Krishna Karunesh profile: कौन हैं IAS कृष्णा करुणेश? युवराज मेहता केस के बाद बने नोएडा अथॉरिटी के नए CEO
Noida Authority CEO Krishna Karunesh profile: नोएडा प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। 2011 बैच के IAS अधिकारी कृष्णा करुणेश को Noida Authority का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
Noida Authority CEO Krishna Karunesh profile: नोएडा प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। 2011 बैच के IAS अधिकारी कृष्णा करुणेश को Noida Authority का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब युवराज मेहता की मौत के बाद प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इस मामले में तत्कालीन CEO लोकेश एम को पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत महसूस की जा रही थी।
क्यों अहम मानी जा रही है यह नियुक्ति?
नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क हादसे में मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही और सड़क सुरक्षा को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली थी। इसी पृष्ठभूमि में अब सरकार ने कठोर फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले अधिकारी कृष्णा करुणेश को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
कौन हैं IAS कृष्णा करुणेश?
IAS Krishna Karunesh मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वे इससे पहले नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के पद पर कार्यरत थे और आंतरिक सिस्टम से भली-भांति परिचित माने जाते हैं।
उनका प्रशासनिक अनुभव काफी लंबा रहा है
Gorakhpur – जिलाधिकारी (DM)
Kushinagar – ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
Ghaziabad – SDM और CDO
हापुड़ और बलरामपुर – जिलाधिकारी
सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं
कृष्णा करुणेश को एक तेज-तर्रार और सख्त प्रशासक के रूप में जाना जाता है। साल 2022 में गोरखपुर के DM रहते हुए उन्होंने काम में लापरवाही बरतने वाले 9 लेखपालों को एक साथ सस्पेंड कर दिया था। यह फैसला उस समय काफी चर्चा में रहा था। गोरखपुर उनका तीसरा जिला था, जिससे पहले भी वे दो जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके थे।
शैक्षणिक योग्यता
MA (स्नातकोत्तर)
LLB (कानून की डिग्री)
यानी प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ कानूनी समझ भी उनकी बड़ी ताकत मानी जाती है।
नोएडा के लिए आगे क्या चुनौती?
IAS कृष्णा करुणेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई, प्राधिकरण की जवाबदेही तय करना, जनता के भरोसे को दोबारा कायम करना है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में नोएडा प्राधिकरण में निर्णय लेने की गति और सख्ती दोनों देखने को मिल सकती हैं।
यह नियुक्ति युवराज मेहता केस के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।