देश को मिलेगी पहली लेस्बियन सांसद: कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? जानिए देश की पहली LGBTQ सांसद की कहानी
देश को पहली लेस्बियन सांसद मिलने वाली है। पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी को तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) से उम्मीदवार चुना है। अगर मेनका गुरुस्वामी ये चुनाव जीत जाती है, तो वह लेस्बियन समुदाय से आने वाली देश की पहली सांसद होंगी।
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पश्चिम बंगाल में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसमें सबसे बड़ा नाम सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी का शामिल है। अगर मेनका गुरुस्वामी ये चुनाव जीत जाती है, तो वह लेस्बियन समुदाय से आने वाली देश की पहली सांसद होंगी। चलिए जानते हैं कि कौन हैं मेनका गुरुस्वामी?
किस पार्टी से मैदान में उतरी मेनका गुरुस्वामी?
बता दें कि पश्चिम बंगाल में 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने वाला है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से 4 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। उन उम्मीदवारों में सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी समेत मंत्री बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार और एक्टर को एल मल्लिक शामिल है।
कौन है मेनका गुरुस्वामी ?
मेनका गुरुस्वामी का जन्म 27 नवंबर 1974 में हैदराबाद में हुआ, जो कि अभी सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट है। मेनका ने हैदराबाद पब्लिक स्कूल और दिल्ली के सरदार पटेल स्कूल से हाई स्कूल की पढ़ाई की। इसके बाद मेनका ने 1997 में बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में मास्टर ऑफ आर्ट्स बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ (BA LLB) की डिग्री हासिल की फिर ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी से बैचलर ऑफ सिविल लॉ (BCL) और हार्वर्ड लॉ स्कूल से मास्टर ऑफ लॉ (LLM) किया।
कैसे की करियर की शुरुआत ?
मेनका गुरुस्वामी ने अपने करियर की शुरुआत वकील के रूप में की और फिर जल्द ही संवैधानिक, मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में अपनी पकड़ बनाते हुए पहचान बनाई। मेनका खास तौर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को चुनौती देने वाली ऐतिहासिक मामले में भूमिका के लिए जानी जाती है। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में सुना गया था, जिसमें समलैंगिकता को अपराध के श्रेणी से बाहर कर दिया गया।
कौन है मेनका की पार्टनर ?
बता दें कि मेनका गुरुस्वामी लेस्बियन समुदाय (LGBTQ) से आती है। मेनका की पार्टनर का नाम अरुंधति काटजू है, जो की पेशे से वकील है। मेनका और अरुंधति ने सुप्रीम कोर्ट में भारतीय दंड संहिता (IPS) की धारा 377 के खिलाफ समुदाय की ओर से अपना पक्ष रखा था। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने 2009 में धारा 377 को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी तब दोनों ने मिलकर ये केस लड़ा था।