हटाई गई प्रिंसिपल: मुख्यमंत्री DAV स्कूल में छात्रों से कराई थी मजदूरी,जांच कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, हाई कोर्ट ने लिया है संज्ञान में, शिक्षा सचिव को शपथ पत्र के साथ देना है जवाब
CG Teacher News: पढ़ाई के बजाय छात्रों से मजदूरी कराने वाली मुख्यमंत्री डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल को हटा दिया है। NPG.NEWS ने इस खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। परिजनों की शिकायत के बाद कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया था।

इमेज सोर्स- NPG News
बिलासपुर। 06 मार्च 2026| पढ़ाई के बजाय छात्रों से मजदूरी कराने वाली मुख्यमंत्री डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल को हटा दिया है। NPG.NEWS ने इस खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। परिजनों की शिकायत के बाद कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। जांच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने प्रिंसिपल को हटा दिया है। बता दें कि बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने इस मामले को स्वत: संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को शपथ पत्र के साथ पूरे मामले की रिपोर्ट डिवीजन बेंच के समक्ष पेश करना है।
राज्य सरकार की ओर से डिवीजन बेंच के समक्ष जवाब पेश करने के लिए पुख्ता तैयारी कर ली गई है। जांच कमेटी का गठन और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। जाहिर है, स्कूल शिक्षा सचिव द्वारा शपथ पत्र के साथ पेश की जाने वाली जवाब में इन सभी बातों का हवाला दिया जाएगा।
बता दें, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल तिलसिवां की प्रिंसिपल को डीएवी प्रबंधन ने पद से हटा दिया है। प्रिंसिपल पर RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ने वाले बच्चों से निर्माण कार्य और पुताई कराने के आरोप लगे थे। कलेक्टर के निर्देश पर सूरजपुर डीईओ अजय मिश्रा ने मामले की जांच के लिए सहायक संचालक योजना लता बेक, बीईओ सूरजपुर हरेंद्र सिंह और सेजेस जयनगर की प्राचार्य पुष्पा राय को जांच का जिम्मा सौंपा था। टीम ने छात्रों और उनके परिजनों के साथ प्रिंसिपल का बयान दर्ज किया। 3 मार्च को जांच टीम ने सूरजपुर डीईओ को अपना रिपोर्ट सौंप दिया।
जांच में बताया गया है कि सफाई और पुताई का वीडियो पुराना है। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान छात्रों से काम कराया गया था। स्कूल में होने वाले जोन स्तरीय खो-खो गेम्स की तैयारी के लिए छात्रों से खंभे गड़वाए गए थे। परिजनों ने प्रिंसिपल विधु शर्मा पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
पढ़िए क्या है मामला
सूरजपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में आरटीई के बच्चों से मजदूरी कराया जा रहा था। स्कूल की प्राचार्य पर आरोप है कि उन्होंने आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों से स्कूल परिसर में मजदूरी और पुताई का काम करवाया। अभिभावकों की शिकायत के अनुसार बच्चों से स्कूल में सीमेंट, रेत दुलवाने और कक्षाओं की पुताई जैसे काम कराए गए। शिकायत में बताया गया कि बच्चों ने काम करने से मना करने पर उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती थी। जब परिजन इस विषय पर बात करने स्कूल पहुंचे तो प्राचार्य विधु शर्मा ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। कहा कि आपके बच्चों को मुफ्त में बैग, किताबें मिल रही है, आपका पैसा नहीं लगता। परिजनों ने कलेक्टर को शिकायत में बताया कि प्राचार्य स्कूल की एक कक्षा का उपयोग अपने पति के साथ निवास के रूप में कर रही हैं। परिजनों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में कलेक्टर को सौंपा था। मामले की गम्भीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए डीईओ को जांच कमेटी बनाने व जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में पीआईएल पर चल रही सुनवाई
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने जनहित याचिका जे रूप में सुनवाई प्रारंभ की है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा विभाग जे सचिव को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि इस घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए 23 फरवरी को ही एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस पर हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को आदेश दिया है कि वे 11 मार्च 2026 तक इस संबंध में शपथ पत्र के साथ विस्तृत जानकारी पेश करने कहा है।
