Patna News : कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण से जीना हुआ मुहाल, 521 इलाके डेंजर जोन घोषित, बहरापन और हाई बीपी का बढ़ा खतरा
Patna Noise Pollution : पटना की सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण अब सिर्फ असुविधा नहीं, स्वास्थ और कानून दोनों के लिए सिर दर्द बन चुका है. बिहार राज्य प्रदूषण बोर्ड के हाल के सर्वे में जो खुलासे हुए हैं, वो हैरान करने वाले हैं हालत यह है कि पटना के वीआईपी इलाकों में अब औद्योगिक क्षेत्रों से भी ज्यादा शोर हो रहा है.
Patna News : कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण से जीना हुआ मुहाल, 521 इलाके डेंजर जोन घोषित, बहरापन और हाई बीपी का बढ़ा खतरा
Patna Noise Pollution : पटना : पटना में जीना मुहाल होता जा रहा हैं ध्वनि प्रदूषण लगातार गंभीर रूप ले रहा है. बिहार राज्य प्रदूषण बोर्ड के हाल के सर्वे में जो खुलासे हुए हैं वो बेहद हैरान करने वाले हैं शहर के मार्केट और भीड़भाड़ वाले 950 स्थानों पर सर्वे किया गया जिसमें 521 स्पॉट पर 75 डेसिबल से अधिक शोर -शराबा रिकॉर्ड किया गया जो तय सीमा से बहुत ज्यादा है.
बोरिंग रोड, कंकड़बाग, राजापुर पुल और पटना जंक्शन जैसे मुख्य इलाकों में शोर का लेवल 80 डेसिबल से ज्यादा मिला है, जो कि फैक्ट्रियों वाले इलाकों में होने वाले शोर के बराबर है.
चौराहों पर सबसे ज्यादा शोर
बोर्ड के रिपोर्ट के अनुसार शहर के मुख्य चौराहों और ट्रैफिक सिंग्नल पर स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है राजापुर पुल पटना जंक्शन और बोरिंग रोड जैसे इलाकों में शोर लेवल 80 डेसिबल से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया यहां तक कि रहने वाले इलाकों और ऑफिसों में भी शोर का लेवल 77.79 डेसिबल मिला है, जो तय सरकारी लिमिट से कहीं ज्यादा है.
जहाँ सबसे ज़्यादा हॉर्न बजते हैं वहाँ शोर 110 डेसिबल
परिवहन विभाग की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पटना के 7 मुख्य जगह जहा सबसे ज्यादा हॉर्न बजते हैं वहा का प्रदुषण स्तर 110 डेसिबल तक पहुंच गया हैं जो की यह वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की बताई गई सीमा से बहुत ज़्यादा है गाड़ियों के इंजन की कानफोडू आवाज और बार-बार हॉर्न बजाना और डीजे, लाउडस्पीकर का ज्यादा उपयोग इसके प्रमुख कारण हैं सर्वे में शामिल हुएं लगभग 60 हजार लोगों का कहना है कि लगातार बजने वाले हॉर्न के शोर से जीना मुहाल हो गया हैं.
जानकारों का कहना है कि निरंतर कानफोडू आवाज के संपर्क में रहने से तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, नींद न आना और सुनाई कम देना जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. इससे बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा नुकसान हो रहा है, जिससे मानसिक तनाव और बहरेपन जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं.
हाईकोर्ट की सख्ती, थानों को मिला कड़ा आदेश
पटना हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को गंभीर मानते हुए SSP को सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी करने को कहा है. कोर्ट ने यह भी साफ कहा कि 112 डायल सेवा के माध्यम से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक शोर की शिकायतों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी और वही प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड को वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की डिटेल जानकारी दाखिल करने का आदेश दिया है.
प्रदूषण बोर्ड के अध्यक्ष डीके शुक्ला ने कहा कि बसंत पंचमी से अब तक 27 लोगों पर देर रात लाउडस्पीकर बजाने के लिए एक्शन लिया लिया जा चूका है और आगे भी ये करवाई जारी रहेगी.