Bilaspur Highcourt News: स्काउट गाइड अध्यक्ष विवाद: बृजमोहन की याचिका पर हुई सुनवाई, हाई कोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

Bilaspur Highcourt News: स्काउट गाइड के अध्यक्ष के पद से हटाए जाने को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में 12 फरवरी से पहले जवाब मांगा है।

Update: 2026-01-13 12:26 GMT

Bilaspur Highcourt News: बिलासपुर। स्काउट गाइड के अध्यक्ष के पद से हटाए जाने को लेकर बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लगाई गई याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में मामले को सुना गया। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद के अध्यक्ष के पद से असंवैधानिक तौर से हटाए जाने को लेकर याचिका लगाई थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 12 फरवरी को रखी गई है।

छत्तीसगढ़ में 9 से 13 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी को लेकर बड़ा विवाद हो गया है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष बताते हुए आयोजन को स्थगित करने की घोषणा की थी। वही स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने खुद को अध्यक्ष बताते हुए कार्यक्रम को जारी रखवाया है। इसके खिलाफ सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका की आज सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने बताया है कि बृजमोहन स्काउट गाइड के अध्यक्ष के पद पर लगातार काम करते आ रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें बिना जानकारी दिए आयोजन किया जा रहा है और आयोजन की जगह भी बदल दी गई है और उन्हें पद से हटाने प्रस्ताव भी लाया गया है। बृजमोहन की याचिका में बताया गया है कि वे लगातार स्काउट गाइड के अध्यक्ष के पद पर काम कर रहे हैं। बावजूद इसके बगैर उनकी जानकारी के जगह बदलकर आयोजन किया जा रहा है और पद से हटाया जा रहा है।

बृजमोहन अग्रवाल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर भादुड़ी पैरवी कर रहे थे। जबकि शासन की तरफ से महाधिवक्ता विवेक शर्मा खड़े थे। याचिका में बताया गया है कि बृजमोहन को अध्यक्ष के पद से हटाने की ना तो सूचना दी गई और ना ही सुनवाई का कोई अवसर दिया गया। जबकि उन्होंने परिषद के वैधानिक अध्यक्ष की हैसियत से पांच जनवरी को जंबूरी की बैठक भी ली थी। छत्तीसगढ़ भारत स्काउट एवं गाइड्स के उप नियम 17(1) के प्रथम पैराग्राफ में यह स्पष्ट उल्लेख है कि राज्य परिषद द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद जिसको मनोनीत अध्यक्ष बना दिया जाता है उसका 5 साल के लिए पदेन अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल होता है। ऐसे में रुल बुक 64.2 नियमों के मुताबिक बृजमोहन इस समय स्काउट गाइड के पदेन अध्यक्ष है। बावजूद इसके 13 दिसंबर 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग में मंत्री गजेंद्र यादव को अध्यक्ष बनाने का आदेश जारी कर दिया। क्या आदेश बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफा देने की स्थिति में ही मान्य हो सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग में बृजमोहन अग्रवाल की सहमति के बगैर गजेंद्र यादव को अध्यक्ष बनाने का आदेश जारी कर दिया।

अदालत ने तर्कों को सुनने के पश्चात अदालत ने राज्य सरकार से 12 फरवरी से पहले जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।

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