शराब तस्करी का अजीबोगरीब तरीका...तरबूज में छिपाकर लाई जा रही थी शराब, बिहार पुलिस ने किया ऐसे खुलासा
Bihar News: छपरा में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के अनोखे तरीके का खुलासा किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने को तरबूज, फाइलों एवं नमक की बोरियों के बीच विदेशी शराब और बीयर की खेप छिपा रखी थी।
तरबूज में रखी शराब। इमेज-सोशल मीडिया
Bihar Liquor Smuggling: बिहार में शराब माफिया पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए रोज नए हथकंडे अपना रहे हैं। नया मामला छपरा का है। यहां उत्पाद विभाग की टीम ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में शराब की बड़ी खेप जब्त की है। तस्करों ने तरबूज, दफ्तरी फाइलों और रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले नमक की बोरियों को अपनी तस्करी का जरिया बना लिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में विभाग ने अवैध शराब और बीयर जब्त की। एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया।
सहायक आयुक्त उत्पाद (सारण) केशव झा ने बताया कि विभाग ने सोनपुर स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया था। एक ट्रेन की तलाशी ली गई, जिसमें रखे तरबूज और फाइलों के कार्टन संदिग्ध पाए गए। जब इनकी गहराई से जांच की गई तो अधिकारी दंग रह गए। तरबूजों और कार्टन में छिपाकर रखी गई 31.650 लीटर विदेशी शराब और बीयर बरामद की गई।
नमक की बोरियों के नीचे नशे की खेप
शराब के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई पिकअप वैन में हुई। पहली नजर में यह गाड़ी नमक की बोरियों से लदा लग रहा था। मगर, सघन तलाशी में नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर रखी 1560 लीटर विदेशी शराब मिली। तस्करों का मानना था कि नमक की वजह से गंध नहीं आएगी। पुलिस चेकिंग से बच जाएगी, मगर विभाग की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। इससे पहले शराब तस्करी के फिल्म पुष्पा के स्टाइल का खुलासा हुआ था।
तस्कर गिरफ्तार
पिकअप वैन से शराब की बरामदगी के साथ पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि शराब की यह इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और छपरा में इसे किन ठिकानों पर आपूर्ति की जानी थी। कई बार प्याज की बोरियों से शराब जब्त हुई है।
कुल 1592 लीटर शराब जब्त
उत्पाद विभाग के मुताबिक दोनों कार्रवाइयों में कुल मिलाकर 1592 लीटर शराब जब्त की गई है। अधिकारियों का कहना है कि एंबुलेंस और पेट्रोल टैंक के बाद अब फलों और नमक का इस्तेमाल तस्करों की हताशा को दर्शाता है। जिले के सभी प्रवेश मार्ग और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी और अधिक कड़ी कर दी गई है।