Bilaspur High Court: शिक्षा विभाग: सेटअप 2008 में संशोधन की मांग को लेकर लेक्चरर की याचिका, हाई कोर्ट ने डीपीआई को जारी किया निर्देश...

Bilaspur High Court: विज्ञान विषय के लेक्चरर एलबी लालबहादुर साहू ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भौतिकी और रसायन शास्त्र के व्याख्याता को कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को अन्य विषयों सहित पढ़ाने के लिए हाई स्कूल में पदस्थापना करने व इसके लिए सेटअप, 2008 में संशोधन के लिए राज्य सरकार को जरुरी दिशा निर्देश देने की मांग की है।

Update: 2026-02-14 06:53 GMT

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14 February 2026|बिलासपुर। विज्ञान विषय के लेक्चरर एलबी लालबहादुर साहू ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भौतिकी और रसायन व शास्त्र के व्याख्याता को कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को अन्य विषयों सहित पढ़ाने के लिए हाई स्कूल में पदस्थापना करने व इसके लिए सेटअप, 2008 में संशोधन के लिए राज्य सरकार को जरुरी दिशा निर्देश देने की मांग की है। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू ने याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने का निर्देश डीपीआई को दिया है।

याचिकाकर्ता लालबहादुर साहू गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, अनवारी, ब्लॉक कुरुद, जिला धमतारी, छत्तीसगढ़ में भौतिक विज्ञान विषय के लेक्चरर (एल.बी.) के रूप में कार्यरत है। अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 2008 के सेटअप में संशोधन करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया है कि सेटअप में संशोधन करने और विज्ञान विषय के लेक्चरर को अन्य विषय पढ़ाने की अनुमति को लेकर मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा सचिव, डीपीआई को पत्र लिखा है। याचिकाकर्ता ने विभाग में दिए गए दस्तावेजों को अपने पास मंगाने की भी मांग की है। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मांग की है, वे राज्य शासन को सेटअप, 2008 संशोधन की अनुमति दें, ताकि भौतिकी और रसायन विज्ञान के व्याख्याता को कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को अन्य विषयों सहित पढ़ाने के लिए हाई स्कूल में पदस्थ किया जा सके।

मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष पैरवी करते हुए कहा, याचिकाकर्ता ने इस रिट याचिका में उठाई गई अपनी शिकायत के निवारण के लिए डीपीआई के समक्ष पहले ही अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिया है, जो विचाराधीन है, अतः डीपीआई को निर्देश जारी किया जाए कि वह याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर निर्धारित समय सीमा के भीतर शीघ्र निर्णय ले। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए कहा, याचिकाकर्ता के वकील द्वारा की गई सीमित प्रार्थना को देखते हुए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने डीपीआई को, याचिकाकर्ता के लंबित अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार निर्णय लेने निराकरण करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है।

याचिकाकर्ता ने डीपीआई को पत्र में यह लिखा

याचिकाकर्ता लालबहादुर साहू ने डीपीआई को पत्र में लिखा है, हाई स्कूल विषय (9वीं, 10 वीं) में भौतिक और रसायन PG योग्यताधारी, व्याख्याता की नियुक्ति, पदोन्नति करने सेटअप में आंशिक सुधार कर राजपत्र में प्रकाशन के बाद बायो व गणित वाले का स्थानांतरण व्याख्याता में नई नियुक्ति व पदोन्नति करने की मांग की है।

भौतिक और रसायन PG का भी हाई स्कूल विषय विज्ञान (9 वीं और 10 वीं) में बायों (अन्य विषय) की तरह लेक्चरर एल बी/व्याख्याता का पद सृजित कर नियुक्ति व पदोन्नति की मांग की है। जिला कार्यालय शासन स्तर का होने के कारण कई जिलों में हाई स्कूल विषय:- विज्ञान (9 वीं और 10 वीं) में भौतिक और रसायन शास्त्र विषय में नियुक्ति व पदोन्नति नहीं की जा रही है। council for indian school certificate examination पाठ्यक्रम के अनुसार विज्ञान भौतिक, रसायन और बायो का समग्र विषय है। तीनों का समानुपातिक महत्व है (तीनों को प्रशिक्षण भी देते है), विज्ञान में श्रौतिक, रसायन और बायो तीनों को नियुक्ति व पदोन्नति की मांग की है। याचिकाकर्ता लेक्चरर ने डीपीआई को लिखे पत्र में इस बात का भी हवाला दिया है, हाई स्कूल विषय:- सामाजिक विज्ञान (9 वीं और 10 वी) में पाठ्यक्रम के अनुसार अर्थशास्त्र, राजनीति, भूगोल व इतिहास विषय के लेक्चरर की नियुक्ति व पदोन्नति का प्रावधान है।

याचिकाकर्ता ने लिखा है, गणित विषय के शिक्षक का पद रिक्त रहने या गणित शिक्षक की अनुपस्थिति पर बायो समूह के शिक्षकों में गणित अध्यापन करने की क्षमता ही नहीं होती हैं, जिससे छात्रों का अहित होता है। जबकि भौतिक व रसायन शास्त्र वाले लेक्चरर में गणित और विज्ञान दोनों में अध्यापन करने की क्षमता होती है। अचरज की बात है, भौतिक व रसायन शास्त्र वाले शिक्षकों का हाई स्कूल विषय-विज्ञान,गणित में नियुक्ति, पदोन्नति, स्थानांतरण का प्रावधान ही नहीं है।

इनको मिल रहा दोहरा लाभ

भौतिक, रसायन और काॅमर्स लेक्चरर के अलावा सभी लेक्चरर के लिए हायर सेकेंडरीऔर हाई स्कूल विषय दोनों में पद सृजित है, जिसके कारण उन्हें हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल विषय दोनों में नियुक्ति व पदोन्नति का दोहरा लाभ मिल रहा है।

भौतिक रसायन व्याख्याता को कॉमर्स की तरह (कॉमर्स के शिक्षक सिर्फ 11वीं, 12वीं कक्षाओं का अध्यापन करते हैं) सिर्फ हायर सेकेंडरी विषय में नियुक्ति देते हैं। हाई स्कूल विषय विज्ञान/गणित (9वीं 10 वीं) में नहीं, जबकि कई संस्थाओं में प्राचार्य/जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा इन विषयों का अध्यापन कार्य करवाया जाता है, जो संवैधानिक नियम की दृष्टि से ही सही नहीं है।

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