अनुकंपा नियुक्ति में भ्रष्टाचार: DEO व बाबू के खिलाफ होगी जांच, JD ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का किया गठन...

CG Teacher News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के डीईओ विजय तांडे और कनिष्ठ लेखा परीक्षक सुनील यादव के खिलाफ तीन सदस्यीय जांच दल का जेडी ने गठित कर दी है। जांच कमेटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। डीईओ और बाबू पर अनुकंपा नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति में भ्रष्टाचार करने का गंभीर आरोप है।

Update: 2026-03-10 12:52 GMT

इमेज सोर्स- NPG News

बिलासपुर।10 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के डीईओ विजय तांडे और कनिष्ठ लेखा परीक्षक सुनील यादव के खिलाफ तीन सदस्यीय जांच दल का जेडी ने गठित कर दी है। जांच कमेटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। डीईओ और बाबू पर अनुकंपा नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति में भ्रष्टाचार करने का गंभीर आरोप है।

जेडी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाने के साथ ही अपने आदेश में लिखा है, अंकित गौरहा, प्रदेश महासचिव-युवा कांग्रेस छ.ग. ने 09 फरवरी 2026. पत्र लिखकर अनुकंपा नियुक्ति व प्रतिनियुक्ति में गड़बड़ी उपरोक्त विषयांतर्गत लेख हैं कि संदर्भित पत्र के माध्यम से विजय टांडे, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर एवं सुनील यादव, कनि.लेखा परीक्षक, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर के विरूद्ध अनुकंपा नियुक्ति एवं प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता, भ्रष्टाचार व अवैध वसूली से संबंधित शिकायत इस कार्यालय में प्रस्तुत की गई हैं। अतः आप 07 दिवस के भीतर संलग्न शिकायत की जांच कर स्पष्ट अभिमत के साथ प्रतिवेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।


जांच कमेटी में ये अधिकारी

. अशोक सिन्हा जिला शिक्षा अधिकारी जिला-जांजगीर-चांपा (छ.ग.)

. जे.के. शास्त्री (सहा. संचालक) कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर (छ.ग.)

. भूपेन्द्र कौशिक विकासखंड शिक्षा अधिकारी विकासखंड-बिल्हा जिला-बिलासपुर (छ.ग.)

डीपीआई के आदेश को डीईओ ने डाला रद्दी की टोकरी में

बता दें,जांच रिपोर्ट के आधार पर डीपीआई ने साहयक ग्रेड तीन सुनील कुमार यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया था। डीपीआई के आदेश के बाद भी गड़बड़ी करने वाले बाबू के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।

जेडी की जांच में मिली थी ये गड़बड़ी

. 01.अगस्त 2022 को जारी अंतरंग वरिष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नति की कार्यवाती की गई जिसके कारण पदोन्नति की वैधानिकता नहीं रह जाती है।

. पदोन्नति के पूर्व 28 पद रिक्त थे जिसके विरुद्‌ध 27 पदों पर पदोन्नति की गई है. पुनः ।। पदों पर कार्यभार ग्रहण नहीं किये जाने एवं विभिन्न संस्था से प्राप्त 05 सहायक रोड-2 के किपट कुल 15 पद के विरु‌द्ध 15 सहायक ग्रेड-3 से सहायक -02 के पद पर पदोन्नति किया गया है।

. जिन संस्थाओं में पद रिक्त थे वहां पदस्थापना न कर कर्मचारी की इच्छा के अनुसार अपनी इच्छा से संस्थाओं में पटोलात कर्मचारियों को पदस्थ किया गया।

. जिन संस्था को पद रिक्त नहीं या यहां से फिर अन्य पद रिक्त न होने वाती संस्था में संशोधन कर पदस्थापना कर दी गई।

. 06 कर्मचारियों का 06 संस्थायें जंहां पद रिक्त नहीं था पदस्थापना किये जाने के 05 उन संस्थाओं से वेतन आहरण करने हेतु आदेश जारी किया गया जहां पद रिक्त था।

. विकलांगता के आधार पर श्री हितेश वैष्णव सहायक ग्रेड-03 से सहायक ग्रेड-02 के पद पर शासकीय हाई स्कूल लगरा से शासकीय उ. मा. वि. विजौर किया गया है, जबकि पदोन्नति में आरक्षण के आधार पर पदोन्नति करने का वर्तमान में प्रावधान नहीं है।

.जिन कर्मचारियों का संशोधन किया गया है उन्हीं कर्मचारियों का वेतन आहरण हेतु अन्य संख्या को निर्देशित किया गया है। 108 रिक्त पद की सूची में जिन संस्थओं का नाम शामिल है वहां से वेतन व्यवस्था व कर अन्य संस्थाओं से किया गया है।

सुनील यादव का उक्त कृत्य छतीसगढ़ सिविल सेवाएं (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है। अतः सुनील यादव के विरुद्ध छतीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत अत्यावश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही कर अनिवार्यतः 15 दिवस के भीतर इस कार्यालय को पालन प्रतिवेदन भेजें।

क्या है मामला

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग बिलासपुर संभाग आरपी आदित्य से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में देरी हुई या मामले को दबाने की कोशिश की गई तो वह इस मुद्दे को हाई कोर्ट तक ले जाएंगे।

एक महीने से लंबित शिकायत पर उठे सवाल

संयुक्त संचालक से मुलाकात के दौरान गौरहा ने बताया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले संभागायुक्त और संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत कर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक न तो शिकायत का कोई जवाब मिला और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई।

अनुकंपा नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी’

अंकित गौरहा ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा विभाग में एक दर्जन से अधिक अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। पात्र आवेदकों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को नौकरी दी गई और इस पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर भारी लेन-देन हुआ है।

बता दें, इस मामले में पहले केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कलेक्टर को जांच के निर्देश दिये थे। कलेक्टर के आदेश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने स्तर पर जांच के निर्देश जारी किए थे, लेकिन जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

डीईओ की जांच बीईओ से कराना गलत’

शिकायत में कहा कि जिस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी और स्थापना शाखा के बाबू सुनील यादव पर आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से कराना तकनीकी रूप से उचित नहीं है। जिला स्तर के अधिकारियों की जांच संभागीय स्तर की टीम से कराई जानी चाहिए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।

अन्य जिलों के आवेदकों की नियुक्ति का भी आरोप

गौरहा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अन्य जिलों के आवेदकों को भी अनुकंपा नियुक्ति दी गई है, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग की।

संयुक्त संचालक ने दिए जांच के संकेत

संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग आरपी आदित्य ने कहा कि वह हाल ही में लंबी छुट्टी से लौटे हैं और संभव है कि शिकायत पत्र उनके संज्ञान में नहीं आया हो। उन्होंने तत्काल दोनों शिकायत पत्र मंगवाकर मामले की समीक्षा करने की बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामला गंभीर है और इसकी जांच के लिए जल्द ही एक टीम गठित की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिकायत की जांच बीईओ स्तर पर कराना उचित नहीं है।

युक्तियुक्तकरण में भी गड़बड़ी का आरोप

मुलाकात के दौरान अंकित गौरहा ने जिले में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी करते हुए जिला स्तर पर इस प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हुई हैं और कुछ मामलों में लेन-देन कर निर्णय बदले गए।

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