जांच के खिलाफ याचिका: नया झीरम जांच आयोग बनाने के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष ने हाईकोर्ट में लगाई जनहित याचिका

Update: 2022-04-29 12:19 GMT

बिलासपुर 29 अप्रैल 2022। नया झीरम जांच आयोग बनाने के सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट ने जनहित याचिका लगाई गयी है। नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने यह याचिका दाखिल की है। आज इस मामले में सुनवाई होनी थी पर किन्ही कारणों के चलते सुनवाई नही हो पाई। मामले की अगली सुनवाई 9 मई को रखी गयी है।

25 मई 2013 को झीरम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। हमले में कांग्रेस नेता नँद कुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ला समेत कई नेताओं व सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गयी थी। घटना की जांच के लिए उस वक्त की भाजपा सरकार ने जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में झीरम जांच कमेटी बनाई थी। मामले की पूरी सुनवाई होने से पहले ही आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर 21 को समाप्त हो गया था। आयोग का कार्यकाल बढ़ने से पहले ही जस्टिस मिश्रा आंध्रप्रदेश के चीफ जस्टिस बन कर चले गए। उनके द्वारा राज्यपाल को रिपोर्ट सौप दी गयी थी।

कांग्रेस सरकार ने दुबारा रिटायर्ड जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और जी मिन्हाज़ुद्दीन की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। पर कमेटी ने 5 माह बाद बिलासपुर के सर्किट हाउस में अपनी पहली सुनवाई की। सुनवाई में दोनों पक्षो के पक्षकारो व अधिवक्ताओ के शपथ पत्र लिए गए और मामले की अगली सुनवाई 7 मई को रायपुर में रखी गयी है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि पिछली रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नही किया गया है। जबकि नियमतः रिपोर्ट पेश होने के 6 माह के भीतर विधानसभा में रखा जाना चाहिए और फिर सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

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