Bilaspur Highcourt News: मध्यान्ह भोजन खाने से स्कूली बच्चे बीमार, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से मांगा नया शपथ पत्र
Bilaspur Highcourt News:– जांजगीर जिले के नवागढ़ ब्लाक के शासकीय मिडिल स्कूल में मध्यान्ह भोजन में खीर–पूड़ी खाकर बीमार पड़े बच्चों के मामले में हाईकोर्ट ने शासन से शपथ पत्र मांगा था। शासन द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र में बताया गया है की लापरवाही करने के चलते स्कूल की प्रधान पाठिका को निलंबित करने के अलावा मध्यान्ह भोजन प्रभारी की दो वेतन वृद्धि रोकी गई है। मध्यान्ह भोजन का कार्य करने वाले स्व. सहायता समूह को भी बदला गया है। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से इसके अलावा एक नया शपथ पत्र मांगा है और उसमें बच्चों के स्वास्थ्य की प्रगति और उन्हें दिए गए मुआवजे की जानकारी देने को कहा है।
Mukhya Sachiv Se Manga Javab: बिलासपुर। मिड डे मील खाने से स्कूली बच्चों के बीमार होने के मामले में सुनवाई करते हुए आज हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से नया शपथपत्र देने को कहा है। इसमें मिड-डे- मील खाने के बाद बीमार पड़े 25 बच्चों के स्वास्थ्य की प्रगति के बारे में सूचित करते हुए यह भी बताना होगा कि, राज्य ने उन्हें कोई मौद्रिक मुआवजा भी दिया है।
जांजगीर जिले के नवागढ़ ब्लाक के मिडिल स्कूल, चौराभांठा में 13 दिसंबर शनिवार को मिड डे मील खाने से 25 बच्चे बीमार होने का समाचार प्रकाशित होने पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में गत सोमवार को सुनवाई की थी। इसमें शासन से शपथपत्र पर जवाब माँगा था। बुधवार को शपथपत्र पेश किया गया।
डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद कहा कि शपथ पत्र को देखने से पता चलता है कि सरकारी मिडिल स्कूल, चौराभांठा की प्रधान पाठिका को निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि 25 छात्र मिड-डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा, उस स्व सहायता समूह को बदल दिया गया है जो मिड- डे मील उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार था। मध्यान्ह भोजन प्रभारी शिक्षक की दो वेतनवृद्धि भी रोकी गई है।
कोर्ट कमिश्नर ने लाया संज्ञान:
अमियकांत तिवारी कोर्ट कमिश्नर ने कोर्ट का ध्यान मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ सरकार, रायपुर द्वारा दायर शपथ पत्र की ओर दिलाया है, 17. अक्टूबर 2025 को दाखिल इस शपथपत्र में मध्याह्न भोजन नियम, 2015 के तहत दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। उन्होंने निदेशक, लोक शिक्षण, छत्तीसगढ़ द्वारा 25. सितंबर 2025 को जारी सर्कुलर का भी जिक्र किया है, जिसे छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किया गया है, जिसमें दिए गए निर्देश शामिल हैं।
सही भावना से पालन करें:
कोर्ट ने कहा कि, मिड-डे मील के वितरण की जांच के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं, उनका सही भावना से पालन किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। एडवोकेट जनरल ने भी आज उपस्थित होकर कोर्ट में आश्वासन दिया कि, राज्य यह सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम उठाएगा कि, भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। इसे देखते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई की तारीख को या उससे पहले इस संबंध में एक नया शपथ पत्र दायर करें, जिसमें इस कोर्ट को 13. दिसंबर 2025 को मिड- डे-मील खाने के बाद बीमार पड़े 25 बच्चों के स्वास्थ्य भीकी प्रगति के बारे में सूचित करें और यह भी बताएं कि क्या राज्य ने उन्हें कोई मौद्रिक मुआवजा दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी, 2026 को निर्धारित किया गया है।