BJYM इसलिए जीरो: डेढ़ साल में एक भी बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं कर पाए, कार्यसमिति के एजेंडे अधूरे; पुरंदेश्वरी के आदेश पर भी खाली पदों पर नियुक्ति नहीं
छत्तीसगढ़ भाजपा युवा मोर्चा की स्थिति ऐसी कि सभी जिलाध्यक्षों को अपनी मर्जी से आंदोलन करने के निर्देश दिए गए
रायपुर 10 मई 2022। छत्तीसगढ़ में भाजपा के सबसे महत्वपूर्ण यूथ विंग की स्थिति ऐसी है कि कार्यकारिणी बनने के करीब डेढ़ साल में एक भी बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं कर पाए। अब तक तीन कार्यसमिति बैठकें हुईं, जिसमें जो भी एजेंडे तय किए गए हैं, वे अधूरे हैं, या शुरू ही नहीं हो पाए। यही स्थिति रिक्त पदों पर नियुक्ति की भी है, जबकि छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने बची हुई नियुक्तियां जल्द करने के निर्देश दिए थे। इन सब परिस्थितियों के कारण ऐसी स्थिति बन गई है, जिसे देखते हुए हाल ही में हुई बैठक में सभी जिलाध्यक्षों को कहना पड़ा कि वे अपने स्तर पर आंदोलन कर सकते हैं, जिससे लोगों के बीच एक्टिविटी दिखे।
प्रभारियों ने भी हाथ खड़े किए
युवा मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू के साथ समन्वय में कमी होने के कारण ऐसी स्थिति बन रही है। यहां तक कि युवा मोर्चा प्रभारी अनुराग सिंहदेव और सह प्रभारी ओपी चौधरी ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। युवा मोर्चा में नियुक्तियों से लेकर आंदोलन की रणनीति बनाने तक में समन्वय की कमी सामने आई है। यही वजह है कि पीएससी में गड़बड़ी के विरोध में कलेक्ट्रेट घेराव, बेरोजगारों से बेरोजगारी फॉर्म भरवाने, बेरोजगार टेंट लगवाने जैसी सारी योजनाएं ज्यादातर जिलों में शुरू ही नहीं हो पाई।
विपक्ष के बाद भी हर काम पूछकर
भाजयुमो के पदाधिकारियों का यह भी कहना है कि विपक्ष में होने के बाद भी हर तरह के आंदोलन-प्रदर्शन के लिए अनुमति लेनी होती है। इसमें भाजयुमो ही नहीं, बल्कि प्रदेश संगठन की ओर से भी अच्छा रवैया देखने को नहीं मिलता। इन सब कारणों से भाजयुमो में आंतरिक गुटबाजी शुरू हो गई है। कई ऐसे मौके भी आए हैं, जबकि राष्ट्रीय मंत्री रवि भगत और राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य गुंजन प्रजापति को खबर भी नहीं दी गई। इन सब मामलों की छत्तीसगढ़ प्रभारी तक शिकायत भी होने की बातें सामने आई हैं। यही वजह है कि पुरंदेश्वरी ने प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू को जमकर फटकार लगाई थी। वहीं, दोनों दोनों प्रभारियों से भी बेहतर सुपरविजन नहीं कर पाने के कारण जवाब-तलब किया गया था।