सुनवाई के दौरान महिला के साथ संबंध बना रहा था वकील... देश के सभी अदालत में प्रैक्टिस से लगी रोक, वीडियो हुआ वायरल, FIR के आदेश
मद्रास 23 दिसम्बर 2021। वीडियो कांफ्रेसिंग से हुई सुनवाई में वकील के महिला के साथ अंतरंग हालत में दिखने पर देश के सभी अदालतो से प्रेक्टिस से रोक लगा दी गयी हैं। इसके साथ ही अदालत के निर्देश पर सीबी- सीआईडी विंग द्वारा मामला भी दर्ज किया गया है। जिसकी रिपोर्ट अदालत के आदेशानुसार आज 23 दिसम्बर को कोर्ट में पेश की जाएगी।
दरअसल, जज मामले की सुनवाई कर रहे थे और एक वकील किसी महिला के साथ कामुकता में लिप्त थे। कोर्ट की सुनवाई के दौरन वकील का महिला के साथ कामुकता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इसे अवमानना मानते हुए सीबी-सीआईडी को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने वीडियो को इंटरनेट से डिलीट करने का भी आदेश दिया है।
ये घटना सोमवार सुबह की है। जज साहब वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए किसी मामले को सुन रहे थे। तभी कुछ ऐसा हुआ कि जज साहब भी हैरत में पड़ गए। वकील किसी महिला के साथ अंतरंग थे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कोर्ट ने इस पर सख्त टिप्पणी भी की है। कोर्ट ने कहा कि जब अदालत की कार्यवाही के बीच इस तरह की बेशर्म अश्लीलता को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाता है, तो यह अदालत मूकदर्शक बनकर नहीं रहा सकता और आंखें बंद नहीं कर सकता है। इसीलिए कोर्ट ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए सीबी-सीआईडी को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
जज पीएन प्रकाश और आर हेमलता ने पुलिस की सीबी-सीआईडी विंग को मामला दर्ज करने और मामले की गहन जांच करने और 23 दिसंबर को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा न्यायाधीशों ने तमिलनाडु बार काउंसिल को निर्देश दिया कि वकील के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये। महिला के साथ अंतरंग मुद्रा वकील के वीडियो के वायरल होने पर पीठ ने मंगलवार को कहा था कि अदालत इस तरह के कार्य पर मूकदर्शक बनकर जोखिम नहीं उठा सकती है।" वहीं वीडियो के तेजी से वायरल होने को लेकर चेन्नई पुलिस कमिश्नर को वीडियो के सर्कुलेशन को रुकवाने के निर्देश दिये हैं। साथ ही कहा कि इसे इंटरनेट से भी हटाया जाये।
गौरतलब है कि कुछ इसी तरह का एक मामला कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष भी आया था। जब वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुनवाई में एक व्यक्ति अर्ध-नग्न हालत में शामिल हुआ। यह घटना तब हुई जब बेंच सूबे के पूर्व मंत्री से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी।
सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने शख्स को लेकर कहा- एक महिला के लिए अदालत में एक आदमी को बिना कपड़ों के बहुत अपमानजनक है। एक महिला अदालत में बहस कर रही है और एक आदमी बिना कपड़ों में बैठा है। माय लॉर्ड क्या चल रहा है? उन्होंने कहा- ऐसा लगता है कि वह आदमी कोर्ट के सामने और मेरे सामने नहा रहा है। यह कैसे संभव है?