अविमुक्तेश्वरानंद बोले: शंकराचार्य की आवाज दबाने हिस्ट्रीशीटरों का उपयोग कर रही हैं सत्तारूढ़ पार्टियां.CM योगी असली हिंदू नही...
CG News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर प्रवास के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा, यूपी के सीएम योगी असली हिंदू नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, शंकराचार्य की आवाज दबाने के लिए सत्तारुढ़ दलें हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूक रहे हैं। UGC नियम को हिदुओं को बांटने वाला बताय।
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बिलासपुर। 18 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ बिलासपुर प्रवास के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा, यूपी के सीएम योगी असली हिंदू नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, शंकराचार्य की आवाज दबाने के लिए सत्तारुढ़ दलें हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूक रहे हैं। UGC नियम को हिदुओं को बांटने वाला बताय।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी के सीएम और सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, सीएम योगी असली हिंदू नहीं हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को छत्तीसगढ़ बिलासपुर के प्रवास पर पहुंचे। यूजीसी कानून के नए नियमों को लेकर बड़ा बयान दिया। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि यूजीसी का नया कानून हिंदुओं को बांटने वाला है। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, उनकी आवाज को दबाने के लिए सत्तारूढ़ दल हिस्ट्रीशीटरों का सहारा ले रहे हैं। आवाज को सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की जा रही है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राजनीतिक दलों पर गंभीर आरोप लगाए।
पढ़िए अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कुछ कहा ?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक कार्यक्रम में शामिल होने बेमेतरा प्रवास पर थे। बेमेतरा से लौटते वक्त बिलासपुर में सत्तारूढ़ दलों पर निशाना साधा और राजनीतिक दलों पर गंभीर आरोप लगाए।
शंकराचार्य ने कहा कि उनकी आवाज को दबाने के लिए सत्तारूढ़ दल हिस्ट्रीशीटरों का सहारा ले रहे हैं। उनका कहना है कि वे लगातार गौ रक्षा की बात उठा रहे हैं, फिर भी सरकारें इस दिशा में ठोस कदम उठाने से बच रही है।
यूजीसी नियम राष्ट्रद्रोह,जताया कड़ा विराेध
यूजीसी के नए नियम पर शंकराचार्य ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इसे 'हिंदुओं को बांटने वाला' और 'राष्ट्रद्रोह' करार दिया। शंकराचार्य ने साफ कहा, किसी भी स्थिति में इस कानून का क्रियान्वयन नहीं होना चाहिए।
सनातन धर्म पर टिप्पणी करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, इसे किसी बाहरी लोगों से खतरा नहीं, बल्कि अंदर ही मौजूद 'कालनेमियों' से खतरा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की नीयत केवल वोट हासिल करना है, हिंदुओं के हित में काम करने की मंशा नहीं दिखती।
पढ़िए क्या है UGC के नए नियम
- हर कॉलेज में ईक्चल अपॉर्च्यूनिटी सेंटर (EOC) बनेगा।
- EOC पिछड़े और वंचित छात्रों को पढ़ाई, फीस और भेदभाव से जुड़ी मदद देगा।
- हर कॉलेज में इक्वलिटी कमेटी (समता समिति) बनानी होगी।
- इस कमेटी के अध्यक्ष कॉलेज के प्रमुख होंगे।
- कमेटी में SC/ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग शामिल होंगे।
- कमेटी का कार्यकाल 2 साल होगा।
- कॉलेज में एक इक्वलिटी स्क्वाड भी बनेगा, जो भेदभाव पर नजर रखेगा।
- भेदभाव की शिकायत पर 24 घंटे में मीटिंग जरूरी होगी।
- 15 दिन में रिपोर्ट कॉलेज प्रमुख को देनी होगी।
- कॉलेज प्रमुख को 7 दिन में आगे की कार्रवाई शुरू करनी होगी।
- EOC हर 6 महीने में कॉलेज को रिपोर्ट देगा।
- कॉलेज को जातीय भेदभाव पर हर साल UGC को रिपोर्ट
- कॉलेज को जातीय भेदभाव पर हर साल UGC को रिपोर्ट भेजनी होगी।
- UGC राष्ट्रीय निगरानी कमेटी बनाएगा।
- नियम तोड़ने पर कॉलेज की ग्रांट रोकी जा सकती है।
- कॉलेज के डिग्री, ऑनलाइन और डिस्टेंस कोर्स पर रोक लग सकती है।
- गंभीर मामलों में UGC की मान्यता भी रद्द हो सकती है।