साथियों ने शिकायतकर्ता को गलत जानकारी देकर जमीन बेचने का सौदा किया और 64 लाख रुपए ले लिए। रजिस्ट्री करवाने के लिए बरगलाने लगे। बाद में पता चला कि उक्त जमीन का पहले से लेनदेन हो चुका है। कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और गोलीकांड में उसके साथ फरार चल रहे टाकेश्वर पाटले समेत तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस विवेचना में जुटी है।

सिविल लाइन पुलिस ने बताया कि सदरबाजार गोड़पारा निवासी पंकज भोजवानी पिता मोहन भोजवानी (42) पीएम कंट्रक्शन का भागीदार है। जमीन खरीदी कर मकान निर्माण का कार्य करते हैं। साल 2023 को टाकेश्वर पाटले के माध्यम से पंकज भोजनवारी का कांग्रेस नेता नागेन्द्र राय से संपर्क हुआ। पंकज को बताया कि श्रीकांत वर्मा मार्ग में एक जमीन है, जिसे जमीन मालिक और हम मिलकर बेचना चाहते हैं। इसी सौदे के लिए नागेन्द्र व टाकेश्वर ने पंकज को हरजिन्दर कौर और उसके पति ज्ञान सिंह के घर हाई कोर्ट के पास नयापारा बोदरी लेकर गए। ज्ञानसिंह ने बताया कि उसकी पत्नी हरजिन्दर कौर के नाम पर जूना बिलासपुर में स्थित खसरा न 723/2 क्षेत्रफल 0.0530 हेक्टेयर पर दर्ज है, जिसका सीमाकंन कराना शेष है। नागेन्द्र राय व टाकेश्वर पाटले की मध्यस्थता में उक्त जमीन का सौदा हरजिन्दर कौर के पति ज्ञान सिंह से तीन करोड़ रुपए में तय हुआ था।

पंकज ने हरजिन्दर कौर के खाते में 23 फरवरी 2023 को 50 लाख रुपए जमा करा दिया। कमीशन के तौर पर नागेन्द्र राय के खाते में 10 लाख रुपए जमा किया। 60 लाख रुपए भुगतान करने के बाद नागेन्द्र व टाकेश्वर को शेष पैसा लेकर रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया। जिस पर उन्होंने सीमाकंन होने में समय लगने की बात कही। पंकज ने बार-बार दोनों व्यक्ति से संपर्क कर रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा, लेकिन हर बार नागेन्द्र, टाकेश्वर व ज्ञानसिंह घुमाते रहे।

फर्जीवाड़ा का ऐसे हुआ खुलासा

इसी बीच पंकज को पता चला कि उक्त जमीन के संबंध में हरजिन्दर कौर,अनिल तिवारी व अरविंद तिवारी के बीच में सालों से कोर्ट में विवाद चल रहा है। ज्ञानसिंह गिल के द्वारा अविनाश पेशवानी नामक व्यक्ति से इसी जमीन के एवज में 50 लाख रुपए लेकर 9 अक्टुबर 2024 को 30 प्रतिशत भागीदारी देने का अनुबंध तैयार किया गया है।

समझौता के लिए चार लाख रुपए लिए

आरोपी नागेन्द्र राय व टाकेश्वर पाटले ने जमीन का सीमाकंन कराने व अनिल तिवारी को समझाने का झांसा देकर पीडि़त से अलग से चार लाख रुपए वसूल लिया है। पंकज ने जमीन रजिस्ट्री कराने या फिर पैसा वापस करने के लिए आरोपियों से कहा, आजतलक ना रजिस्ट्री कराई और ना ही पैसा वापस किया। बार-बार रकम के लिए दबाव बनाने पर नागेन्द्र राय ने पंकज को एट्रोसिटी एक्ट के गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी भी दी।

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