CG Congress: संघ के गढ़ में मुस्लिम को अध्यक्ष, कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों में खड़ा हुआ बखेड़ा, जिला अध्यक्ष इसलिए नाराज कि...

CG Congress News: छत्तीसगढ़ में 308 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद भीतर ही भीतर असंतोष का बम फूटने लगा है। नेताओं के परिवार से बनाए गए ब्लॉक अध्यक्षों को लेकर ज्यादा असंतोष सामने आ रहा है। वहीं जिला अध्यक्ष भी नाराज हैं, क्योंकि उनकी सलाह के बिना सूची जारी कर दी गई है।

Update: 2026-01-19 06:43 GMT

CG Congress News: रायपुर। कांग्रेस में सृजन कार्यक्रम के तहत हर स्तर पर संगठन में पदाधिकारी बदले जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला अध्यक्षों के बाद ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी की गई है। इस सूची में कुछ ब्लॉक अध्यक्ष रिपीट कर दिए गए हैं, वहीं कहीं- कहीं पर स्थानीय समीकरण का ख्याल नहीं रखा गया है। सूरजपुर जिला अध्यक्ष शशि सिंह ने तो बाकायदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र भेज कर अपनी आपत्ति दर्ज कर दी है। जबकि बाकी जिलों में वरिष्ठ कांग्रेसी और आम कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी झलकने लगी है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि चूंकि सूची छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट की मंजूरी के बाद जारी की गई है, इस कारण सूची में अब किसी तरह के बदलाव की गुंजाइश नहीं है और यही कारण है कि आम कार्यकर्ता खुल कर कुछ नहीं बोल रहा है। सूरजपुर जिला अध्यक्ष शशि सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कार्य भार संभाल लिया है। इसके तत्काल बाद उन्होंने श्री बैज को पत्र लिख कर इस बात पर नाराजगी जाहिर कर दी है कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों में उनकी कोई राय या सहमति नहीं ली गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह तो एक जिले का मामला है, जबकि कई जिलों में पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं का फीड बैक ठीक नहीं आ रहा है। ज्यादातर नाराजगी दोबारा ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जाने पर है। बिलासपुर में सियासत इन दिनों ज्यादा गरम हो गई है। यहां भी पर्यवेक्षक आए थे और ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर सूची बना दी गई है। इसके बाद भी विसंगति सामने आने लगी है। जिले में सीपत में राजेंद्र धीवर को तीसरी बार ब्लॉक अध्यक्ष बना दिया गया है, इतना ही नहीं अनेक चुनाव में भी इसी नेता को मौके दिए गए हैं। इसे लेकर सीपत के कांग्रेसी मान रहे हैं कि इस बार नए को अवसर दिया जाना चाहिए था। नहीं बन पाने वाले दावेदार तो स्वाभाविक रूप से नाराज हैं, आम कार्यकर्ताओं का फीड बैक भी सही नहीं आ रहा है। ऐसा नहीं है कि हर जगह गलत नियुक्ति हो गई है, मस्तूरी में सरपंच भोला साहू को ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, यहां अभी तक किसी तरह की नाराजगी सामने नहीं आयी है।

पूर्व विधायक के परिवार को मौका

बिल्हा में पूर्व विधायक सियाराम कौशिक के परिवार की महिला गीतांजलि कौशिक को ब्लॉक अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठा दिया गया है। आम कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसा करना केवल खानापूर्ति है, इसकी जगह संगठन में काम करने वाली महिलाओं को मौका दिया जाना चाहिए था। पूरे जिले में केवल एक महिला को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया है और इसमें भी विधायक परिवार का ख्याल रखा गया। अभी महिला कांग्रेस लगभग शून्य की हालत में है, ऐसे में संगठन की महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता तो शायद पार्टी को फायदा होता।

जाति समीकरण गड़बड़ाया

ब्लॉक अध्यक्षो की नियुक्ति में जाति समीकरण बुरी तरह गड़बड़ा गया है। मस्तूरी और बिल्हा, दोनों ओबीसी हो गया है। शहर व ग्रामीण बिलासपुर के साथ तखतपुर, कोटा में पांच सामान्य वर्ग के ब्लॉक अध्यक्ष बनाए गए हैं। खास बात यह है कि जिले में कहीं पर भी एससी ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया है, जबकि बेलगहना में केवल एक एसटी ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है।

संघ के गढ़ में मुस्लिम

जिला अध्यक्षों की सलाह नहीं लेने का नतीजा यह हुआ है कि ब्लॉक अध्यक्षों के साथ जिला अध्यक्ष को भी भविष्य में काम करना मुश्किल होगा। जैसे जूना बिलासपुर को आरएसएस का गढ़ माना जाता है। वहां हर बार ब्राह्मण ब्लॉक अध्यक्ष बनाया जाता रहा है। इस बार पता नहीं क्यों मुस्लिम को यह जिम्मेदारी दे दी गई है। इसी तरह शहर में ब्लॉक चार मुस्लिम और ईसाई बहुल है, मगर यहां पर एक ब्राह्मण को ब्लॉक अध्यक्ष बना दिया गया है। इस तरह के समीकरणों में गड़बड़ी से स्थानीय पार्टी नेता भी चिंतित हैं।

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