फिर पलट गए नीतीश? नए सीएम को लेकर फंसा पेच, हरिवंश बने वजह
Bihar Politics : बिहार की राजनीति में फिर जदयू और बीजेपी में तनातनी दिख रही है। सबकुछ एक दिन के भीतर हुआ, जब जदयू से ठुकराए गए हरिवंश नारायण सिंह को राष्ट्रपति ने तीसरी बार राज्यसभा के लिए मनोनीत कर दिया।
Bihar New Chief Minister Name: बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी पेच खत्म नहीं ले रहा है। हर दिन नया सवाल और इन सवालों से NDA नेतृत्व जूझ रहा है। एक महीने से कौन बनेगा मुख्यमंत्री, इस पर समीकरण घटाए-बढ़ाए जा रहे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब राज्यसभा की सदस्यता ले रहे थे, तब लगा बिहार के नए मुख्यमंत्री का काउंटडाउन शुरू हो गया है। मगर, उसी वक्त कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए, जिसने मामले में पेच फंसा दिया।
बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा यही नया पेच है। अब मांग है कि मुख्यमंत्री जदयू से होना चाहिए। कहा जा रहा कि जनता ने 2025 से 2030 तक नीतीश कुमार को बहुमत दिया था। ऐसे में जदयू का सीएम नहीं होगा तो जनता के मैंडेट का अपमान होगा। सूत्रों के मुताबिक जदयू में निशांत फोबिया हावी हो गया है। पार्टी शीर्ष नेताओं और युवा विधायकों ने माना है कि जनता के बहुमत का सम्मान करना होगा तो जदयू का यानी निशांत को ही सीएम बनाना होगा।
जदयू की दूसरी शर्त क्या?
दूसरी शर्त है कि बीजेपी का सीएम होगा तो विधानसभा अध्यक्ष, गृह, सामान्य प्रशासन जदयू के पास होगा। मतलब कुल मिलाकर अबकी सरकार का फॉर्मूला ही आगे भी चलेगा। सारी पावर किसी एक घटक दल के हाथ में नहीं होगी। इस पर सहमति बनने के बाद आगे की राह तय होगी।
हरिवंश नारायण के राज्यसभा जाने से भी जदयू नाराज
दरअसल, जदयू को इस बात का भी गुरेज है कि हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा भेजने का क्या तुक है। भेजना था तो इस बिंदु पर विचार-विमर्श क्यों नहीं किया गया? पार्टी की तमाम बैठकों से गायब रहने वाले हरिवंश नारायण को राज्यसभा भेजा गया। जबकि जदयू ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाला और BJP उन्हें राज्यसभा भेज दे रही है। बीजेपी उन्हें पुरस्कृत कर रही, जिन्होंने JDU के व्हिप के विरुद्ध जाकर अपनी मर्जी का किया। इन सबके बाद भी हरिवंश को राज्यसभा भेजकर बीजेपी आखिर क्या संदेश देना चाहती है?
बीजेपी पर प्रतिकूल प्रभाव
बीजेपी के सियासी गलियारे के अनुसार यह जब तक बयानों में चल रहा था, तब तक बीजेपी को लगा कि यह सब मिल-बैठकर तय हो जाएगा। मगर, जदयू नेतृत्व के कुछ सवालों से बीजेपी हतप्रभ है। नतीजा अब तक जो बात चल रही थी कि अगला सीएम बीजेपी से होगा, उस पर अब नए सिरे से विचार किए जाने तक की तैयारी है। कुल मिलाकर एक दिन में बहुत कुछ बदलता दिख रहा है।
बीजेपी की कोर कमिटी की बैठक टली
यही वजह रही कि दिल्ली में विनोद तावड़े के घर शुक्रवार शाम 6 बजे से होने वाली बीजेपी कोर कमिटी की बैठक स्थगित कर दी गई। उसके बाद सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत बीजेपी की कोर टीम के तमाम बड़े नेता पटना लौट गए। उधर, नीतीश कुमार को राज्यसभा की शपथ दिलाने के बाद विजय चौधरी जब पटना लौटे तो पत्रकार ने पूछा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस पर विजय चौधरी ने कहा कि सब हो जाएगा। नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ ली है, अब तो बिहार के मुख्यमंत्री जल्द तय हो जाएंगे। मगर, इसके साथ ही विजय चौधरी ने कहा कि शपथ लेने का मतलब सरकार बनाना थोड़े न हो जाता हैं। इसके लिए इस्तीफा देना जरूरी होता है।