निलंबित आईपीएस ने केंद्रीय गृह सचिव,डीजीपी के खिलाफ थाने में दी शिकायत,कहां मेरी हत्या के लिए रच रहें षड्यंत्र

Update: 2023-02-04 09:31 GMT

एनपीजी डेस्क। जम्मू-कश्मीर कैडर के आईपीएस बसंत रथ ने केंद्रीय गृह सचिव, जम्मू कश्मीर के डीजीपी, राज्य के गृह सचिव के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। दर्ज शिकायत के अनुसार ये लोग उनकी हत्या का षड्यंत्र रच रहें हैं। ज्ञातव्य है कि बसंत रथ लंबे समय से निलंबित चल रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर कैडर के 2000 बैच के आईपीएस बसंत रथ ट्रैफिक आईजी रहने के दौरान सुर्खियों में आए थे। उन्होंने इस दौरान कई राजनेताओं और सेना के अधिकारियों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाया था। जुलाई 2020 में उन्हें केंद्र सरकार ने लगातार कदाचार और दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया था। उनका अपने सीनियर से भी विवाद होते रहता था। निलंबन अवधि में वर्तमान में उन्हें आईजी कमांडेंट होमगार्ड व सिटी/ एसडीआरएफ के साथ अटैच किया गया था। उन्हें सुरक्षा के लिए 9 एमएम पिस्टल, जिसके साथ एक मैगजीन व 35 राउंड जारी किए गए थे। जिसे अब उनसे वापस लेकर जमा करवाने के लिए कहा गया था। जिससे नाराज होकर उन्होंने जम्मू जिले के गांधी नगर थाने में उच्च अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी है।

निलंबित आईपीएस ने अजय कुमार भल्ला आईएएस (केंद्रीय गृह सचिव, भारत सरकार), दिलबाग सिंह आईपीएस (डीजीपी, जम्मू एंड कश्मीर) और राज कुमार गोयल आईएएस (गृह सचिव जेएंडके) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए जम्मू जिले के गांधी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने कहा है कि बगैर प्रक्रिया को पूरा किए उन्हें टेलीफोन पर पिस्टल व मैगजीन जमा करवाने के लिए कहा गया है, जो कानून का उल्लंघन है। जम्मू कश्मीर में कार्य करते हुए उन्होंने कई भू माफियाओं आतंकवादियों के खिलाफ एक्शन लिए थे। जिससे उनकी जान को खतरा है। उक्त अधिकारी अपने गुर्गों के माध्यम से उनकी स्वतंत्रता को बाधित करना चाहते हैं।

ज्ञातव्य है कि 2000 कैडर के आईपीएस बसंत रथ के द्वारा 2020 में भी डीजीपी दिलबाग सिंह के खिलाफ शिकायत देते हुए आरोप लगाया गया था कि उनसे मेरी जान को खतरा है, यदि मुझे कुछ होता है तो उसके लिए वही जवाबदार होंगे। जिसके बाद विवाद को भड़काने और अपने सीनियर के खिलाफ शिकायत को अनुशासनहीनता मानते हुए गंभीर कदाचार के आरोप में उन्हें केंद्रीय गृह विभाग ने जुलाई 2020 में निलंबित कर दिया था। हाल ही में 26 जनवरी को उन्होंने आईपीएस की सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और चुनाव लड़ने की घोषणा की है। हालांकि उनका इस्तीफा तक स्वीकृत नहीं हुआ है।

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