क्या है डॉप्लर रडार? जिससे दरभंगा सहित 10 से ज्यादा जिलों को मिलेगा लाभ
Darbhanga Doppler Radar: केंद्र सरकार 340 करोड़ से 14 डॉप्लर रडार लगाएगी। एक डॉप्लर रडार दरभंगा में लगेगा।कैसे काम करता है डॉप्लर रडार, यहां जानते हैं।
What Is Doppler Radar: मौसम विज्ञान विभाग देश में मौसम निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने को नए डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने जा रहा। इस योजना के तहत बिहार से सिर्फ दरभंगा को चुना गया है। केंद्र सरकार इस योजना पर 340 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे देशभर में 14 डॉप्लर रडार लगाए जाएंगे। दरभंगा में डॉप्लर रडार लगने से उत्तर बिहार के जिलों के लोगों को मौसम की सटीक जानकारी मिलने की संभावना है।
डॉप्लर रडार क्या है, ये कैसे काम करता है?
डॉप्लर रडार खास तरह का रडार सिस्टम है। जो वायुमंडल में हवा और वर्षा की गति को मापने के लिए काम करता है। यह रडार सिस्टम मौसम के मिजाज की निगरानी करने में अहम योगदान देता है। अधिकारियों के मुताबिक डॉप्लर रडार में उन्नत सी-बैंड और एक्स-बैंड डॉप्लर रडार शामिल हैं। ये रडार सिस्टम 250 से 400 किमी के दायरे में मौसम के मिजाज की निगरानी करने में सक्षम हैं। एक बार चालू होने के बाद दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सहरसा सहित पूरे मिथिला और कोसी क्षेत्रों के लिए समय पर और सटीक अपडेट देगा।
मिथिला में हैं ये जिले
बता दें कि मिथिला क्षेत्र में दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज जिले हैं। जबकि कोसी में सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले हैं।
प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में मिलेगी मदद
इस प्रणाली से भारी बारिश, चक्रवात, ओलावृष्टि और वज्रपात जैसी चरम मौसम घटनाओं की पूर्व चेतावनी जारी करना आसान होगा। खासकर मानसून में यह तकनीक जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर पूर्वानुमान क्षमता से आपदा प्रबंधन और किसानों को समय रहते तैयारी का मौका मिलेगा। इससे आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकेगा।
सांसद ने जताया आभार
सांसद गोपालजी ठाकुर ने जताया आभार दरभंगा को इस परियोजना के लिए चुने जाने पर दरभंगा सांसद और लोकसभा में भाजपा के सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। मंत्री को मिथिला की पारंपरिक पाग, चादर और मखाने की माला पहनाकर सम्मानित किया।