CG IPS Pramotion: आईपीएस प्रमोशन पर अवरोध जारी, मंत्रालय में हुई दूसरी मीटिंग में भी बात नहीं बनी, अगले हफ्ते फिर होगी कमेटी की बैठक

CG IPS Pramotion: मंत्रालय में कल शुक्रवार को हुई दूसरी मीटिंग में भी आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन को क्लियरेंस नहीं मिल पाया। अब चीफ सिकरेट्री की अध्यक्षता वाली विभागीय प्रमोशन कमेटी अगले हफ्ते फिर बैठेगी

Update: 2026-01-16 13:16 GMT

CG IPS Pramotion: रायपुर। आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन में आई बाधा को दूर करने मंत्रालय में कल फिर डीपीसी बैठी मगर बिना किसी नतीजा के बैठक समाप्त करनी पड़ी। जाहिर है, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप्प केस में तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम आने के बाद आईपीएस की डीपीसी बीच में ही रोक दी गई थी। मगर इसके बाद खबर आई थी कि सरकार से नियमानुसार डीपीसी करने के निर्देश जारी हुए हैं, इसलिए प्रमोशन में अब कोई बाधा नहीं आएगी। मगर ऐसा हुआ नहीं। कल शुक्रवार को मुख्य सचिव विकास शील के कक्ष में डीपीसी फिर बैठी। मगर काफी देर मंथन के बाद भी ब्रेकर को दूर नहीं किया जा सका। अब पता चला है अगले हफ्ते फिर डीपीसी होगी। यदि इन दो-तीन दिन में अगर प्रमोशन की बाधाओं को दूर कर लिया गया तो फिर प्रमोशन को हरी झंडी मिल जाएगी।

क्या कहता है नियम

सामान्य प्रशासन विभाग ने 17ए में केंद्रीय जांच एजेंसी को तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ के लिए अनुमति प्रदान कर दी है। जानकारों का कहना है कि भ्रष्टाचार विरोधी कानून की उप धारा 17ए में पूछताछ की अनुमति देने से प्रमोशन नहीं रोका जा सकता। प्रमोशन तभी रोका जाता है, जब किसी मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई हो या चार्ज शीट जारी कर दिया गया हो।

क्यों टली पहली डीपीसी

मंत्रालय में हुई एडिशनल डीजीपी की डीपीसी में सीएस विकास शील, सीनियर एसीएस ऋचा शर्मा, एसीएस होम मनोज पिंगुआ और डीजीपी अरुणदेव गौतम मौजूद थे। वहीं, आईजी, डीआईजी और सलेक्शन ग्रेड में सीनियर एसीएस की जरूरत नहीं होती, इसलिए उसमें ऋचा को छोड़ बाकी तीनों शामिल थे। डीपीसी में आप यह रही कि महादेव ऑनलाइन सट्टा काफी बड़ा मामला है, इसलिए सरकार की नोटिस में एक बार डाल दिया जाए।

क्या है मामला?

महादेव सट्टा घोटाले के एफआईआर में छत्तीसगढ़ के तीन आईपीएस अधिकारियों के भी नाम हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने सीबीआई को इन तीनों से पूछताछ करने के लिए 17ए में अनुमति प्रदान कर दी है। जाहिर है, सबसे पहले मार्च 2024 में छत्तीसगढ़ की एसीबी ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप में अपराध दर्ज किया था। मगर बाद में इसे ईडी को सौंप दिया गया। चूकि इसके तार दुबई तक जुड़़े हैं, इसलिए अब सीबीआई इसकी जांच कर रही है।

इनका प्रमोशन नहीं

शराब घोटाले में 2008 बैच की महिला आईपीएस पारुल माथुर को सरकार ने चार्ज शीट दे दिया है। ईडी की जांच में उनका नाम कई जगहों पर आया था। व्हाट्सएप चैट भी उनका वायरल हुआ था। इसको देखते राज्य सरकार ने आरोप पत्र दे दिया है। विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। इस वजह से पारुल माथुर का प्रमोशन नहीं हो पाएगा। याने जांच कंप्लीट हुए बगैर वे आईजी नहीं बन पाएंगी।

इनका प्रमोशन ड्यू

आईपीएस प्रमोशन में 2001 बैच के आईपीएस एडीजी, 2008 बैच के आईपीएस आईजी, 2012 बैच के आईपीएस डीआईजी और 2013 बैच के आईपीएस अधिकारियों को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। याने एसएसपी बनेंगे। 2001 बैच में एडीजी बनने वालों में डॉ0 आनंद छाबड़ा का सिंगल नाम है। वहीं, आईजी बनने वाले 2008 बैच में पारुल माथुर, प्रशांत अग्रवाल, नीतू कमल, डी0 श्रवण और मिलना कुर्रे हैं। इनमें पारुल माथुर को चार्जशीट इश्यू हो गया है। नीतू कमल और डी0 श्रवण डेपुटेशन पर हैं। उधर, 2012 बैच के सात आईपीएस डीआईजी प्रमोट होंगे। इनमें आशुतोष सिंह, विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशिमोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, राजेश अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू शामिल हैं। आशुतोश सीबीआई में चले गए हैं। इसके अलावा 2013 बैच के चार आईपीएस को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। सलेक्शन ग्रेड मिलने के बाद जिलों में पोस्टेड एसपी का पदनाम बदलकर एसएसपी हो जाएगा। इन चार में जितेंद्र शुक्ला, मोहित गर्ग, अभिषेक पल्लव और भोजराम पटेल हैं। भोजराम इस समय मुंगेली के एसपी है। प्रमोशन के बाद वे एसएसपी हो जाएंगे।

Tags:    

Similar News