Balrampur News: कोदो खाने वाले हो जाएं सावधान! एक परिवार के 6 लोग हुए बीमार, उल्टी और चक्कर के बाद सभी अस्पताल में भर्ती

Balrampur News: आए दिन कोदो खाने के बाद लोगों बीमार होने की खबरें सामने आती रहती है. इसी बीच बड़ी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भी ऐसा ही मामला सामने आया है. यहाँ कोदो चावल (Kodo millet) खाने से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार हो गए हैं.

Update: 2025-12-22 04:44 GMT

Balrampur News: बलरामपुर: आए दिन कोदो खाने के बाद लोगों बीमार होने की खबरें सामने आती रहती है. इसी बीच बड़ी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भी ऐसा ही मामला सामने आया है. यहाँ कोदो चावल (Kodo millet) खाने से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार हो गए हैं. सभी को उल्टियां होने लगी और चक्कर आने लगा. 

कोदो चावल खाने के बाद 6 लोग बीमार

मामला बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा गांव का है. यहाँ एक ही परिवार के 6 लोगों ने खाने में कोदो चावल खाया. कोदो चावल खाने के बाद एक एक कर सभी छह सदस्यों की तबियत बिगड़ने लगी. सभी लोगों को उल्टियां होने लगी. कुछ देर बाद चक्कर आने लगा. 

सभी अस्पताल में भर्ती 

उनकी तबियत धीरे धीरे गंभीर होने लगी. जिसके बाद परिजनों ने तत्काल उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद वाड्रफनगर स्थित 100 बिस्तर शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया. जहाँ सभी का इलाज किया जा रहा है. सभी की हालत अभी स्थित बताई जा रही है. इस सम्बन्ध में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत दीक्षित ने बताया कि छह लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं और सभी की स्थिति अभी सामान्य है. 

 कोदो चावल खाने के बाद जो बीमार पड़े हैं उनकी पहचान बसमतिया यादव (55), देव कुमार यादव (42), सुनीता यादव (40), रामबकाश यादव (25), मिश्री यादव (60) और आकाश यादव (15 ) के रूप में हुई है. सभी एक ही परिवार के सदस्य है. 

क्या है कोदो

बता दें, छत्तीसगढ़ के स्थानीय लोग तो एक मिलेट 'कोदो' का बरसों से बहुत चाव से उपयोग करते आ रहे हैं. यहां कहते हैं "कोदो के भात खाले बीमारी दूर भगा ले ". कोदो को अंग्रेजी में कोदो मिलेट या काउ ग्रास के नाम से जाना जाता है. कोदो को शुगर फ्री चावल के नाम से पहचान मिली है. स्थानीय बोली में इसे भगर के चावल के नाम से जाना जाता है. और इसे उपवास में भी खाया जाता है. कोदो आदिवासियों का एक मुख्य भोजन रहा है.आपको बताएं कि कोदो में चावल के मुकाबले 12 गुना अधिक कैल्शियम होता है. शरीर में आयरन की कमी को भी यह पूरा करता है. इसके उपयोग से कई पौष्टिक तत्वों की पूर्ति होती है.


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